Bihar Assembly Election 2020: क्यों चुनाव से पहले बिहार के वाटरमैन का 'पता' पूछ रहे हैं नेता?

लौंगी भुइंया के घर कई पार्टी के नेता आ रहे हैं. 
लौंगी भुइंया के घर कई पार्टी के नेता आ रहे हैं. 

लौंगी भुइंया (Laungi Bhuiyan ) का कहना है कि हले उनकी सुध लेने कोई नहीं आया, लेकिन जैसे ही चुनाव नजदीक आया तो नेता चुनावी फायदे के लिए आ रहे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 29, 2020, 6:32 PM IST
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पटना. बिहार में विधानसभा चुनावों (Bihar Assembly Election 2020) की हलचल के बीच इन दिनों सूबे के दूसरे दशरथ मांझी (Dashrath Manjhi) की चर्चा जोरों पर है. अकेले दम पर तीन किलोमीटर नहर खोदने वाले लौंगी भुइंया को कोई वाटरमैन (Water Man) बुलाता है तो कोई दूसरा दशरथ मांझी. इन दिनों चर्चा में रहने के चलते उनसे मिलने पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी से लेकर कई पार्टियों के नेता आ चुके हैं. बता दें कि हाल ही में जीतनराम मांझी लौंगी भुइंया ( Laungi Bhuiyan) से मिलने उनके गांव पहुंचे थ. माझी से पहले और उनके बाद बाद भी कई पार्टियों के नेता भुइंया से मिलने आ चुके हैं. चुनावी दौरे पर लौंगी की चर्चाएं जोरों पर हैं. न्यूज 18 इंडिया की टीम भी लौंगी के गांव कोठिलवा पहुंची. लौगी के घर के बाहर की दीवार पर 1 लाख रुपए का चेक टंगा है. उनके काम प्रभवित होकर एक कम्पनी ने उन्हें दिया है.

एक ट्रैक्टर भी उनके घर के दरवाजे पर खड़ा है. ये भी एक कम्पनी ने उनके काम से प्रभावित होकर उन्हें दिया है. लौंगी कभी चेक निहारते हैं तो कभी ट्रैक्टर. लौंगी बताते हैं कि पहले उनकी सुध लेने कोई नहीं आया, लेकिन जैसे ही चुनाव नजदीक आया तो नेता चुनावी फायदे के लिए आ रहे हैं. दरअसल, लौंगी दलित हैं और गया से सटे इमामगंज और आसपास की सीटों पर दलित वोटर्स को साधने नेताओं के चक्कर लग रहे हैं.

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कोई उन्हें वाटरमैन कहता है तो कोई बिहार का दूसरा दशरथ मांझी.






30 साल में खोदी थी नहर
दरअसल, यहां गांव में खेतों की सिंचाई के लिए बारिश के पानी पर ही निर्भर रहना पड़ता है. गांव के पास पहाड़ की तरफ से आने वाला बारिश का पानी बर्बाद हो जाता था. लौंगी ने इस पानी को स्टोर करने के लिए पतली नहर की खुदाई शुरू की. धीरे धीरे सालों बीत गए और फिर एक ऐसी नहर तैयार हो गयी जिससे बरसात का पानी अब गांव के पास तालाब में आकर स्टोर होने लगा है. लौंगी लोगों के लिए मिसाल पेश की है. कोई उन्हें वाटरमैन कहता है तो कोई बिहार का दूसरा दशरथ मांझी. चुनाव नजदीक आते ही नेताओं की नजर भी इन्हीं पर है.



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सरगर्मी बढ़ी

बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही प्रेदश में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. सभी दल जनता को लुभाने के लिए मैदान में कुद गए हैं. कोई सोशल मीडिया से प्रचार कर रहा है तो कोई जनता तक पहुंच बनाने के लिए वर्चुअल रैली कर रहा है. लेकिन खास बात यह है कि इस बार बिहार विधानसभा के चुनाव में कुछ ज्यादा ही स्लिम और स्मार्ट ईवीएम का इस्तेमाल किया जाएगा, क्योंकि इस बार स्मार्ट ईवीएम की साइज और वजन कम कर दिया गया है. ताकि, इसे कैरी करने में कर्मचारियों को आसानी हो. वहीं, इस बार का ईवीएम देखने में भी पहले से ज्यादा अच्छा लगा रहा है.
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