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मुजफ्फरपुर में AES से तीन बच्चों की मौत से हड़कंप! अब घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगी आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता

बिहार में वापस लौटने वालों को अब क्वारंटीन नहीं करेगी 
नीतीश सरकार.

बिहार में वापस लौटने वालों को अब क्वारंटीन नहीं करेगी नीतीश सरकार.

सीएम नीतीश ने निर्देश दिया कि आशा और आंगनबाड़ी कर्मी घर-घर जाकर लोगों को यह जरूर बताएं कि AES के लक्ष्ण दिखने पर बच्चों को तुरंत अस्पताल ले जाएं. बीमारी के संबंध में लोगों को जागरूक करें.

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    पटना/मुजफ्फरपुर. कोरोना वायरस के संक्रमण (Corona virus infection) के खतरे के बीच एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम (AES) यानि चमकी बुखार का भी कहर शुरू हो गया है. दो दिन में ही मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच (SKMCH) में इलाज करवा रही अहियारपुर थाना क्षेत्र के रुसनपुर चक्की की निवासी दो जुड़वा बहनों की मौत हो गई. बीते साल 144 मौत हुई थी और इस वर्ष अभी नमी के वातावरण में ही इससे तीन की बच्चों की मौत हो चुकी है. जाहिर है सरकार इसको लेकर अलर्ट हो गई है. स्थिति गंभीर न हो और इसके रोकथाम के क्या उपाय किए जाएं इसको लेकर मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Chief Minister Nitish Kumar) ने इसकी जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए.

    आला अधिकारियों संग मीटिंग

    पटना के एक अणे मार्ग स्थित नेक संवाद में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये स्वास्थ्य विभाग और संबंधित जिलों के डीएम के साथ एईएस और जेई की रोकथाम को लेकर किये जा रहे कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा में सीएम नीतीश ने कहा कि जापानी इंसेफेलाइटिस (JE) का पूर्ण टीकाकरण कराएं.

    सीएम ने दिए कई निर्देश

    सीएम नीतीश ने निर्देश दिया कि आशा और आंगनबाड़ी कर्मी घर-घर जाकर लोगों को यह जरूर बताएं कि AES के लक्ष्ण दिखने पर बच्चों को तुरंत अस्पताल ले जाएं. बीमारी के संबंध में लोगों को जागरूक करें. बच्चों के माता-पिता को बताएं कि बच्चों को रात में सोने से पहले खाना जरूर खिलाना है.



    उन्होंने कहा कि विभाग आपस में समन्वय स्थापित कर एईएस और जेई की रोकथाम के लिए काम करें. मुजफ्फरपुर में पीआइसीयू जल्द शुरू हो और संबंधित जिलों में पैडियाट्रिक वार्ड पूरी तरह तैयार रहे.

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पतालों में डॉक्टर और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों का चौबीस घंटे मौजूद रहना आवश्यक है. अस्पतालों में पूरी साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता और अन्य सुविधाओं पर विशेष निगरानी रखी जाए.

    सीएम नीतीश ने कहा कि वायरस रिसर्च डायग्नोस्टिस लैब की सुविधा एसकेएमसीएच के अतिरिक्त अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में भी स्थापित की जाए.  एसओपी के अनुसार सारी व्यवस्था सुनिश्चित होनी चाहिए.

    मिड डे मील के तहत मिलेंगे दूध पाउडर

    उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग एईएस से ज्यादा प्रभावित मुजफ्फरपुर के पांच प्रखंडों में मध्याह्न भोजन योजना के तहत स्कूली बच्चों को 200 ग्राम दूध पाउडर उपलब्ध कराएं. बच्चों को अतिरिक्त पोषण के लिए न्यूट्रिशनल सोपर्ट डायट उपलब्ध कराए जाएं.

    ये जिले हैं सबसे अधिक प्रभावित

    वीडियो कांफ्रेंसिंग में स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने बताया कि बूढ़ी गंडक नदी से सटे जिलों में चमकी बुखार (AES) के मामले अधिक पाए जाते हैं. मुजफ्फरपुर में 60 प्रतिशत और बाकी 40 प्रतिशत केस अन्य 16 जिलों में मिलते हैं. गया के आसपास के जिलों में जापानी इंसेफेलाइटिस के मामले सामने आते हैं.

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