बिहार: कोरोना इलाज के नाम पर बनाया 6 लाख का बिल, पटना DM ने इस प्राइवेट हॉस्पिटल को किया सील
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बिहार: कोरोना इलाज के नाम पर बनाया 6 लाख का बिल, पटना DM ने इस प्राइवेट हॉस्पिटल को किया सील
कोरोना इलाज का 6 लाख का बिल देने वाला JDM अस्पताल हुआ सील

कोरोना संकट (Corona Crisis) में मोटी कमाई करने वाले जेडीएम अस्पताल ((JDM Hospital) ) पर पटना के जिलाधिकारी कुमार रवि (Patna DM Kumar Ravi) ने FIR का आदेश दिया था.

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  • Last Updated: August 21, 2020, 11:39 AM IST
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पटना. भारत में कोरोना संकट के शुरुआती दौर में ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने कहा था कि कोविड 19 (Covid 19) मानव जाति पर महासंकट है. लेकिन, इस मानवीय संकट को मौका में बदलकर कई अस्पताल मोटी कमाई कर रहे हैं. ऐसे ही एक प्राइवेट अस्पताल पर पटना जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए कंकड़बाग के जीडीएम अस्पताल को सील कर दिया है. फिलहाल इस अस्पताल में भर्ती मरीजों को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है. बता दें कि पटना के कंकड़बाग स्थित जेडीएम हॉस्पिटल (JDM Hospital) के खिलाफ वहां भर्ती कोरोना मरीज के परिजनों ने कच्चा बिल बनाकर 6 लाख रुपये वसूलने की कोशिश का आरोप है.

बता दें कि कोरोना मरीज के परिजनों ने कच्चा बिल बनाकर 6 लाख 43 हजार वसूलने की कोशिश की शिकायत पटना जिला प्रशासन से की थी. जांच में शिकायत सही मिलने पर पटना डीएम कुमार रवि के आदेश पर JDM प्राइवेट अस्पताल के एमडी समेत पांच लोगों पर कंकड़बाग थाना में एफाआईआर दर्ज की गई है. मामले की जांच के बाद प्रशासन ने अस्पताल को सील करने का आदेश दिया था.

इसी आरोप पर कार्रवाई के क्रम में  जेडीएम अस्पताल को प्रशासन गुरुवार की रात में सील कर दिया. बता दें कि जेडीएम में दो मरीज वेंटिलेटर पर थे, जिन्हें दूसरे प्राइवेट अस्पताल में भेज दिया गया है. इसके डायरेक्टर की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी भी की जा रही है.



पटना डीएम ने कहा है कि प्राइवेट अस्पतालों की लगातार मॉनिटरिंग चल रही है. जिला प्रशासन ने कहा है कि अनुचित, अवैध एवं मनमानी फीस रखने और मरीजों से जबरन फीस वसूली करने के आरोप में जेडीएम हॉस्पिटल, कंकड़बाग के डायरेक्टर सहित पांच व्यक्तियों पर कंकड़बाग थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है.
गौरतलब है कि पटना के जिलाधिकारी ने सभी प्राइवेट अस्पतालों को पक्का पुर्जा देने, उचित फीस रखने, खर्च की विवरणी स्पष्ट करने का निर्देश दिया है, जिससे मरीजों को दिक्कत न हो. डीएम ने सभी प्राइवेट अस्पतालों की निगरानी और निरीक्षण करके जांच रिपोर्ट देने के काम पर मजिस्ट्रेट को लगा दिया है.
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