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नीतीश कुमार के कृषि रोडमैप पर सुधाकर सिंह ने उठाये सवाल, कहा- जांच करवाउंगा

बिहार के कृषि मंत्री सुधाकर सिंह ने एक बार फिर से अपनी ही सरकार पर सवाल उठाये हैं

बिहार के कृषि मंत्री सुधाकर सिंह ने एक बार फिर से अपनी ही सरकार पर सवाल उठाये हैं

बिहार के कृषि मंत्री सुधाकर सिंह मंत्रालय संभालने के बाद से ही लगातार अपने बयानों की वजह से सुर्खियों में रहे हैं. सुधा ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

बिहार के कृषि मंत्री सुधाकर सिंह ने तीन कृषि रोडमैप को बेकार बताया है
कृषि रोडमैप पर उनका बयान जदयू को नागवार गुजर रहा है
कृषि मंत्री विभाग के अधिकारियों और सरकार की नीतियों पर लगातार सवाल उठा रहे हैं

पटना. बिहार में किसानों की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है. कृषि मंत्री विभाग के अधिकारियों और सरकार की नीति पर सवाल उठा रहे हैं. इस बार कृषि मंत्री सुधाकर सिंह ने नीतीश कुमार के कृषि रोड मैप पर ही सवालिया निशान खड़ा करने हुए जांच कराने की बात कह दी है. बिहार में कम वर्षा होने के कारण किसान पहले से परेशान स्थिति सूखे की बनते जा रहे है. सरकार के द्वारा जो राहत पहुंचाई जा रहे हैं वह ना काफी है. इधर महागठबंधन की सरकार बनने के बाद सबसे ज्यादा सवाल खड़े कृषि विभाग पर ही खड़े हुए हैं .

कृषि मंत्री सुधाकर सिंह ने अपने ही विभाग के अधिकारियों पर पहले गंभीर आरोप लगाया और अब बिहार में लाए गए कृषि रोडमैप को भी बेकार बता रहे हैं. उन्होंने कहा कि पहला कृषि रोड मैप का बहुत छोटा बजट था और लक्ष्य छोटा था. कृषि रोड मैप 2 और 3 व्यापक पैमाने पर बनाए गए लेकिन उसमे यह नीति नहीं बनाई गई कि किसानों की आमदनी कैसे बढ़ेगी और उत्पादन कितना बढ़ेगा. इन चीजों का इस में जिक्र ही नही किया गया.

कृषि रोड मैप के आंकड़े चिंताजनक हैं. बिहार में वर्ष 2011 और 12 में खाद्यान्न का उत्पादन 1 करोड़ 77 टन था और वर्ष 2021- 22 में 1 करोड़ 76 लाख टन था. 1 लाख टन बिहार का पैदावार भी घट गया .जबकि 10 वर्षो में आबादी भी बढ़ी लेकिन उत्पादन नही बढ़ा. बिहार में वर्ष 2008 में पहला कृषि रोड मैप लगाया था जो 2012 तक के लिए था .उसके बाद 2012 में 2017 के लिए कृषि रोड मैप बनाया गया .और फिर 2017 से 2022 तक के लिए रोड मैप लाया गया जिसे कोरोना के कारण के साल के लिए बढ़ाया गया है .वर्ष 2017 से 22 में लाए गए तीसरे कृषि रोड मैप का बजा करीब 1 लाख 54 हजार करोड़ था.

अब इन तीनो कृषि रोड मैप पर कृषि मंत्री सवाल उठा रहे हैं. सुधाकर सिंह अपनी ही सरकार के कृषि रोडमैप पर सवालिया निशान खड़े कर रहे हैं. इतना ही नहीं सुधाकर सिंह बिहार के तीनों कृषि रोड मैप को जांच स्वतंत्र एजेंसी से कराने के तैयारी में हैं. उनका कहना है कि यह जानना जरुरी है कि आखिर कमियां कहां रह गईं. 2.5 लाख करोड़ से अधिक कृषि रोडमैप का बजट है इसलिए अगला रोडमैप जरूर बनेगा लेकिन पुरानी कमियों को दूर करते हुए इसे बनाया जायेगा.

कृषि मंत्री के सुधाकर सिंह के बयानों में पहले भी नीतीश कुमार की मुश्किलें बढ़ाई हैं और एक बार फिर जब कृषि रोडमैप पर उनका बयान आया है तो जदयू को नागवार गुजर रहा है. जदयू नेता नीरज कुमार ने इस मामले में कहा कि किसने क्या बयान दिया, मुझे पता नहीं लेकिन कृषि रोडमैप सिर्फ कृषि विभाग से जुड़ा हुआ नहीं है. क्षेत्र में बिहार में लाए गए कृषि रोडमैप का ही नतीजा है कि बिहार को कृषि कर्मण पुरस्कार मिला, 2018 में बेस्ट डेयरी का पुरस्कार मिला .

Tags: Bihar News, PATNA NEWS

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