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बड़ी खबर: जेल में बंद आनंद मोहन ने कहा- अच्छा है मुझे गोली ही मरवा दीजिए, जानिए वजह

बड़ी खबर: जेल में बंद आनंद मोहन ने कहा- अच्छा है मुझे गोली ही मरवा दीजिए, जानिए वजह

14 सालों से जेल में बंद पूर्व सांसद आनंद मोहन कहा-अब कितना टॉर्चर कीजिएगा अगर हमारी जिंदगी से किसी को परेशानी है तो मुझे गोली मरवा दें.

14 सालों से जेल में बंद पूर्व सांसद आनंद मोहन कहा-अब कितना टॉर्चर कीजिएगा अगर हमारी जिंदगी से किसी को परेशानी है तो मुझे गोली मरवा दें.

Bihar: आनंद मोहन अपने सेल में मोबाइल रखने के आरोप में हुई छापेमारी से इतने नाराज और आहत हैं कि अब उन्होंने अजीब बयान देकर सबको चौंका दिया है. आनंद मोहन ने कहा है- 'इंतजार किस बात का हम छाती चौड़ा किए हुए हैं आइए और गोली मरवा दीजिए या नहीं तो जेल आपका है जहर खिलवा दीजिए'.

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पटना. पूर्व बाहुबली सांसद आनंद मोहन गोपालगंज जिले के तत्कालीन डीएम जी कृष्णैया (DM G Krishnaiah) के हत्या के आरोप में सहरसा जेल में बंद हैं. बीते दिनों आनंद मोहन अपने सेल में मोबाइल रखने के आरोप में हुई छापेमारी से इतने नाराज और आहत हैं कि अब उन्होंने अजीब बयान देकर सबको चौंका दिया है. आनंद मोहन (Anand Mohan) ने कहा है- ‘इंतजार किस बात का हम छाती चौड़ा किए हुए हैं आइए और गोली मरवा दीजिए या नहीं तो जेल आपका है जहर खिलवा दीजिए’. दरअसल बिहार में दो सीट पर हुए उपचुनाव (By Election) के दौरान सहरसा जेल में बंद आनंद मोहन के सेल में छापा मारा गया था और आरोप लगाया गया था कि आनंद मोहन के पास मोबाइल बरामद हुई थी जिससे वह तारापुर और कुशेश्वरस्थान में मतदाताओं को प्रभावित कर रहे थे. आनंद मोहन पर इस आरोप को लेकर मामला भी दर्ज किया गया है, जिससे आनंद मोहन बेहद नाराज हैं.

अब इधर आनंद मोहन ने भी जेल प्रशासन और राज्य सरकार (Bihar Government) पर आरोप लगाते हुये कहा है कि मैं जेल में बंद हूं, मेरे पास मोबाइल कैसे आ सकती है? साजिश के तहत हर चुनाव के वक्त ऐसा किया जाता है. 2020 विधान सभा चुनाव में मुझे सहरसा जेल (Saharsa Jail) से तबादला किया गया. संपूर्ण बिहार में कोई एक भी ऐसा मामला नहीं है जब किसी कैदी को एक जेल से दूसरे जेल में ट्रांसफर किया गया है, जिनके परिवार के लोग चुनाव लड़े उनके परिवार के लोग जुड़े हुए थे. जबकि उस वक्त कोविड की वजह से भी किसी कैदी को एक जेल से दूसरे जेल ट्रांसफर नहीं किया जा सकता था, जबकि मुझे किया गया.

जेल मैनुअल का नहीं किया गया पालन
आनंद मोहन का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का भी निर्देश था कि एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में जब तक मुकदमा चल रहा है तब तक उसे ट्रांसफर नहीं किया जा सकता है, लेकिन, मेरा ट्रांसफर किया गया. अगर तबादला कीजिएगा तो जेल मैनुअल कहता है कि मेडिकल चेकअप कीजिएगा लेकिन, मेरा मेडिकल कभी नहीं कराया गया. अगर आप तबादला करते भी है तो मुझे खबर कीजिएगा, लेकिन रात को 2:00 बजे मुझे ट्रांसफर किया गया और इसकी जानकारी तक पहले नहीं दी गयी. यहां तक की मेरे परिवार के किसी सदस्य को भी जानकारी नहीं दी गई.

आनंद मोहन को है जेल में हत्या का डर
आनंद मोहन के अनुसार जेल में जब उनके पास मोबाइल खोजने के लिए छापेमारी की गई, तब पुलिस के साथ-साथ मेडिकल टीम भी आई थी. आनंद मोहन ने कहा कि हम 14 वर्षों से जेल में है उसके पहले भी जेपी आंदोलन में हम जेल गए थे. 44 साल से जेल आते-जाते रहे हैं. आज तक नहीं देखा कि कभी कोई उच्च स्तरीय मेडिकल टीम भी छापेमारी के दौरान साथ रहती है. मुझे आशंका है कि छापेमारी के दौरान दर्जनों की संख्या में अनजान लोग पुलिस की ड्रेस में थे, हो सकता था कि मुझे मारने की कोशिश होती और जिसका मै विरोध करता और उसी दौरान मेरी हत्या हो जाती और तब CS से लिखवाया जाता कि आनंद मोहन की मौत स्वाभाविक तरीके से हुई है.

‘बच्चा-बच्चा जनता है मैं निर्दोष हूं’
आनंद मोहन ने कहा कि 14 साल 5 महीनों से हम जेल में है. सारा रिपोर्ट मेरे पक्ष में गया है. मैं निर्दोष हूं यह बच्चा-बच्चा जानता है. मैं माननीय मुख्यमंत्री जी से आग्रह करता हूं कि अगर मुझसे इतनी नफरत है तो अब कितना टॉर्चर कीजिएगा अगर हमारी जिंदगी से किसी को परेशानी है तो मुझे गोली मरवा दें.

Tags: Bihar News, CM Nitish Kumar, Crime News, Gopalganj news, PATNA NEWS

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