टिड्डियों के हमले को लेकर बिहार में भी हाई अलर्ट, यूपी से सटे इन दस जिलों में आक्रमण का खतरा
Aurangabad-Bihar News in Hindi

टिड्डियों के हमले को लेकर बिहार में भी हाई अलर्ट, यूपी से सटे इन दस जिलों में आक्रमण का खतरा
भारत में पाकिस्तान से आए टिड्डियों के झुंड ने फसलों को बर्बाद करना शुरू कर दिया है. ​ (प्रतीकात्मक तस्वीर)

टिड्डी दल के सम्भावित प्रकोप को देखते हुए उत्तर प्रदेश से सटे बिहार के 10 जिलों कैमूर, रोहतास, बक्सर, भोजपुर, गया, औरंगाबाद, सारण, सीवान, गोपालगंज एवं पश्चिमी चम्पारण में हाई अलर्ट जारी करते हुए आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.

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पटना. बिहार में टिड्डियों का हमला (Locust Attack) हो सकता है. इसको लेकर कृषि विभाग ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है. बिहार के 10 जिलों कैमूर, रोहतास, बक्सर, भोजपुर, गया, औरंगाबाद, सारण, सीवान, गोपालगंज एवं पश्चिमी चम्पारण में ये हाई अलर्ट जारी किया गया है. टिड्डी दल (Locust Squad) पहले ही किसानों के फसल को नुकसान पहुंचाकर कई राज्यों में तबाही मचा चुके हैं ऐसे में बिहार के किसानों को अलर्ट (Alert) रहने को कहा गया है और जैसे ही टिड्डियां दिखें उन्हें तुरंत कृषि विभाग को सूचित करने के निर्देश है. राज्य सरकार ने टिड्डियों को लेकर बिहार में अलर्ट जारी करने के साथ ही पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक लड़ाई लड़ने के लिए सर्वेक्षण दल भी तैयार कर लिया है.
 
कहां- कहां जारी हुआ है हाई अलर्ट 



कृषि मंत्री डाॅ. प्रेम कुमार ने कहा कि टिड्डी दल के सम्भावित प्रकोप को देखते हुए उत्तर प्रदेश से सटे बिहार के 10 जिलों कैमूर, रोहतास, बक्सर, भोजपुर, गया, औरंगाबाद, सारण, सीवान, गोपालगंज एवं पश्चिमी चम्पारण में हाई अलर्ट जारी करते हुए आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. इन जिलों के लगभग सभी पंचायतों में टिड्डी दल के सम्भावित आक्रमण से संबंधित चेतावनी और आवश्यक समाधान हेतु एडवाईजरी भी जारी कर दी गई है. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य से सटे बिहार के जिलों के पंचायतों में मॉक ड्रील भी की जा रही है और लगभग 24 पंचायतों में मॉक ड्रील सम्पन्न भी करा ली गई है.
 
पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक विभाग सचेत


प्रखण्ड और पंचायत स्तरों पर भी टिड्डी दल से संबंधित जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. चेतावनी और सावधानी से संबंधित लीफलेट/पम्पलेट भी बांटे गए है. जिला स्तर पर जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में जिलास्तरीय टिड्डी नियंत्रण समिति की बैठक हर हफ्ते के वृहस्पतिवार को  प्रखण्ड/पंचायत स्तर पर प्रत्येक सप्ताह के मंगलवार को कराई जा रही है. इस प्रकार, पंचायत स्तर से लेकर राज्य स्तर तक के पदाधिकारी एवं कर्मियों को एलर्ट मोड में रखा गया है.

किसान कैसे करें टिड्डियों से मुकाबला
कृषि मंत्री ने कहा कि पंचायत स्तर पर किसानों को टिड्डी दल के प्रकोप की दशा में एक साथ इकठ्ठा होकर ढोल-नगारों, टीन के डिब्बों, थालियों को बजाते हुए शोर मचाने का प्रशिक्षण भी दिया गया है, ताकि टिड्डी दल आस-पास के खेतों में आक्रमण नहीं कर पाये. सम्भावित प्रभावित क्षेत्रों के लिए कृषि रक्षा रसायनों, स्प्रेयर्स की व्यवस्था कर ली गई है.

सर्वेक्षण दल तैयार 
कृषि मंत्री प्रेम कुमार ने बताया कि टिड्डी दल के प्रकोप की दशा में अग्निशमन विभाग की भूमिका अधिक उपयोगी है, इसके लिए स्टैण्डवाई में अग्निशमन विभाग की गाड़ियां, ट्रैक्टर, माउण्टेड स्प्रेयर्स और विभागीय गाड़ियों की व्यवस्था जिला प्रशासन से समन्वय स्थापित कर की जा रही है. टिड्डी दल के सम्भावित आक्रमण को ध्यान में रखते हुए कृषि विज्ञान केन्द्रों के कृषि वैज्ञानिकों और भारत सरकार के एकीकृत नाशी जीव प्रबंधन केन्द्र के विशेषज्ञों से भी सहयोग लिया जा रहा है.
First published: June 7, 2020, 6:46 AM IST
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