कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए पटना के सभी कोर्ट 12 मई तक बंद, वर्चुअल वर्क पर भी रोक

कोरोना चेन तोड़ने के लिए पटना के सभी कोर्ट 12 मई तक बंद

कोरोना चेन तोड़ने के लिए पटना के सभी कोर्ट 12 मई तक बंद

Patna Court Closing Notice: बिहार में कोरोना के मामले रोजाना बढ़ रहे हैं. इस बीमारी की वजह से राज्य सरकार ने कई तरह की पाबंदियां लगा रखी हैं जिनमें नाइट कर्फ्यू भी शामिल हैं.

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पटना. राज्य सरकार ने कोरोना संक्रमण (Bihar Corona Pandemic) के बढ़ते खतरे को देखते हुए सूबे में कई पाबंदिया लगा रखी हैं. राजधानी पटना में सबसे अधिक संक्रमित मरीज रोजाना पाए जा रहे हैं. जिले में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए अब न्यायालय ने भी अपने दरवाजे बंद कर लिए हैं. पटना के सभी सिविल कोर्ट (Patna Civil Court) और अनुमंडल कोर्ट में चल रहे न्यायिक कार्य 12 मई तक के लिए बंद कर दिए गए हैं.. 12 मई तक कोर्ट परिसर में एंट्री पर भी सशर्त रोक लगा दी गई है. यहां तक कि वर्चुअल न्यायिक कार्य पर भी ब्रेक लगा दिया गया है.

पटना जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनील दत्त मिश्रा ने जिले के सभी सिविल कोर्ट और अनुमंडल कोर्ट में चल रहे वर्चुअल न्यायिक कार्य भी बंद कर दिये हैं. अब फिलहाल किसी भी केस की सुनवाई नहीं हो पाएगी. इसके साथ कोर्ट परिसर में 3 मई से लेकर 12 मई तक प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई है. जारी आदेश में कहा गया है कि कोरोना चेन को तोड़ने के उद्देश्य से पटना उच्च न्यायालय से निर्देश प्राप्त कर अदालत को आज 3 मई से 12 मई तक के लिए बंद किया गया है. कोर्ट के मुख्य प्रवेश द्वार पर सुरक्षाकर्मियों पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया गया है.

आरोपितों को रिमांड पर लेने वाले मामले में नहीं है रोक

इस दौरान आपराधिक मामलों में गिरफ्तार आरोपितों को रिमांड पर लेने वाले मामले में रोक नहीं होगी लेकिन इसके अलावा सभी न्यायिक कार्यों पर फिलहाल रोक लगी रहेगी. जिला न्यायाधीश ने सभी न्यायिक पदाधिकारियों और कर्मियों को ये निर्देश दिया है कि वो अपने फोन नंबर को हमेशा खुला रखें ताकि अगर उनकी जरूरत महसूस की जाए तो वे उपलब्ध हो सकें.
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