चुनाव परिणाम के बाद पहली बार बोले तेजस्वी- छल-कपट से बना रहे सरकार, नैतिकता हो तो कुर्सी छोड़ें नीतीश कुमार

चुनाव परिणाम के बाद पहली बार मीडिया से रूबरू होते हुए तेजस्वी यादव.
चुनाव परिणाम के बाद पहली बार मीडिया से रूबरू होते हुए तेजस्वी यादव.

तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने चुनाव आयोग (Election commission) की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए और कहा कि आयोग यह बताए कि कई बूथों पर पोस्टल बैलेटों की गिनती नियमों के विरुद्ध सबसे बाद में क्यों की गई?

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 12, 2020, 4:22 PM IST
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पटना. बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election 2020) के नतीजे आ चुके हैं. अब राजनीतिक दल सरकार गठन की कवायद में जुट गए हैं. एक तरफ चर्चा है कि दीपावली के बाद मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) मुख्‍यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं. वहीं, गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी (Rabri Devi) के आवास पर तेजस्‍वी यादव (Tejashwi Yadav) को राष्‍ट्रीय जनता दल विधायक दल (RJD Legislature Party) का नेता चुना गया. इसके बाद तेजस्वी को पार्टी विधायक दल के नेता साथ महागठबंधन के घटक दलों की सहमति से नेता प्रतिपक्ष भी चुन लिया गया है. इसके बाद तेजस्वी मीडिया से भी रूबरू हुए और एनडीए पर बिहार में छल-कपट और जोड़-तोड़ से सरकार बनाने का आरोप लगाया.

चुनाव आयोग से तेजस्वी ने सवाल पूछा कि रात के अंधेरे में EVM रखी हुई गाड़ी इधर उधर क्यों की जा रही थी. पोस्टल बैलेट की प्रक्रिया पहले होनी चाहिए थी, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ, आखिर क्यों?
तेजस्वी ने  मतदान केंद्रों की फुटेज वाली सीडी को सीलबंद कर रखने की आयोग से अपील की. उन्होंने कहा कि नियमानुसार 40 दिनों तक फुटेज और EVM को सुरक्षित रखना है. तेजस्वी ने कहा कि आश्चर्य हो रहा है कि बड़ी तादाद में पोस्टल बैलेट्स  को रद्द किया गया.

तेजस्वी ने सीएम नीतीश पर तंज कसते हुए कहा कि अब तक सामने नहीं आये हैं. ऐसा लगता है फिर से क्वारंटाइन हो गए हैं. तेजस्वी ने बिहार की जनता को धन्यवाद देते हुए कहा कि भले छल कपट से लोग सत्ता की कुर्सी पर बैठ जाएं, लेकिन लोगों ने हमें दिल में बिठाया है. इसके लिए जनता को धन्यवाद करता हूं. लगे हाथ तेजस्वी ने छोटे दलों को ऑफर देते हुए कहा, छोटे दल अगर जनता के जनादेश के साथ आना चाहते हैं तो हम सम्मान करेंगे. मेरा मानना है महागठबंधन ने 130 सीटें हासिल की हैं.
तेजस्वी ने कहा कि पूरे चुनाव में हमने मुद्दों को तरजीह दी और उसी पर बात की. शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, पलायन जैसे तमाम मुद्दे उठाए. हम लोगों ने सकारात्मक रूप से राजनीति की और जनता से जुड़े मुद्दों को उठाया. उन्होंने कहा कि हमें खुशी है कि जनता ने हमारा साथ दिया. मैं अभी भी कहना चाहता हूं कि देश के युवा, मजदूर, किसान, स्वयं सहायता समूह, जीविका दीदियों, आंगनबाड़ी सहायिकाओं और नियोजित शिक्षकों जैसे श्रमवीरों में आक्रोश है.



उन्होंने कहा कि आक्रोश इस बात का है एक तरफ धनबल चल रहा है और दूसरी तरफ जनबल का जोर है. एक तरफ देश के बहुत ही शक्तिशाली प्रधानमंत्री और एक बिहार के मुख्यमंत्री तमाम पूंजीपति मिलकर जोड़-तोड़ से इस 31 साल के नौजवान को रोकने में नाकाम रहे. जब यह हो न सका तो बीजेपी के प्रकोष्ठ  ने सब कुछ किया. फिर  भी राष्ट्रीय जनता दल को सिंगल लार्जेस्ट पार्टी होने से रोक नहीं पाए और महागठबंधन के सभी साथियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया.

तेजस्वी ने कहा कि अगर जनवरी तक व्यवस्था नहीं सुधरी तो हम लोग बड़ा आंदोलन करेंगे. कुछ लोग कह रहे हैं कि हम लोग रो रहे हैं, लेकिन हम लोग रोने वाले नहीं संघर्ष करने वाले लोग हैं. जनता के बीच रहने वाले लोग हैं और सबको साथ लेकर चलते हैं. जहां भी रहेंगे जनता की आवाज को बुलंद तरीके से उठाते रहेंगे.
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