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डिप्टी CM सुशील मोदी का दावा, नोटबंदी से जनता खुश, विरोधी पस्‍त

Neel kamal | News18 Bihar
Updated: December 4, 2019, 5:40 PM IST
डिप्टी CM सुशील मोदी का दावा, नोटबंदी से जनता खुश, विरोधी पस्‍त
नोटबंदी के दौरान बिहार में जमा कराए गए 7 अरब 60 करोड़ रुपए.

डिप्टी सीएम सुशील मोदी (Deputy CM Sushil Modi) ने माना है कि वैश्विक मंदी (Global Recession) की वजह से जीडीपी (GDP) में गिरावट दर्ज की जा रही है, लेकिन भारत की अर्थव्यवस्था अगली तिमाही तक भी उबर सकती हैं. साथ ही उन्‍होंने नोटबंदी (Demonetisation) को कारगर कदम बताया है.

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पटना. बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी (Deputy CM Sushil Modi) का कहना है कि वैश्विक मंदी (Global Recession) की वजह से जीडीपी (GDP) में गिरावट दर्ज की जा रही है, लेकिन भारत की अर्थव्यवस्था इतनी मजबूत है कि हम इससे अगली तिमाही तक भी उबर सकते हैं. उन्होंने कहा कि 2016 में नोटबंदी की वजह से कांग्रेस-राजद (Congress-RJD) जैसे दलों के नेताओं को काफी कष्ट का सामना करना पड़ा है. इसलिए वो लोग कभी नोटबंदी की तारीफ नहीं करेंगे, लेकिन देश की जनता नोटबंदी (Demonetisation) से काफी खुश है. यही वजह है कि विरोधियों के विरोध के बावजूद देश की जनता ने ना सिर्फ कई राज्यों में भाजपा की सरकार बनायी बल्कि 2019 में नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) को दोबारा प्रधानमंत्री बनाकर देश की सत्ता सौंपने का काम किया.

पीएम के फैसल पर मोदी ने कही ये बात
सुशील मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नोटबंदी का फैसला कितनी सही था. इसका पता लोगों को भी मालूम चलने लगा है. उन्‍होंने कहा कि सिर्फ बिहार की बात करें तो 2016 में नोटबंदी के बाद 19 हजार ऐसे बैंक खाते चिन्हित किए गए, जिनमें दो लाख से अधिक की रकम डाली गयी थी. जबकि 19 सौ ऐसे खाते मिले जिनमें 2 करोड़ से उपर की राशि जमा की गई है. इन सभी खाताधारकों से आयकर विभाग ने जबाब मांगा है.

सुशील मोदी ने कहा कि ऐसे खाताधारकों ने अपने यहां काम करने वाले नौकर, दाई, ड्राइवर आदि के नाम से पैसे जमा कराए थे. आयकर विभाग द्वारा अब उनसे जवाब ना मिलने पर ना सिर्फ खाते सीज किए जाएंगे बल्कि उनसे जमा कालाधन की राशि भी वसूली जाएगी. साथ ही मोदी ने कहा कि अब नौकरियों में भ्रष्टाचार करने वालों को बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है. जबकि नोटबंदी के बाद देश में कैश ट्रांजक्शन में भी कमी आई है, क्‍योंकि अब ज्यादातर लोग कैश में खरीददारी करने के बजाए डिजिटल माध्यम से खरीददारी करने लगे हैं. उन्होंने आंकड़ा दिया कि 2016 में 91 करोड़ का डिजिटल ट्रांजक्शन बढ़ कर 2018 में 241 करोड़ हो गया है.

नोटबंदी की वजह से हुआ ये काम
बिहार के उपमुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि ये नोटबंदी का ही असर है कि स्विस बैंक ने भारत सरकार को उन सभी भारतीयों के खाते के साझा किए हैं, जिनके अकाउंट स्विजरलैंड की बैंकों में थे या फिर नोटबंदी के दौरान जिनमें ट्रांजक्शन किया गया था. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की सरकार में दुनिया के 190 देशों में व्यापार की सुगमता के मामले में, जहां 2014 में अपना देश 142वें स्थान पर था. अब भारत 79 अंकों के सुधार के साथ 2019 में 63वें स्थान पर पहुंच गया है. सुशील मोदी ने बताया कि नोटबंदी के बाद देश में जहां 3 लाख 38 हजार फर्जी और निष्क्रिय कंपनी का निबंधन रद्द किया गया. वहीं बिहार में भी इस दौरान 5,913 फर्जी कंपनियों का रजिस्ट्रेशन रद्द किया गया. इनमें से बड़ी संख्या में ऐसी कंपनियां थीं, जो कालेधन को सफेद करने का गोरखधंधा और घोटाले को अंजाम दे रही थीं.

GST से बिहार को हुआ फायदा
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बिहार सरकार के वित्त विभाग को संभालने वाले डिप्टी सीएम ने यह भी बताया कि जीएसटी के पूर्व बिहार में 1 लाख 59 हजार 721 डीलर निबंधित थे, लेकिन GST लागू होने और निबंधन प्रक्रिया के सरलीकरण की वजह से ढ़ाई वर्ष में 2 लाख 72 हजार नये निबंधन से संदेह भी होता है. सुशील मोदी ने बताया कि 90 हजार 626 ऐसे करदाता पाए गये जिन्होंने छह महीने से अधिक तक रिटर्न दाखिल नहीं किया. जबकि 7 हजार 3 सौ 68 फेक कारोबारियों का निबंधन रद्द किया गया. सुशील मोदी का मानना है वैश्विक मंदी की वजह से चीन जैसे देश की जीडीपी घट रही है, लेकिन भारत की अर्थव्यवस्था इतनी मजबूत है कि हम अगली तिमाही तक बेहतर हो सकते हैं. उन्होंंने कहा कि 2012 में भी अर्थशास्त्री प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के सरकार के दौरान भी जीडीपी घटकर साढ़े चार प्रतिशत पर आ गयी थी.

बहरहाल, अगर सुशील कुमार मोदी की मानें तो जिन 19 हजार खाते में नोटबंदी के दौरान पैसे डाले गये थे. अगर प्रत्येक खाते में दो लाख ही मान लिए जाएं तो तीन अरब अस्सी करोड़ रुपए. 1900 खाते में से प्रत्येक खाते में दो करोड़ ही मान लिए जाएं तो इसमें भी 3 अरब 80 करोड़ रुपये की राशि मिलती है. यानी सिर्फ बिहार में नोटबंदी के दौरान 20 हजार 900 बैंक खाते में 7 अरब 60 करोड़ रुपए से अधिक जमा किए गए. यह लोग अब जांच के दायरे में ही नहीं बल्कि उन खाताधारकों से जवाब तलब किया जा रहा है.

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First published: December 4, 2019, 5:40 PM IST
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