JDU की दो टूक- नीतीश कुमार के काम पर सवाल बर्दाश्त नहीं, बीजेपी जल्द करे फैसला

नीतीश कुमार और चिराग पासवान (फाइल फोटो)

नीतीश कुमार और चिराग पासवान (फाइल फोटो)

जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) काजल की कोठरी में रहकर भी आज तक बेदाग हैं. चिराग पासवान (Chirag Paswan) का बयान गठबंधन धर्म के विरोध में है और बीजेपी इस पर संज्ञान ले.

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पटना. राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में सीट शेयरिंग को लेकर बैठकों का दौर लगातार जारी है, लेकिन बीजेपी की तमाम कोशिशों के बावजूद जेडीयू और एलजेपी (JDU and LJP) के बीच तल्खी कम नहीं होती दिख रही है. एक तरफ चिराग पासवान लगातार सीएम नीतीश कुमार पर कई मुद्दों को लेकर हमला बोल रहे हैं तो अब उनकी पार्टी ने भी नीतीश के ड्रीम प्रोजेक्ट सात निश्चय पर सवाल उठा दिए हैं. एलजेपी ने कहा कि नीतीश सरकार का सात निश्चय का एजेंडा भ्रष्टाचार का पिटारा है. पार्टी बिहार सरकार के एजेंडे सात निश्चय के कार्यक्रम को नहीं मानती है. अब इस बयान के बाद से जनता दल यूनाटेड के नेताओं में भारी नाराजगी दिख रही है और इसे गठबंधन धर्म के विपरीत बताया है.

लोजपा के बयान पर जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि नीतीश कुमार के कामों पर सवाल बर्दाश्त नहीं होगा. काजल की कोठरी में रहकर भी नीतीश कुमार आज तक बेदाग हैं. चिराग का बयान गठबंधन धर्म के विरोध में है और बीजेपी इस पर संज्ञान ले. सहयोगी को भी ऐसे बयानों पर संज्ञान लेना चाहिए.

जेडीयू और एलजेपी की तल्खी के बीच आरजेडी ने भी प्रतिक्रिया दी है. पार्टी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि चिराग पासवान फैसला लेने में देर कर रहे हैं, उन्हें जल्द फैसला ले लेना चाहिए, बिहार की 12 करोड़ जनता देख रही है किचिराग एनडीए की डूबती नाव पर रहना चाहते हैं या अलग.  चिराग पासवान का फैसला दिशा तय करेगा.

एलजेपी अध्यक्ष के तेवर पर कांग्रेस नेता आनंद माधव ने कहा कि चिराग के बयानों का कांग्रेस समर्थन करती है. चिराग ने देर से ही सही मजबूत बात उठाई है.  चिराग लगातार नीतीश के विरोध करते रहे हैं और अब चिराग का साथ रहना मुश्किल है.
बता दें कि आज एलजेपी केंद्रीय संसदीय बोर्ड की बैठक शाम 5 बजे दिल्ली में है. कहा जा रहा है कि पार्टी विधानसभा चुनाव में 143 सीटों पर चुनाव लड़ने का फ़ैसला ले सकती है. 56 उम्मीदवारों की पहली सूची भी आ सकती है. एलजेपी की मांग है कि एनडीए में तार्किक समझौता हो. मिली जानकारी के अनुसार पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनाव के आधार पर एलजेपी 42 सीट चाहती है.

लेकिन, बीजेपी की तरफ़ से एलजेपी 24 से 27 सीटें ऑफर किए जाने की खबर है. लिहाज़ा साथ चुनाव लड़ना मुश्किल नजर आ रहा है. मिली जानकारी के अनुसार एलजेपी जेडीयू के ख़िलाफ़ हर सीट पर उम्मीदवार उतार सकती है.  एलजेपी की मज़बूत सीटों पर बीजेपी के साथ फ्रेंडली फाइट भी हो सकता है. मिली जानकारी के अनुसार ऐसी 20सीटें हो सकती हैं.

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