Patna : नगर निगम के 8000 सफाई कर्मचारियों ने किया बेमियादी हड़ताल का एलान
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Patna : नगर निगम के 8000 सफाई कर्मचारियों ने किया बेमियादी हड़ताल का एलान
स्थायी करने की मांग को लेकर बेमियादी हड़ताल की घोषणा.

चंद्र प्रकाश सिंह ने कहा कि कोरोना के विकट परिस्थितियों में भी नगर निगम के सफाई कर्मचारियों ने वॉरियर की तरह काम किया. पर उनके हित की सुनवाई करने वाला कोई नहीं.

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  • Last Updated: September 9, 2020, 8:48 PM IST
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पटना. पटना नगर निगम (Patna Municipal Corporation) के अधिकारियों और सफाई कर्मचारियों (Cleaning staff) के बीच आपसी तकरार खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. पटना नगर निगम के चतुर्थवर्गीय दैनिक कर्मचारियों ने एकबार फिर अनिश्चितकालीन हड़ताल (Indefinite strike) पर जाने का एलान किया है. दैनिक भोगी चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों ने अपनी नियुक्ति स्थायी करने की मांग को लेकर हड़ताल करने का एलान किया है.

पिछली बार भी किया था वादा, लेकिन पूरा नहीं किया

चतुर्थवर्गीय कर्मचारी समन्वय समिति की तरफ से हड़ताल का एलान समिति के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश सिंह ने किया. इस एलान के साथ ही उन्होंने कहा कि अपनी मांगों के समर्थन में इसी साल फरवरी में नगर निगम कर्मचारियों ने हड़ताल की थी. उसके बाद नगर निगम ने आश्वासन दिया था कि जल्द कर्मचारियों की नियुक्ति स्थायी की जाएगी. नगर निगम के कर्मचारियों ने अफसरों के बयान पर भरोसा कर हड़ताल खत्म कर दी थी. पर अबतक कोई कार्रवाई नहीं की गई. अब भी आलम यह है कि बार-बार नई तारीख के आने के बाद इन कर्मचारियों को हटाने का फरमान जारी किया जाता है. चंद्र प्रकाश सिंह ने कहा कि कोरोना के विकट परिस्थितियों में भी नगर निगम के सफाई कर्मचारियों ने वॉरियर की तरह काम किया. उन्होंने इस संक्रमण की चिंता नहीं की. शहर को साफ रखने में जुटे रहे. पर उनके हित की सुनवाई करने वाला कोई नहीं. नगर निगम पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि आउटसोर्सिंग के जरिये सिर्फ पैसे की उगाही की जा रही है. ऐसे समय में अगर दैनिक कर्मचारियों को स्थायी करने के फैसला नहीं होता है, तो यह हड़ताल चलती रहेगी.



पटना की सफाई व्यवस्था हो सकती है ठप
कल से 8 हजार की संख्या में काम करने वाले चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से शहर की सफाई व्यवस्था ठप हो सकती है. शहर की सफाई की पूरी जिम्मेदारी इन्हीं दैनिक भोगी कर्मचारियों के कन्धों पर टिकी हुई है. इसी साल फरवरी में हुए व्यापक हड़ताल में पूरा शहर कूड़े में तब्दील हो गया था. देखने वाली बात है कि नगर निगम हड़ताल को रोकने के लिए कौन-सा कदम उठाता है.
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