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सहयोगी दलों ने राजद पर बढ़ाया दबाव, कार्तिकेय को मंत्री पद से हटाने का दिया सुझाव

सहयोगी दलों ने राजद पर बढ़ाया दबाव, कार्तिकेय को मंत्री पद से हटाने का दिया सुझाव

सहयोगी दलों ने सीएम नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव से कहा है कि ऐसे मंत्रियों से सरकार की छवि कमजोर पड़ती है.

सहयोगी दलों ने सीएम नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव से कहा है कि ऐसे मंत्रियों से सरकार की छवि कमजोर पड़ती है.

Bihar Updates: माले के राज्य सचिव कुणाल ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव से नवनियुक्त विधि मंत्री कार्तिकेय सिंह के मंत्री पद पर पुनर्विचार करने की मांग की है. उन्होंने कहा है कि ऐसे लोगों के मंत्री पद पर रहने से सरकार की छवि धूमिल होती है.

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हाइलाइट्स

राजद कोटे से विधि मंत्री बने कार्तिकेय कुमार के खिलाफ अपहरण का मामला सामने आया है.
16 अगस्त को शपथ ग्रहण के दिन उन्हें कोर्ट में हारिज होने की बात थी. पर वे हाजिर नहीं हुए.
कार्तिकेय के वकील ने बताया है कि मामला खत्म हो गया है. पुलिस ने क्लोजर रिपोर्ट सौंप दी है.

पटना. बिहार में सरकार बदलने के साथ ही सियासी घमासान छिड़ गया है. बिहार के विधि मंत्री कार्तिकेय कुमार पर मंत्री पद की शपथ लेने के 48 घंटों के भीतर ही इस्तीफा देने का दबाव बनना शुरू हो गया है. कार्तिकेय कुमार पर लगे आरोपों पर जहां बीजेपी हमलावर है, वहीं सहयोगी दल भाकपा माले ने भी सवाल खड़ा कर दिया है. भाकपा माले के राज्य सचिव कुणाल ने बयान जारी कर कहा कि कार्तिकेय कुमार के मंत्री पद को लेकर सरकार को फिर से विचार करना चाहिए.

माले के राज्य सचिव कुणाल ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव से नवनियुक्त विधि मंत्री कार्तिकेय सिंह के मंत्री पद पर पुनर्विचार करने की मांग की है. उन्होंने कहा है कि ऐसे लोगों के मंत्री पद पर रहने से सरकार की छवि धूमिल होती है. उन्होंने कहा कि इस आशय का पत्र मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को दिया जाएगा. कानून व्यवस्था की बेहतरी और न्याय की गारंटी को लेकर हमारी पार्टी प्रतिबद्ध है और जनता की उम्मीदों को लगातार मजबूती से उठाती रहेगी. इसके साथ ही भाजपा पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि इस मसले पर भाजपा को कुछ भी बोलने का नैतिक अधिकार नहीं है क्योंकि भाजपा के कई लोगों पर भी गंभीर आरोप हैं.

जीतन राम मांझी ने भी खड़े किए सवाल

विधि मंत्री कार्तिकेय कुमार पर हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) के सुप्रीमो जीतन राम मांझी ने भी सवाल खड़ा किया है. मांझी ने कहा कि शपथ लेने से पहले इस बात की जानकारी सरकार को नहीं रही होगी, तभी ऐसा हुआ. अन्यथा शपथ नहीं दिलाई जाती. खुद का उदाहरण देते हुए मांझी ने कहा कि उन पर सिर्फ FIR हुआ था जिसके बाद सवाल खड़े हुए थे और मैंने 8 घंटे के भीतर ही इस्तीफा सौंप दिया था.

कठघरे में विधि मंत्री कार्तिकेय

राष्ट्रीय जनता दल के कोटे से विधि मंत्री बने कार्तिकेय कुमार पर अपहरण का मामला सामने आने और इस मामले में वारंट जारी होने को लेकर सवाल खड़ा हो गया है. 16 अगस्त को जिस दिन शपथ ग्रहण करना था, उसी दिन उन्हें कोर्ट में हारिज होने की बात थी. पर कार्तिकेय हाजिर नहीं हुए. बीजेपी ने कहा कि जिसपर वारंट जारी हुआ हो और अपहरण जैसा गंभीर मामला दर्ज हो वह मंत्री कैसे बन सकता है. हालांकि कार्तिकेय कुमार ने अपने वकील के द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेस कर बताया है कि यह मामला खत्म हो गया है और पुलिस ने क्लोजर रिपोर्ट सौंप दी है.

Tags: Bihar Government, Bihar politics, Bihar rjd

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