बिहार चुनाव परिणाम: कांग्रेस में घमासान के बीच विधायक दल की बैठक आज, HAM ने फिर दिया NDA में आने का ऑफर

स्थानीय कांग्रेस नेताओं का कहना है आत्ममंथन की ज़रूरत है.
स्थानीय कांग्रेस नेताओं का कहना है आत्ममंथन की ज़रूरत है.

कांग्रेस के सभी नवनिर्वाचित विधायकों को पटना बुलाया गया है और पार्टी के कार्यालय सदाकत आश्रम में विधायक दल की बैठक होगी. इस बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) और स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष अविनाश पांडेय (Avinash Pandey) भी शामिल होंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 13, 2020, 8:49 PM IST
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पटना. बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस (Congress) 19 सीटों पर सिमट गई और उसका प्रदर्शन बेहद खराब रहा. कांग्रेस इस बार 70 सीटों पर लड़ी और 27 प्रतिशत स्ट्राइक रेट के साथ ही वोट शेयर भी बेहद कम रहा. वहीं, महागठबधन (Mahagathbandhan) में शामिल वाम दलों ने महज 29 सीटों पर चुनाव लड़ा और 16 सीटों पर जीत हासिल की और उनका स्ट्राइक रेट 70 के पार रहा. यही नहीं कांग्रेस के खराब परफॉर्मेंस की वजह से ही महागठबंधन सरकार बनाने से चूक गई. इस पर जहां RJD के नेता कांग्रेस पर हमलावर हैं. वहीं, कांग्रेस के भीतर भी जोरदार हलचल है. पार्टी महासचिव तारिक अनवर (Tariq Anwar) ने कहा कि कांग्रेस के कमजोर प्रदर्शन के कारण ही महागठबंधन की सरकार नहीं बन पाई. उन्होंने कहा कि ऐसे में उनकी पार्टी को आत्मचिंतन करना चाहिए कि चूक कहां हुई. इस बीच, कहा जा रहा है कि कांग्रेस में टूट की भी आशंका है और उसके कुछ विधायक पाला बदल कर एनडीए (NDA) के खेमे में जा सकते हैं. इसी खतरे को देखते हुए पार्टी ने शुक्रवार को विधायक दल की बैठक बुलाई है.

बिहार कांग्रेस के प्रवक्ता राजेश राठौर ने बताया कि सभी नवनिर्वाचित विधायकों को पटना बुलाया गया है और पार्टी के कार्यालय सदाकत आश्रम में विधायक दल की बैठक होगी. इस बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष अविनाश पांडेय भी शामिल होंगे. मिली जानकारी के अनुसार, सभी विधायकों को पटना के अलग-अलग होटलों में ठहराया गया है और पार्टी नेतृत्व सभी विधायकों के संपर्क में है.





इस बीच सूत्रों ने बताया कि एकमात्र बक्सर के विधायक मुन्ना तिवारी शुक्रवार को पटना नहीं पहुंच सके हैं, क्योंकि वे विंध्याचल में हैं. पार्टी नेताओं का कहना है कि उम्मीद है कि शुक्रवार तक वे पटना पहुंचेंगे. बैठक के पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन झा भी पटना आ जाएंगे. बता दें कि गुरुवार को एनडीए के नेता और पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने कहा था कि कांग्रेस के विधायकों को सीएम नीतीश कुमार का साथ देना चाहिए, क्योंकि दोनों की विचारधारा एक है. जाहिर है इसके बाद कांग्रेस में हलचल और तेज हो गई और टूट की आशंका जताई जाने लगी है.
कांग्रेस के विधायकों पर हम पार्टी का शुक्रवार भी बड़ा बयान आया है. पार्टी के प्रवक्ता दानिश रिजवान ने कहा कि यदि कांग्रेस के विधायक बिहार का विकास चाहते हैं तो फिर पार्टी छोड़कर आएं और हमारा साथ दें. बिहार के विकास में हमारे कदम से कदम मिलाएं और एनडीए को मजबूत करें.

इस बीच कांग्रेस में टूट की चर्चा पर RJD नेता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि जनता ने जनादेश महागठबंधन को दिया है. कांग्रेस को लेकर कई तरह की चर्चा है और भ्रम फैलाया जा रहा है. कांग्रेस के विधायक एकजुट हैं. कांग्रेस में कोई टूट नहीं होने जा रही है.

गौरतलब है कि बिहार विधानसभा चुनाव में राजग 125 सीटें हासिल करके एक बार फिर से सरकार बनाने जा रहा है. राजद की अगुवाई वाले महागठबंधन को 110 सीटों से ही संतोष करना पड़ा. इस गठबंधन में 70 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस को सिर्फ 19 सीटों पर जीत मिली.
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