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बिहार में सभी आशा कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन देगी नीतीश सरकार, ये है वजह 

Neel kamal | News18 Bihar
Updated: February 14, 2020, 10:05 AM IST
बिहार में सभी आशा कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन देगी नीतीश सरकार, ये है वजह 
बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने बताया कि बिहार में आंगनबाड़ी सेविकाओं के बाद अब आशा कार्यकर्ताओं को भी स्मार्ट फोन

महिला और बाल विकास प्रक्षेत्र के लोगों के साथ बैठक के बाद डिप्टी सीएम सुशील मोदी (Sushil Kumar Modi) ने बताया कि पहले आंगनबाड़ी सेविकाओं को 8.2 किलोग्राम के 11 रजिस्टर का संधारण (Maintenance) करना पड़ता था, लेकिन अब वो स्मार्टफोन के जरिए डाटा संग्रह कर लेती हैं

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  • Last Updated: February 14, 2020, 10:05 AM IST
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पटना. बजट से पहले परिचर्चा में बिहार (Bihar) के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी (Sushil Kumar Modi) ने ऐलान किया कि राज्य की एक लाख 762 आंगनबाड़ी सेविकाओं को स्मार्टफोन (Smart Phone) दिया गया है. अब सरकार ने सभी आशा कार्यकर्ताओं को भी स्मार्ट फोन देने का निर्णय लिया है. गुरुवार को महिला और बाल विकास प्रक्षेत्र के लोगों के साथ बैठक के बाद सुशील मोदी ने बताया कि पहले आंगनबाड़ी सेविकाओं को 8.2 किलोग्राम के 11 रजिस्टर का संधारण (Maintenance) करना पड़ता था, लेकिन अब वो स्मार्टफोन के जरिए डाटा संग्रह कर लेती हैं.

डिप्टी सीएम ने कहा कि इसके जरिये वो पूरक पोषाहार, स्कूल पूर्व अनौपचारिक शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य शिक्षा, टीकाकरण और स्वास्थ्य जांच आदि सेवाएं निबंधित 1.43 करोड़ परिवारों के 1.25 करोड़ बच्चों और गर्भवती महिलाओं को दे रही हैं. बैठक को स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने भी संबोधित किया. उन्होंने कहा कि 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा पर आंगनबाड़ी केंद्रों में पूरक पोषाहार पर राज्य और केंद्र सरकार पहले से खर्च कर रही है. अब इसके अलावे 664 करोड़ तथा प्रति लाभार्थी तीन रुपये अतिरिक्त मिलेगा.

किशोर-किशोरियों को कमान
सुशील मोदी ने कहा कि बाल विवाह और दहेज उन्मूलन अभियान के तहत राज्य की प्रत्येक पंचायत में पिछले महीने तक तीन किशोरी और एक किशोर के 31, 929 समूहों का गठन कर लिया गया है. बाल विवाह को लेकर सर्वाधिक संवेदनशील महादलित टोलों के किशोर-किशोरियों को इस अभियान की कमान सौंपी गई है. बाल विवाह मुक्त पंचायत की कार्ययोजना तैयार की जा रही है.

PM मातृ वंदना योजना
सुशील मोदी ने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण में सुधार के लिए PFMS पोर्टल के जरिए तीन किस्तों में पांच हजार रुपये का भुगतान किया जा रहा है. इसके जरिये अब तक 10.20 लाख लाभुकों को लाभान्वित किया गया है.

परवरिश योजनापरिवार और अभिभावक विहीन बच्चों के पालन-पोषण के लिए 'परवरिश योजना' चलाई जा रही है. इसके तहत 0-18 वर्ष के 12,527 बच्चों को एक हजार रुपया प्रति माह की दर से आर्थिक सहायता अनुदान भत्ता दी जा रही है.

परिचर्चा में कौन हुए शामिल
बता दे कि इस परिचर्चा में महिला हेल्पलाइन, यूनिसेफ, मिलिंडा एंड बिल गेट्स फाउंडेशन, जेंडर रिसोर्स सेंटर, ट्रीपल सी एनजीओ शामिल हुए. इनके अलावा करीब दो दर्जन प्रतिभागियों ने अपने सुझाव दिए. बैठक में वित्त विभाग के प्रधान सचिव एस. सिद्धार्थ, समाज कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अतुल प्रसाद, महिला विकास निगम की एमडी श्रीमती एन. विजय लक्ष्मी, जीविका के सीईओ बाला मुरूगन सहित सहित अन्य वरीय अधिकारी मौजूद थे.

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First published: February 14, 2020, 8:01 AM IST
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