बिहार: 23 अगस्त से स्वास्थ्य व्यवस्था होगी ठप! हड़ताल पर जाएंगे करीब 20 हजार एनएचएमकर्मी
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बिहार: 23 अगस्त से स्वास्थ्य व्यवस्था होगी ठप! हड़ताल पर जाएंगे करीब 20 हजार एनएचएमकर्मी
एनएचएमकर्मियों के हड़ताल पर जाने के ऐलान के बाद बिहार में स्वास्थ्य सेवाएं ठप पड़ने की आशंका.

बिहार में 20 हजार एनएचएमकर्मियों (NHM personnel) के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाने से कोरोना वायरस के संक्रमण (Corona virus infection) से जूझ रहे बिहार में स्वास्थ्य सेवाएं ठप पड़ सकती हैं.

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पटना. बिहार के एनएचएमकर्मी (NHM personnel) राज्य सरकार के रवैये से बेहद आक्रोशित हैं और अब सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में 23 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल (Indefinite strike) पर जाने का एलान कर दिया है. बिहार राज्य स्वास्थ्य संविदा कर्मी संघ ने आरोप लगाते हुए कहा कि वर्षों से एनएचएमकर्मियों के साथ सरकार सौतेला व्यवहार कर रही है और झूठा आश्वासन दे रही है. बता दें कि राज्यभर में तकरीबन 20 हजार की संख्या में संविदा पर कार्यरत एनएचएम कर्मियों में हेल्थ मैनेजर, हॉस्पिटल मैनेजर, बीसीएम, डीसीएम, अकाउंटेंट समेत कई प्रकार के कर्मी हैं जो कि कोविड 19 के दौरान अस्पताल को सुचारू रूप से चलाने में योगदान देते आ रहे हैं. अब इनके हड़ताल पर जाने की घोषणा से स्वास्थ्य सेवाएं चरमाने की आशंका व्यक्त की जा रही है.

दरअसल एनएचएमकर्मियों की मुख्य रूप से 6 सूत्री मांगें हैं जिनमें आयुष चिकित्सक के तर्ज पर एनएचएमकर्मियों की वेतन वृद्धि, एनएचएमकर्मियों का प्रत्येक वर्ष 15 प्रतिशत वेतन वृद्धि राज्यांश मद से करने, एनएचएम कर्मियों की मृत्यु के बाद उनके आश्रितों को 25 लाख रुपये भुगतान करने, पब्लिक हेल्थ मैनेजमेंट कैडर का गठन करने, ईपीएफ का भुगतान करने, कोविड 19 में 1 माह का अतिरिक्त वेतन भुगतान करने और एनएचएम कर्मियों के तबादले पर सहमति देने की मांग है.

बता दें कि पिछले महीने भी एनएचएम कर्मियों ने हड़ताल पर जाने का अल्टीमेटम दिया था जिसके बाद आनन-फानन में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय और राज्य स्वास्थ्य समिति के ईडी मनोज कुमार ने 22 जुलाई को वार्ता कर आश्वासन देकर हड़ताल वापस करवाया था. मंत्री और अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि 1 महीने के भीतर कमिटी गठित कर सभी मांगे पूरी कर ली जाएंगी, लेकिन अब एक माह पूरे होने को हैं और विभाग के स्तर से कोई भी कार्रवाई नहीं हुई है. ऐसे में कर्मियों ने फिर से हड़ताल पर जाने का एलान कर दिया है.



बिहार राज्य स्वास्थ्य संविदा संघ के अध्यक्ष अफरोज अनवर और सचिव ललन कुमार के अलावे संघ के नेता कौशलेंद्र कुमार ने सरकार को चेतावनी दी है कि अब आर या पार की लड़ाई होगी और 23 अगस्त से राज्यभर के पीएचसी से लेकर जिला अस्पतालों में इसका असर दिखेगा. संघ ने सरकार से यह भी कहा है कि अगर हड़ताल के दौरान कोविड 19 के मरीजों को या अन्य मरीजों को कोई क्षति होती है तो इसकी पूर्ण जवाबदेही सरकार पर होगी क्योंकि वर्षों से एनएचएमकर्मियों के साथ सरकार छलावा करते आ रही है.
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