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अमित शाह ने CM नीतीश में फिर जताई आस्था, कहा- बिहार में नो कयासबाजी, नो कन्फ्यूजन!
Patna News in Hindi

News18 Bihar
Updated: January 17, 2020, 3:09 PM IST
अमित शाह ने CM नीतीश में फिर जताई आस्था, कहा- बिहार में नो कयासबाजी, नो कन्फ्यूजन!
बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने स्पष्ट कहा कि बिहार में सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए चुनाव लड़ेगा.

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह (Amit Shah) के ताजा बयान ने अविश्वास और असमंजस के बीच फंसी बिहार एनडीए की राजनीति (NDA Politics) को तमाम कयासबाजियों और बयानबाजियों के भंवर से निकाल दिया है

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पटना. केंद्रीय गृह मंत्री और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह (Amit shah) ने बिहार (Bihar) के वैशाली (Vaishali) में एक जनसभा को संबोधित करते हुए फिर स्पष्ट किया कि वर्ष 2020 में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election 2020) का नेतृत्व नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ही करेंगे और एनडीए पूरा एकजुट है. जाहिर है उनके इस एक बयान ने उन सारी कयासबाजियों को खत्म कर दिया है जिसमें जेडीयू और बीजेपी के बीच सीटों को लेकर खींचतान की खबरें आ रही थीं.

अमित शाह के बयान ने अविश्वास और असमंजस के बीच फंसी बिहार एनडीए की राजनीति (NDA Politics) को तमाम कयासबाजियों और बयानबाजियों के भंवर से निकाल दिया है. जानकारों की मानें बीजेपी ने मास्टरस्ट्रोक खेल दिया है.

नीतीश कुमार के नाम पर सारे कन्फ्यूजन खत्म
वरिष्ठ पत्रकार रवि उपाध्य्याय कहते हैं कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अपने बयान में कहा कि दोनों पार्टियों का गठबंधन 'अटूट' है, और जेडीयू-बीजेपी-एलजेपी चुनाव में एक साथ नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही उतरेंगी. इससे यह एकदम स्पष्ट है नीतीश कुमार न सिर्फ एनडीए का चेहरा हैं बल्कि बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व भी अभी यही चाहता है कि उनके नेतृत्व में ही विधानसभा चुनाव लड़ा जाए.



BJP-JDU में खींचतान की कयासबाजी खत्म
रवि उपाध्याय कहते हैं कि उनका ये बयान बीजेपी के संजय पासवान, सच्चिननंद राय और गिरिराज सिंह जैसे नेताओं के मुंह पर ताला लगाने का काम करेगा क्योंकि अमित शाह ने पिछले तीन महीने में तीसरी बार ये साफ किया है कि नीतीश कुमार ही एनडीए के नेता होंगे. शाह के बयान का सबसे ज्यादा असर दोनों दलों के कार्यकर्ताओं पर होगा क्योंकि उनके बीच असमंजस और भ्रम की स्थिति खत्म होगी.

बिहार में कयासबाजियों पर रोक लगी
दरअसल बिहार में बीते कई महीनों से अटकलों का बाजार गर्म था कि बीजेपी नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू से जुदा होकर विधानसभा चुनाव लड़ना चाहती है. कयास लगाए जा रहे थे कि केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, संजय पासवान और सच्चिदानंद राय जैसे नेताओं को इसी कारण आगे किया गया था ताकि दोनों ही पार्टियों के बीच दूरी बढ़े और मौका देखकर अलग हो जाया जाए. हालांकि अमित शाह के बयान से ये अटकलें निराधार निकलीं.

सुशील मोदी-नीतीश कुमार की जोड़ी पर विश्वास
अमित शाह के बयान ने बिहार में भारतीय जनता पार्टी के भीतर भी एक संदेश साफ कर दिया कि राज्य में सुशील मोदी अपने केंद्रीय नेतृत्व के अधिक करीब है. बता दें कि सुशील मोदी ने चार पहले घोषणा कर दी थी कि बिहार में एनडीए का चेहरा सीएम नीतीश कुमार ही होंगे. जाहिर है अब बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने फिर साफ कर दिया कि पार्टी नीतीश कुमार-सुशील मोदी की जोड़ी पर विश्वास करती है.

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First published: January 17, 2020, 2:12 PM IST
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