बिहार में सोमवार को 2999 कोरोना मरीज मिले, पटना में रिकॉर्ड 1197 संक्रमित, 6 की मौत

राजस्थान में कोरोना.

राजस्थान में कोरोना.

सोमवार को भी बिहार में 2999 नए कोरोना संक्रमितों की पहचान की गई है. वहीं राज्य में कोरोना के 636 संक्रमित मरीज पिछले 24 घंटे में इलाज के बाद स्वस्थ हो गए, जबकि 6 संक्रमित मरीजों की इलाज के दौरान मौत हो गयी.

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पटना. बिहार ( Bihar) में कोरोना (Covid 19) के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. सोमवार को भी बिहार में 2999 नए कोरोना संक्रमितों की पहचान की गई है. वहीं राज्य में कोरोना के 636 संक्रमित मरीज पिछले 24 घंटे में इलाज के बाद स्वस्थ हो गए, जबकि 6 संक्रमित मरीजों की इलाज के दौरान मौत हो गयी. राज्य में कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या बढक़र 17052 हो गई, जबकि कोरोना संक्रमितों के स्वस्थ होने की दर 93.48 पर पहुंच गई है. पटना (Patna) सहित छह जिलों में सौ से अधिक नए संक्रमित मिले.

कोरोना को लेकर स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में कोरोना जांच अभियान के दौरान पटना में सर्वाधिक 1197 नए कोरोना संक्रमितों की पहचान की गई है,जबकि बेगूसराय में 102, भागलपुर में 161, गया में 184, मुजफ्फरपुर में 141 और समस्तीपुर में 116 नए कोरोना संक्रमितों की पहचान की गई. इनके अलावा भोजपुर में 61, बक्सर में 58, दरभंगा में 25, पूर्वी चंपारण में 36, गोपालगंज में 65, सुपौल में 14, जमुई में 12, जहानाबाद में 59, खगडिय़ा में 16, किशनगंज में 15, लखीसराय में 31, वैशाली में 37, मधेपुरा में 21, मधुबनी में 17, मुंगेर में 54, नालंदा में 91, नवादा में 12, पश्चिमी चंपारण में 29, पूर्णिया में 63 , रोहतास में 26, सहरसा में 75, सारण में 67, सीवान में 87 नए संक्रमित मिले हैं.

बिहार में अबतक कोरोनाकाल के दौरान 2 लाख 86 हजार 228 कोरोना संक्रमितों की पहचान की जा चुकी है और इनमें से 2 लाख 67 हजार 559 संक्रमित इलाज के बाद स्वस्थ हो चुके हैं. कोरोना संक्रमित 1616 मरीजों की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है.

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एएनएम और स्वास्थ्य कर्मियों पर बड़ी जिम्मेदारी

एएनएम और अन्य स्वास्थ्य कार्यकर्ता पॉजिटिव मरीजों की लिस्ट आते ही उनके घरों तक जाते हैं और संबंधित मरीज के घर को माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाते हैं. घर पर स्टिकर साटा जाता है, जिसमें जरूरी नंबर और कब-से-कब तक यह माइक्रो कंटेनमेंट जोन रहेगा, इसकी जानकारी लिखी होती है. घर में होम आइसोलेशन में रह रहे मरीज को दवा भी पहुंचाई जाती है. इसके बाद स्वास्थ्यकर्मियों की टीम संबंधित घर के आसपास रहने वालों से पूछताछ करती है कि उस मरीज के संपर्क में कौन-कौन आया था. संपर्क में आने वालों की लिस्ट बनाकर उनकी कोरोना जांच करवायी जाती है. दूरदराज के इलाकों में जाकर और तेजी से कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग के लिए जिले में 12-14 मोबाइल टीम भी बनाई गई है.
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