किसानों के खाते में सीधे इनपुट अनुदान देगा कृषि विभाग, असमायिक बारिश से फसलों के नुकसान पर बिहार सरकार का फैसला
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किसानों के खाते में सीधे इनपुट अनुदान देगा कृषि विभाग, असमायिक बारिश से फसलों के नुकसान पर बिहार सरकार का फैसला
किसानों को सीधे बैंक खाते में कृषि इनपुट अनुदान देगा कृषि विभाग—डॉ प्रेम कुमार

कृषि मंत्री डाॅ प्रेम कुमार (Agriculture Minister Prem Kumar) ने कहा कि राज्य में कोरोना जैसी विपदा की घड़़ी में सरकार हमेशा किसानों के साथ खड़ी है एवं उन्हें हरसंभव सहायता करने के लिए कृतसंकल्पित है.

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पटना. कोरोना संकट (Corona Crisis) के समय बिहार सरकार लगातार किसानों को मदद पहुंचाने और कृषि के लिए हर तरह का बढ़ावा देने में लगी है. कृषि विभाग किसानों को बाजार उपलब्ध कराने से लेकर उनको घर बैठे फसलों के बीज तक मुहैया करा रही है. वहीं अब कृषि विभाग (Agriculture Department) असामयिक बारिश, आंधी, ओलावृष्टि से हुए नुकसान कि भारपाई के लिए किसानों के खाते में पैसे डालने जा रही है.  कृषि मंत्री प्रेम कुमार (Agriculture Minister Prem Kumar) ने कहा कि इस साल फरवरी और मार्च महीने में हुई असामयिक बारिश,आंधी,ओलावृष्टि कि वजह से जो फसल क्षति हुई है उसकी भरपाई के लिए अभी तक 12,35,532 किसानों के बैंक खाते में कृषि इनपुट अनुदान के रूप में 12,35,532 किसानों के बैंक खाते में 4, 17, 02, 55, 505 रूपये कृषि इनपुट अनुदान अंतरित 4, 17, 02, 55, 505 रूपये दिए गए हैं.

बारिश से आम, लीची, फूल, सब्जी के फसल को नुकसान
जिनमें फरवरी माह में हुई फसल क्षति के लिए 190747 किसानों के खाते में 55,84,79,119 रुपये और मार्च महीने में हुई फसल क्षति के लिए 10, 44, 785 किसानों के खाते में 3, 61, 17, 76, 386 रूपये शामिल हैं. उन्होंने कहा कि सरकार इस साल अप्रैल महिने में रबी मौसम असामयिक वर्षापात, ओलावृष्टि के कारण कृषि एवं बागवानी फसल जैसे आम, लीची, फूल, सब्जी, पान आदि की खेती को हुए क्षति की भरपाई हेतु कृषि इनपुट अनुदान के लिए 8,96,192 किसानों ने आवेदन किया है. इनकी जांच की जा रही है और शीघ्र ही किसानों के खाते में कृषि इनपुट अनुदान की राशि अंतरित की जायेगी.

कृषि मंत्री ने कहा कि अप्रैल महीने में असामयिक वर्षापात, ओलावृष्टि के कारण राज्य के 19 जिलों गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चम्पारण, पश्चिमी चम्पारण, समस्तीपुर, बेगूसराय, लखीसराय, खगड़िया, भागलपुर, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, सीतामढ़ी, शिवहर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णियाँ, किशनगंज और अररिया के 148 प्रखंडों में खाद्यान्न -बागवानी फसलों को क्षति हुई थी. सरकार इन क्षेत्रों के प्रभावित किसान को कृषि इनपुट अनुदान दिया जायेगा.
मार्च महीने में राज्य के 23 जिलों  पटना, नालंदा, भोजपुर, बक्सर, रोहतास, भभुआ, गया, जहानाबाद, अरवल, नवादा, औरंगाबाद, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, पश्चिमी चम्पारण, दरभंगा, समस्तीपुर, मुंगेर, शेखपुरा, लखीसराय, भागलपुर, बांका, मधेपुरा, किशनगंज के 196 प्रखण्डों में फसल क्षति हुई थी।  साथ ही, फरवरी महिने में राज्य के 11 जिले भागलपुर, जहानाबाद, कैमूर, पूर्वी चम्पारण, समस्तीपुर, वैशाली, बक्सर, गया, मुजफ्फरपुर, पटना और औरंगाबाद में असामयिक वर्षा,आँधी,ओलावृष्टि होने के कारण फसल क्षति हुई थी. इन जिलों के प्रभावित किसानों को भी कृषि इनपुट अनुदान दिया जा रहा है.



असिंचित फसल क्षेत्र और सिंचित क्षेत्र ​के लिए प्रति हेक्टेयर उनुदान 
प्रभावित जिलों के किसानों को कृषि इनपुट अनुदान वर्षाश्रित यानि असिंचित फसल क्षेत्र के लिए 6,800 रुपये प्रति हेक्टेयर, सिंचित क्षेत्र के लिए किसानों को 13,500 रूपये प्रति हेक्टेयर और शाश्वत फसल के लिए 18,000 रूपये प्रति हेक्टेयर की दर से यह अनुदान दिया जायेगा. अनुदान प्रति किसान अधिकतम दो हेक्टेयर के लिए ही दिया जाएगा. सरकार इस योजना के अंतर्गत किसानों को फसल क्षेत्र के लिए कम-से-कम 1,000 रूपये अनुदान दिया जायेगा.

डाॅ प्रेम कुमार ने कहा कि राज्य में कोरोना जैसी विपदा की घड़़ी में सरकार हमेशा किसानों के साथ खड़ी है एवं उन्हें हरसंभव सहायता करने के लिए कृतसंकल्पित है.

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