अपना शहर चुनें

States

बिहार चुनाव: तेजस्वी को बड़ा झटका! महागठबंधन से अलग भाकपा माले ने जारी की 30 सीटों की पहली सूची

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (फाइल फोटो)
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (फाइल फोटो)

भाकपा माले (CPI-ML) की ओर से कहा गया कि RJD की ओर से पार्टी को जो सीटें प्रस्तावित की गईं उनमें उनके सघन कामकाज, आंदोलन व पहचान के पटना, औरंगाबाद, जहानाबाद, गया, बक्सर, नालंदा आदि जिलों की एक भी सीट शामिल नहीं है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 30, 2020, 11:51 PM IST
  • Share this:
पटना. महागठबंधन (Grand Alliance) में सीट शेयरिंग को लेकर मचे घमासान के बीच तेजस्वी यादव (Tejaswi Yadav) बड़ा झटका लगा है. दरअसल भाकपा-माले (CPI-ML) ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए राज्य के कुल 30 विधानसभा क्षेत्रों के नाम समेत अपने सीटों की पहली सूची जारी कर दी है. पार्टी की ओर से कहा गया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी एनडीए (NDA) के खिलाफ विपक्ष की कारगर एकता न होना दुखद होगा.

पार्टी के राज्य सचिव कुणाल ने कहा है कि विधानसभा चुनाव में सीटों के तालमेल को लेकर भाकपा-माले व राष्ट्रीय जनता दल के बीच राज्य स्तर पर कई राउंड की बातचीत चली. हमने अपनी सीटों की संख्या घटाकर 30 कर ली थी. संपूर्ण तालमेल की स्थिति में इन प्रमुख 30 सीटों में से भी 10 सीटें और भी कम करते हुए हमने 20 प्रमुख सीटों पर हमारी दावेदारी स्वीकार कर लेने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन बात नहीं बनी.

उन्होंने कहा कि दरअसल राजद की ओर से भाकपा माले के लिए जो सीटें प्रस्तावित की गईं हैं उनमें हमारे सघन कामकाज, आंदोलन व पहचान के पटना, औरंगाबाद, जहानाबाद, गया, बक्सर, नालंदा आदि जिलों की एक भी सीट शामिल नहीं है. ऐसे में जब पहले चरण के नामांकन का दौर शुरू ही होनेवाला है, हम अपने सीटों की यह पहली सूची जारी कर रहे हैं. माले ने जिन सीटों की सूची जारी की है वो ये हैं.




सीटों की पहली सूची

1. तरारी 2. अगिआंव 3. जगदीशपुर 4. संदेश 5. आरा 6. दरौली 7. जिरादेई 8. रघुनाथपुर 9. बलरामपुर 10. पालीगंज 11. मसौढ़ी 12. फुलवारीशरीफ 13. काराकाट 14. ओबरा 15. अरवल 16. घोषी 17. सिकटा 18. भोरे 19. कुर्था 20. जहानाबाद 21. हिलसा 22. इसलामुपर 23. हायाघाट 24. वारिसनगर 25. औराई 26. गायघाट 27. बेनीपट्टी 28. शेरघाटी 29. डुमरांव 30. चैनपुर

भाकपा माले के राज्य सचिव ने कहा कि लाॅकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों की तबाही, सबको शिक्षा व सम्मानजनक रोजगार देने में सरकार की नाकामी और मोदी सरकार के किसान विरोधी कृषि कानूनों आदि से बिहार की जनता में व्यापक विक्षोभ है. बिहार की जनता जदयू-भाजपा की डबल इंजन सरकार से छुटकारा पाना चाहती है.

इस जनभावना का सम्मान करते हुए विपक्ष की पार्टियों के बीच कारगर गठबंधन व समझौता और एनडीए विरोधी मतों को समेटने की पुरजोर कोशिश करना समय की मांग है. लेकिन, अबतक ऐसा संभव नहीं हो पाना बेहद दुखद है. हालांकि उन्होंने कहा कि अब भी अगर संपूर्ण तालमेल की कोई संभावना बनती है तो हम उस पर विचार करेंगे.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज