गिरिराज सिंह बोले- आस्था अगर आक्रोश में बदली तो हो जाएगा मंदिर निर्माण

News18 Bihar
Updated: January 10, 2019, 8:30 PM IST
गिरिराज सिंह बोले- आस्था अगर आक्रोश में बदली तो हो जाएगा मंदिर निर्माण
गिरिराज सिंह (फाइल फोटो)

केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि देश का दुर्भाग्य है कि भगवान राम का मामला कोर्ट में गया है. अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मुसलमान पहले से विरोध कर रहे हैं, अब अदालत भी मामले की सुनवाई में देरी कर रही है.

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राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई गुरुवार को एक बार फिर टल गई. अब इसकी अगली सुनवाई 29 जनवरी को होगी. दरअसल कोर्ट में सुनवाई शुरू होने के साथ ही सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील राजीव धवन ने पांच जजों की बेंच में जस्टिस यूयू ललित के होने पर सवाल उठाया. इसके बाद उन्होंने खुद को इस सुनवाई से अलग कर लिया. अब पांच जजों की बेंच में जस्टिस यूयू ललित की जगह अब नए जस्टिस का नाम तय होगा फिर इसकी सुनवाई शुरू होगी.

दरअसल इस मसले की सुनवाई के दिन कुछ न कुछ ऐसी बातें हो रही हैं जिससे अगली तारीख तक मामले को टालना पड़ जाता है. अब रोज ब रोज पड़ रही तारीख पर तारीख पर केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कोर्ट पर सवाल उठाए हैं.

उन्होंने कहा कि देश का दुर्भाग्य है कि भगवान राम का मामला कोर्ट में गया है. अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मुसलमान पहले से विरोध कर रहे हैं, अब कोर्ट भी मामले की सुनवाई में देरी कर रहा है. उन्होंने राजीव धवन द्वारा जस्टिस यूयू ललित पर सवाल उठाने पर कहा कि क्या राम मंदिर पर सुनवाई के लिए विदेश से जज बुलाए जाएंगे?

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केन्द्रीय मंत्री ने कहा, 'हिंदुओं की आस्था पर लगातार चोट की जा रही है, लेकिन जिस दिन हिंदुओं की आस्था आकोश में बदली उसी दिन मंदिर बन जाएगा. कोई हिंदुओं की आस्था और सहनशक्ति की परीक्षा ना ले.'

बता दें कि सुनवाई शुरू होते ही धवन ने कहा, 'मैं जस्टिस ललित को याद दिलाना चाहता हूं कि आप 1994 में पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के वकील रहे हैं. यह बाबरी केस से जुड़ा अवमानना का मामला था.'  इसके बाद जस्टिस ललित खुद ही केस से अलग हो गए.

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गौरतलब है कि पांच जजों की बेंच में चीफ जस्टिस गोगोई, जस्टिस एसए बोबड़े, जस्टिस एनवी रमण, जस्टिस यूयू ललित और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ शामिल थे, लेकिन अब यूयू ललित के इस बेंच से अलग होने के बाद अब नए जस्टिस के बेंच में आने के बाद फिर सुनवाई होगी.

इनपुट- नीलकमल

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First published: January 10, 2019, 5:04 PM IST
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