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लीची नहीं AES का कुपोषण कनेक्शन: 289 में 61 बच्चे खाली पेट सोए थे!

लीची नहीं AES का कुपोषण कनेक्शन: 289 में 61 बच्चे खाली पेट सोए थे!

चमकी बुखार से ग्रसित बच्चा

चमकी बुखार से ग्रसित बच्चा

मुख्यमंत्री के आदेश पर मुजफ्फरपुर जिले के 14 प्रखंडों में यह सर्वे किया गया है. 289 पीड़ितों में 170 के घर शौचालय नहीं है. वहीं अभी 500 से अधिक परिवारों का सर्वे होना बाकी है.

    बिहार के मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार से हुई 160 से अधिक बच्चों की मौत पर बड़ा खुलासा हुआ है. रिपोर्ट के अनुसार जिस रात एक्यूट इन्सेफेलाइटिस सिंड्रोम यानि AES की चपेट में बच्चे आए, उन 289 बच्चों में 61 खाली पेट सोए थे. जाहिर है यह कुपोषण से जुड़ा एक बड़ा मामला है.

    14 प्रखंडों में किया गया सर्वे
    आपको बता दें कि मुख्यमंत्री के आदेश पर मुजफ्फरपुर जिले के 14 प्रखंडों में यह सर्वे किया गया है. इसके अनुसार बीमार बच्चों में से 136 बच्चों के परिजन ऐसे मिले हैं, जिन्हें मुफ्त एम्बुलेंस सेवा 102 की जानकारी नहीं है.

    170 घरों में शौचालय नहीं
    205 बच्चे ऐसे मिले, जो बीमार पड़ने से पूर्व धूप में खेलने गए थे. यह स्थिति तब रही जब पूरे साल जागरूकता अभियान का दावा किया जाता रहा. यही नहीं 289 पीड़ितों में 170 के घर शौचालय नहीं है.  वहीं अभी 500 से अधिक परिवारों का सर्वे होना बाकी है.

    सरकार करेगी विश्लेषण
    बता दें कि चमकी बुकार से प्रभावित इलाके में सामाजिक- आर्थिक और पर्यावरण सर्वे कराकर सरकार इसका विश्लेषण करना चाहती है कि इस बीमारी से बचाव के लिए प्राकृतिक और तकनीकी तौर पर क्या किया जा सकता है.

    चमकी बुखार से 168 की मौत
    गौरतलब है कि मुजफ्फरपुर और इसके आस-पास के इलाके में चमकी बुखार से अब तक 168 से अधिक बच्चों की मौत हो चुकी है. सिर्फ मुजफ्फरपुर जिले  में ही 133 बच्चे असमय काल के गाल में समा गए हैं. इसको लेकर बिहार सरकार को भी काफी सवालों का सामना करना पड़ा है.

    इनपुट- आनंद अमृतराज

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    Tags: Acute Encephalitis Syndrome (AES), Bihar News, Child death, Muzaffarpur news, PATNA NEWS, Sri Krishna Medical College and Hospital (SKMCH)

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