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अयोध्या के राम मंदिर के साथ ही सीतामढ़ी में बनेगा माता सीता का जानकी मंदिर

जानकी की जन्मस्थली के रूप में विख्यात पुनौरा धाम में जानकी मंदिर बना हुआ है.

जानकी की जन्मस्थली के रूप में विख्यात पुनौरा धाम में जानकी मंदिर बना हुआ है.

अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर बनने की शुरुआत के बाद अब बिहार की सीतामढ़ी में सीता जी के जन्मस्थान पर भव्य जानकी मंदिर बनाने की कवायद शुरू हो गई है. योजना पर काम तेजी से चल रहा है. अगर सब कुछ सही रहा तो साल के आखिर में मंदिर निर्माण रफ्तार पकड़ लेगा.

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पटना. अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण कार्य शुरू होने के बाद अब बिहार में भी मां सीता की जन्मभूमि सीतामढ़ी में भव्य मंदिर के निर्माण का रास्ता खुल गया है. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कामेश्वर चौपाल ने इसका ऐलान किया है. कामेश्वर चौपाल कहते हैं कि भगवान राम के भव्य मंदिर के निर्माण के साथ ही बिहार के सीतामढ़ी में भव्य मंदिर निर्माण अभियान शुरू होगा और इसके लिए जानकी सखी नाम के संगठन का काफी तेजी से विस्तार हो रहा है. जानकी सखी संगठन बिहार के विभिन्न जिलों में पहुंचकर लोगों को सीता माता की जन्मभूमि सीतामढ़ी में मंदिर निर्माण को लेकर जागरूक करके अभियान चलाएंगे. कामेश्वर चौपाल कहते हैं कि जानकी सखी ने बिहार के कई जिलों में लोगों को जोड़ने का काम शुरू कर दिया है, जिसमें सीमांचल और मिथिलांचल शामिल है. बहुत जल्द इसका विस्तार पूरे बिहार में होगा और इस साल के आखिर तक संतों के साथ मिलकर सीतामढ़ी में भव्य जानकी मंदिर के निर्माण का स्वरूप तय होगा.

लौटेगा सीतामढ़ी का गौरव : आचार्य किशोर कुणाल

पटना के महावीर मंदिर के प्रमुख आचार्य किशोर कुणाल ने भी इसका खुलकर समर्थन किया है. उन्होंने कहा है कि यह काम तो पहले ही होना चाहिए था, क्योंकि माता सीता के बिना भगवान राम अधूरे हैं. उन्होंने कहा कि सीतामढ़ी की बेहद उपेक्षा हुई है. अब वक्त है कि राम मंदिर के निर्माण के साथ ही सीतामढ़ी में भी भव्य मंदिर का निर्माण शुरू हो, ताकि अयोध्या और सीतामढ़ी दुनिया के मानचित्र पर अध्यात्मिक नगरी के तौर पर स्थापित हो सके. किशोर कुणाल कहते हैं कि महावीर मंदिर की तरफ से अयोध्या में राम रसोई का संचालन हो रहा है, तो सीतामढ़ी में सीता रसोई का. यहां आने वाले श्रद्धालुओं को सीता रसोई से प्रसाद के तौर पर भोजन परोसा जाता है. उन्होंने कहा कि सीतामढ़ी में भव्य जानकी मंदिर का निर्माण होने से वह गौरव फिर से हासिल होगा, जो कहीं न कहीं भुला दिया गया है.

माता जानकी की जन्मभूमि है सीतामढ़ी

सीता-राम में अपनी आस्था रखने वालों के लिए उत्तर प्रदेश के अयोध्या की तरह सीतामढ़ी का भी खास महत्व का है. जानकी की जन्मस्थली के रूप में विख्यात पुनौरा धाम में जानकी मंदिर बना हुआ है. काफी समय से लोग इसे विकसित करने की मांग करते रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी रामायण सर्किट परियोजना के तहत राम व सीता से जुड़े उन सभी स्थलों व रास्तों को विकसित करने की योजना बनी, जहां वे दोनों गए थे और जो रामायण से जुड़ी पौराणिक कथाओं की वजह से विख्यात हैं.

2023 में बनकर तैयार हो जाएगा राममंदिर : कामेश्वर चौपाल

मां जानकी के मंदिर निर्माण के साथ श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कामेश्वर चौपाल ने यह भी दावा किया है कि वर्ष 2023 के अंत तक अयोध्या में प्रभु श्रीराम का मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा और गर्भ गृह में रामलला विराजमान हो जाएंगे. कामेश्वर चौपाल यह बताते हैं कि मंदिर निर्माण में बहुत तेजी लाई गई है और 24 घंटे काम चल रहा है. मंदिर निर्माण की नींव भराई के 44 लेयर में आधा काम पूरा हो चुका है. अक्टूबर महीने तक नींव भराई का काम पूरा हो जाएगा. उसके आगे के काम के लिए पत्थरों को तराशने से लेकर उसे मंदिर निर्माण स्थल तक पहुंचाने का काम जारी है. 36 महीने के अंदर मंदिर बनाने का लक्ष्य रखा गया था. कोरोना संक्रमण के कारण काम में बाधाएं आईं. उसके बावजूद 2023 तक मंदिर निर्माण का कार्य पूरा कर लिया जाएगा.

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