अनंत सिंह के वकील की चिट्ठी से बढ़ सकती है ASP लिपि सिंह की मुश्किल! पढ़ें पूरा मामला

News18 Bihar
Updated: August 28, 2019, 8:44 AM IST
अनंत सिंह के वकील की चिट्ठी से बढ़ सकती है ASP लिपि सिंह की मुश्किल! पढ़ें पूरा मामला
सांसद के स्टिकर लगी गाड़ी इस्तेमाल के मामले में एएसपी लिपि सिंह की मुश्किल बढ़ सकती है.

अनंत सिंह के वकील ज्ञानेश्वर मिश्रा ने पत्र में उपराष्ट्रपति, लोकसभा अध्यक्ष, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और आचार समिति के अध्यक्ष को भी संबोधित किया है. इसमें एएसपी लिपि सिंह के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई है.

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घर से एके-47 रायफल (AK-47 Rifle) के साथ अत्याधुनिक हथियार बरामदगी मामले में फरार चल रहे बिहार के बाहुबली विधायक अनंत सिंह  (Anant Singh) ने 23 अगस्त को दिल्ली के साकेत कोर्ट में सरेंडर कर दिया था. इसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत (judicial custody) में जेल भेज दिया गया. लेकिन, इन सब के बीच चर्चा में आईं बाढ़ की एडिशनल एसपी लिपि सिंह (ASP Lipi Singh). दरअसल, अनंत सिंह को ट्रांजिट रिमांड (Transit Remand) पर लेने के लिए सांसद के स्टिकर लगी गाड़ी से वह कोर्ट पहुंची थीं. उन्होंने जेडीयू एमएलसी रणवीर नंदन (JDU MLC Ranveer Nandan) की सफारी गाड़ी का उपयोग किया था. अब इस मामले में अहम मोड़ यह आ गया है कि अनंत सिंह के वकील ने मंगलवार को लोकसभा और राज्यसभा के महासचिव को पत्र भेजकर एमपी कार पार्किंग लेबल और कार का कथित दुरुपयोग के मामले में हुई लापरवाही की जांच करने की मांग कर दी है.

गौरतलब है कि अनंत सिंह के वकील ज्ञानेश्वर मिश्रा ने इस पत्र में उपराष्ट्रपति, लोकसभा अध्यक्ष, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और संसद की आचार समिति (Ethics Committee) के अध्यक्ष को भी संबोधित किया है.

Anant Singh
अनंत सिंह के वकील ने लोकसभा और राज्यसभा महासचिव को पत्र लिखा है.


उनके वकील ने आरोप लगाया है कि पंजीकरण संख्या BR01PF1341 (टाटा सफारी स्टॉर्म) वाली गाड़ी बिहार के जेडीयू एमएलसी डॉ रणवीर नंदन के नाम पर पंजीकृत है जो सांसद नहीं हैं.

Anant Singh
अनंत सिंह के वकील ने पत्र की प्रति प्रधानमंत्री और गृहमंत्री समेत कई संबंधित पक्षों को भी भेजी है.


इस पत्र में लोकसभा और राज्यसभा की वेबसाइट पर उपलब्ध दिशा निर्देशों को भी बताया गया है. इसके अनुसार, एमपी कार पार्किंग लेबल जारी करने से जुड़ी शर्तें इस प्रकार हैं.

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  1. संसद सदस्य को वाहन का मेक और पंजीकरण संख्या प्रदान करने की आवश्यकता होती है.

  2. वाहन को संसद सदस्य के नाम पर या उसके जीवनसाथी के नाम पर पंजीकृत होना चाहिए.

  3. वाहन के पंजीकरण प्रमाण पत्र की फोटोकॉपी सबूत के रूप में प्रदान की जाती है.

  4. एक उपक्रम पर हस्ताक्षर किए जाते हैं कि वाहन संसद सदस्य या उसके जीवन साथी के नाम पर पंजीकृत है और उसी का उपयोग विशेष रूप से संसद सदस्य द्वारा किया जाएगा.

  5. वह पार्किंग लेबल के किसी भी दुरुपयोग के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार होगा.


अनंत सिंह के वकील ने आगे लिखा है कि वर्तमान घटना सुरक्षा के गंभीर उल्लंघन का एक मामला है. संसद सदस्य के पास कार नहीं है, जिसे पार्किंग लेबल के साथ जारी किया गया है. यह संबंधित सांसद और संबंधित अधिकारी के अनैतिक और अवांछित दृष्टिकोण को इंगित करता है.

Anant Singh
अनंत सिंह के वकील ने जो पत्र लिखा है इसमें जेडीयू के एमएलसी रणवीर नंदन की गाड़ी का जिक्र किया है.


वकील ने मामले की गहन जांच करने और संसद सदस्य के खिलाफ कार पार्किंग लेबल प्राप्त करने के लिए उचित कार्रवाई के लिए आग्रह किया है. इसके अतिरिक्त उन्होंने ड्यूटी पर तैनात आईपीएस अधिकारी लिपि सिंह पर भी कार्रवाई की मांग करते हुए लिखा है कि उन्होंने संसद सदस्य की कार का इस्तेमाल किया है, जो सेवा नियम का उल्लंघन भी है. इस संबंध में उचित कार्रवाई की जानी चाहिए.

तेजस्‍वी ने भी उठाए थे सवाल
इस मामले को लेर बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी ने भी सवाल उठाते हुए कहा था कि लिपि सिंह ने साकेत कोर्ट में जाने के लिए एमपी के स्‍टीकर वाली जिस गाड़ी का इस्तेमाल किया, वह किसी विधानपार्षद की है. उस पर एमपी का स्‍टीकर क्‍यों लगा था और उस गाड़ी का इस्तेमाल कौन करता है यह जांच का विषय है.

रिपोर्ट- अमितेश

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First published: August 28, 2019, 8:18 AM IST
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