Bihar Election 2020: लालू को करारा जवाब देने की तैयारी, नीतीश के ये ट्रंप कार्ड पलटेंगे पासा!
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Bihar Election 2020: लालू को करारा जवाब देने की तैयारी, नीतीश के ये ट्रंप कार्ड पलटेंगे पासा!
बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज. (फाइल फोटो)

Bihar Assembly Election Update: माना जा रहा है कि नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के ट्रंप कार्ड लालू यादव (Lalu Yadav) के लिए परेशानी का सबब बन सकते हैं. कभी भी इन्हें चुनावी मैदार में उतारा जा सकता है.

  • News18 Bihar
  • Last Updated: September 8, 2020, 11:18 PM IST
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पटना. बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election 2020) की हलचल तेज हो गई है. सभी पार्टी अपने समीकरण मजबूत करने की कवायद में जुट गए हैं. विधानसभा चुनाव में विरोधियों को, ख़ासकर राजद के एमवाई समीकरण पर हमला बोलने के लिए नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने ट्रम्प कार्ड तैयार कर लिया है. माना जा रहा है कि ट्रंप कार्ड भी ऐसा है जिसका जवाब देने में राजद (RJD) को परेशानी हो सकती है. इन तमाम ट्रम्प कार्ड का इस्तेमाल नीतीश कुमार बहुत जल्द कर सकते हैं. आपको बताते हैं कौन है वो ट्रम्प कार्ड और क्यों नीतीश कुमार ने इन्हें हमले के लिए चुना है.

ऐश्वर्या राय-  चंद्रिका राय की बेटी और दारोग़ा राय की पौत्री ऐश्वर्या लालु यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप की पत्नी है जिनका सम्बन्ध इस कदर बिगड़ चुका है की मामला कोर्ट में चल रहा है. चंद्रिका राय ने लालु यादव का साथ छोड़कर अब नीतीश कुमार का दामन थाम लिया है. दारोग़ा राय का परिवार यादवों में प्रतिष्ठित परिवार माना जाता है. ख़ासकर सारण प्रमंडल में यादवों में अच्छी पकड़ बताई जाती है. यादवों में तेज प्रताप के बहाने ऐश्वर्या की नाराज़गी असर दिखा सकती है. जिस तरह से नीतीश कुमार ने वर्चुअल रैली में ऐश्वर्या राय के साथ हुए घटना का ज़िक्र किया उससे साफ़ हो गया है कि ऐश्वर्या चुनाव में राजद के लिए परेशानी बन सकती हैं. चर्चा ये भी है कि ऐश्वर्या तेज प्रताप के ख़िलाफ़ चुनाव लड़ सकती हैं. ऐश्वर्या को यादव बाहुल्य वाले इलाक़े में प्रचार के लिए उतारा जा सकता है.

जय वर्धन यादव-  कभी बिहार केसरी माने जाने वाले रामलखन सिंह यादव को बिहार का सबसे बड़ा यादव नेता माना जाता था. ना सिर्फ़ राजनीति में बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में भी रामलखन यादव ने काफ़ी काम किए थे. कई कौलेज भी खुलवाया. ऐसे परिवार के सदस्य जयवर्धन यादव जो राम लखन यादव के पोते है राजद के विधायक होते हुए भी लालु परिवार पर कई आरोप लगाया है. अब वे नीतीश कुमार के साथ हो लिए. पालिगंज से विधायक जयवर्धन यादव युवा हैं और यादव युवाओं में इन्हें पैठ बनाने और युवाओं को जेडीयू के तरफ़ मोड़ने के लिए नीतीश कुमार चुनावी मैदान में उतार सकते हैं. यादव बाहुल्य इलाक़े में चुनाव प्रचार कराने की तैयारी भी है.



फराज़ फातमी— मिथिलांचल के बड़े मुस्लिम चेहरे माने जाने वाले अली अशरफ़ फ़ातमी के बेटे फ़राज़ फ़ातमी अपने पिता के साथ नीतीश कुमार का दामन थाम चुके हैं. अली अशरफ़ फ़ातमी ने राजद के साथ लम्बा वक़्त गुज़ारा लेकिन जब राजद में उन्हें दरकिनार किया जाने लगा तो राजद का साथ छोड़ नीतीश के साथ हो लिए. अब ताल ठोक के लालु यादव को करारा जवाब देने की बात कह रहे हैं. बाप और बेटे की जुगलबंदी मिथिलांचल में राजद को परेशान कर सकती है. पिता बुजुर्ग मुस्लिम वोटरों पर तो बेटा युवा मुस्लिम वोटरों को लुभाने की कोशिश कर सकते हैं. जेडीयू इन्हीं के सहारे राजद के एमवाई समीकरण को झटका देने की तैयारी में है.
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क्या पड़ेगा असर?

नीतीश के ट्रम्प कार्ड पर राजद के विधायक और नेता विजय प्रकाश कहते है कि कोई भी ट्रम्प कार्ड नीतीश कुमार उतार ले, चुनाव में लालु यादव के तमाम समीकरण पर भारी नहीं पड़ सकता. उन्होंने कहा कि जो लोग भी राजद छोड़ कर गए है वो मौक़ा परस्त लोग है, जनता सब देख रही है. वहीं चंद्रिका राय कहते है कि लालु यादव ने जिस तरह से लोगों को ठगा है, इस बार पाई-पाई का हिसाब लेंगे.
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