covid-19 Update : पटना का एम्स पूरी तरह से Corona Positive मरीजों के लिए
Patna News in Hindi

covid-19 Update : पटना का एम्स पूरी तरह से Corona Positive मरीजों के लिए
पटना के एम्स में अब सिर्फ कोरोना पॉजिटिव मरीजों का इलाज होगा. (सांकेतिक फोटो)

बिहार के अपर सचिव कौशल किशोर के निर्देश में यह भी कहा गया है कि एम्स प्रशासन इसमें भर्ती सामान्य मरीजों की संख्या में कमी लाने की दिशा में अपने स्तर पर आवश्यक कार्रवाई किया जाना सुनिश्चित करेंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: July 10, 2020, 11:12 PM IST
  • Share this:
पटना. बिहार (Bihar) में कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण को देखते हुए कई ऐहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं. इसी क्रम में बिहार सरकार ने पटना के एम्स (All India Institute of Medical Sciences) को पूरी तरह से कोविड-19 हॉस्पिटल के रूप में घोषित कर दिया गया. यह जानकारी बिहार के स्वास्थ्य विभाग (Health Department) के ट्वीट से मिली. इस बारे में बिहार सरकार के अपर सचिव कौशल किशोर की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि पटना के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के चिकित्सा अधीक्षक से प्राप्त प्रस्ताव और अनुशंसा के आलोक में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान को डेडिकेटेड कोविड 19 अस्पताल के रूप में चिह्नित किया जाता है. अपर सचिव के निर्देश में यह भी कहा गया है कि एम्स प्रशासन इसमें भर्ती सामान्य मरीजों की संख्या में कमी लाने की दिशा में अपने स्तर पर आवश्यक कार्रवाई किया जाना सुनिश्चित करेंगे.

गौरतलब है कि बिहार में कोरोना संक्रमितों (Corona infected) की बढ़ती संख्या 14000 के पार पहुंच गई है. वहीं 109 से अधिक लोगों की मौत हो गई है. इसके बावजूद जांच की पूरी व्यवस्था व सही तरीके से इलाज नहीं होने के मामले पर पटना हाइ कोर्ट (patna high court) ने सुनवाई करते हुए केंद्र व राज्य सरकार से जवाब तलब किया है.


बता दें कि बिहार के पटना जिले में अब तक 1384 कोरोना संक्रमितों की पहचान हो चुकी है, जबकि बेगूसराय में 595, भागलपुर में 693, मधुबनी में 553 और सीवान 529 मरीज पाए गए हैं. इसके अलावा अन्य जिलों में भी संक्रमित मरीज हैं. बिहार में अब तक 2,75,554 नमूनों की जांच की जा चुकी है और कोरोना वायरस संक्रमित 9,792 मरीज ठीक हुए हैं. जबकि 109 लोगों की मौत हो चुकी है.



इस बीच, हाई कोर्ट में दाखिल दिनेश सिंह की जनहित याचिका पर चीफ जस्टिस संजय करोल के खंडपीठ ने सुनवाई की. याचिकाकर्ता के अधिवक्ता दीनू कुमार ने कोर्ट को बताया कि राज्य में कोरोना मरीजों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ने लगी है. पटना समेत कई जिलों में स्थिति बिगड़ने के बाद लॉकडाउन लगाया गया. राज्य सरकार ने कोरोना मरीजों के व्यापक जांच की व्यवस्था नहीं की. साथ ही सरकारी अस्पतालों में इलाज की पूरी व्यवस्था नहीं की गई है.

याचिकाकर्ता ने कोर्ट से कहा कि एक ओर जहां डॉक्टर, नर्सेज और स्वास्थ्यकर्मियों की पर्याप्त संख्या नहीं है, वहीं बेड, वेंटिलेटर, दवाओं व अन्य मेडिकल सामग्रियों की भी कमी है. अधिवक्ता ने यह भी बताया कि कोरोना संक्रमित के शवों को गंगा नदी में फेंक दिया जाता है. इस मामले पर अगली सुनवाई 24 जुलाई को की जाएगी. बता दें कि शुक्रवार के अपराह्न 3 बजे तक बिहार में 352 नए कोरोना मरीजों की पुष्टि हुई. इसके साथ ही संक्रमितों का आंकड़ा बढ़कर 14330 पहुंच गया. स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक नए मिले 352 मामलों में भागलपुर से सबसे अधिक 84 मामले मिले हैं तो वहीं पटना से 73 मामले मिले हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading