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    ई- एजेंडा: पीएम मोदी और सीएम नीतीश के एक साथ आने से NDA की जीत सुनिश्चित- सुशील मोदी

    न्यूज 18 बिहार के मैनेजिंग एडिटर ब्रजेश कुमार सिंह से सुशील मोदी की बातचीत.
    न्यूज 18 बिहार के मैनेजिंग एडिटर ब्रजेश कुमार सिंह से सुशील मोदी की बातचीत.

    सुशील मोदी (Sushil Modi0 ने कहा कि नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार (Narendra Modi and Nitish Kumar) दोनों डिलीवर करने वाले चेहरे हैं. दोनों की क्रेडिबिलिटी है. समाज के अंदर एक विश्वसनीयता है और दोनों ही परफॉर्मर हैं.

    • News18Hindi
    • Last Updated: October 19, 2020, 9:27 PM IST
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    पटना. बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) से पहले देश के सबसे बड़े न्यूज नेटवर्क न्यूज-18 की ओर से चुनाव पर चर्चा के लिए E एजेंडा बिहार (E Agenda Bihar) कार्यक्रम का आयोजन किया गया. डिजिटल प्लेटफार्म पर आयोजित होने वाले इस E एजेंडा बिहार कार्यक्रम में प्रदेश के दिग्गज नेताओं ने बिहार चुनाव पर अपनी राय रखी. इसी क्रम में न्यूज 18 बिहार के मैनेजिंग एडिटर ब्रजेश कुमार सिंह से बातचीत करते हुए भाजपा के सीनियर लीडर व बिहार के डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने अपनी बात रखते हुए कहा कि बिहार में एक बार फिर नीतीश कुमार की सरकार बनेगी.

    सुशील मोदी ने कहा कि कोरोना संकट काल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरीके से गरीबों को अनाज पहुंचाए, पैसे भिजवाए और देश का नेतृत्व किया, इससे गरीबों को काफी राहत पहुंची. संकट के समय जो गरीबों की मदद करता है गरीब समय आने पर जरूर मदद करता है, इसलिए हमें भरोसा है कि बिहार में राजग की सरकार बनेगी.

    डिप्टी सीएम ने कहा कि नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार दोनों डिलीवर करने वाले चेहरे हैं. दोनों की क्रेडिबिलिटी है. समाज के अंदर एक विश्वसनीयता  है और दोनों ही परफॉर्मर हैं. दोनों एक मंच पर आ गए तो मुझे दूर-दूर तक कोई लड़ाई दिखाई नहीं पड़ता है.  मेरा आकलन है कि 2010 से बेहतर परिणाम 2020 के चुनाव में आएंगे.




    सुशील मोदी ने बिहार में भाजपा के अकेले चुनाव नहीं लड़ने के कारण पर पूछे गए सवाल पर कहा कि यह वास्तविकता है कि बिहार में किसी एक दल की सरकार फिलहाल मुश्किल है. सामाजिक समीकरण का ताना बाना ही ऐसा है कि किसी न किसी दो दल को साथ आना ही होगा.

    सीएम नीतीश से अलग होने और फिर साथ आने के सवाल पर सुशील मोदी ने कहा कि जब साथ में रहता हूं तो ईमानदारी से साथ देता हूं और विरोध करता हूं तो भी इमानदारी से विरोध करता हूं. जब नीतीश जी हमसे अलग हुए तो 24 घंटे भी नहीं लगे हम मैदान में उतरे और विरोध करना शुरू किया. जब फिर साथ में आए तो हम गठबंधन धर्म का पालन कर रहे हैं.

    सुशील मोदी ने भाजपा के बागियों के लोजपा से चुनाव लड़ने के सवाल  पर कहा कि जो भी बागी हुए हैं वह अगर लोजपा नहीं होती तो भी वह निर्दलीय लड़ते. दरअसल गठबंधन में ऐसा हुआ कि जहां हमने अच्छे मत प्राप्त किए थे,  हमारी कई ऐसी सीटें किसी दूसरे दल के खाते में चले गईं. जाहिर ऐसे नेताओं में नाराजगी स्वाभाविक होती है. उनके समर्थकों का दबाव रहता है कि चुनाव लड़ें, ऐसे में  किसी को रालोसपा मिल गयी तो किसी को लोजपा.
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