बिहार चुनाव: कुशवाहा के 'दर्द' पर बोले मांझी- हिडेन एजेंडे पर चल रही RJD, सहयोगियों की कोई इज्जत नहीं

बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी की फाइल फोटो
बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी की फाइल फोटो

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक उपेन्द्र कुशवाहा (Upendra Kushwaha) कभी भी महागठबंधन (Grand Alliance) को अलविदा कह सकते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 23, 2020, 3:45 PM IST
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पटना. महागठबंधन में सबकुछ ठीक नहीं होने के संकेत के बीच सूत्रों से खबर है कि रालोसपा (RLSP) प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा (Upendra Kushwaha) ने भी अलायंस से अलग होने का फैसला कर लिया है. इसको लेकर गुरुवार को पटना में पार्टी की आपात बैठक भी बुलाई गई है. अब इस बात पर पूर्व सीएम जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) ने तंज कसते हुए कहा कि जो हमारे साथ हुआ वो आज उपेन्द्र कुशवाहा के साथ हो रहा है. आरजेडी (RJD) को सहयोगियों का कोई इज्जत नहीं है.

जीतन राम मांझी ने कही ये बात
जीतन राम मांझी ने कहा कि आरजेडी अपने हिडेन एजेंडे पर काम कर रही है. उसे सहयोगियों की परवाह नहीं है. हमारे साथ जैसा व्यवहार था आज उपेन्द्र कुशवाहा के साथ हो रहा है. कुशवाहा आगे क्या निर्णय लेंगे यह उन पर है. वहीं, कुशवाहा के एनडीए में शामिल होने की बात पर मांझी ने कहा कि इस पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और सुशील मोदी फैसला लेंगे.

जीतन राम मांझी ने यह भी बताया कि उन्होंने लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान से बात की है और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के स्वास्थ्य की जानकारी ली है. उन्होंने चिराग की नाराजगी पर कहा कि राजनीति अपनी जगह है पर सहयोगी का ख्याल रखना जरूरी है. चिराग एनडीए के साथ मिलकर ही चुनाव लड़ेंगे हमें यही उम्मीद है.
बता दें कि सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक उपेन्द्र कुशवाहा कभी भी महागठबंधन को अलविदा कह सकते हैं. दरअसल सीट बंटवारे को लेकर के उपेंद्र कुशवाहा लगातार मांग करते रहे हैं. इसको लेकर कभी कांग्रेस के आलाकमान तो कभी तेजस्वी यादव (Tejaswi Yadav) से मुलाकात भी करते रहे पर अब तक सीटों को लेकर कोई आश्वासन नहीं मिला है. नतीजतन उपेंद्र कुशवाहा ने भी महागठबंधन से अलग होने का फैसला कर लिया है.



गठबंधन में पूछ नहीं मिलने के बाद उपेंद्र कुशवाहा ने पार्टी कार्यकारिणी की आपात बैठक कल 24 सितंबर को बुलाई है. रालोसपा के प्रधान महासचिव आनंद माधव का कहना है कि जिस तरह से रालोसपा की अनदेखी की जा रही है वैसे में आरजेडी की नीयत पर सवाल खड़ा होता है. ऐसे माहौल में उपेंद्र कुशवाहा ने कल सभी नेताओं की बैठक बुलाई है और इस बैठक के बाद कोई भी फैसला लिया जा सकता है. वहीं, एनडीए में चिराग पासवान के तेवर बेहद तल्ख नजर आ रहे हैं. पार्टी की ओर से कहा जा रहा है कि वह 143 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार सकती है.

इस बीच खबर है कि जेडीयू अब लोजपा से आमने-सामने बात करने को भी तैयार नहीं है. न्यूज़ 18 को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, दिल्ली में जनता दल यूनाइटेड के दो बड़े नेताओं ललन सिंह और आरसीपी सिंह ने बिहार बीजेपी के प्रभारी भूपेंद्र यादव से मुलाकात की. इस दौरान दोनों नेताओं ने भूपेंद्र यादव से साफ-साफ कह दिया है कि लोजपा से बात करने की जिम्मेदारी अब बीजेपी की होगी.

दरअसल, हाल के दिनों में लोजपा प्रमुख चिराग पासवान ने ना केवल बिहार सरकार, बल्कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत जेडीयू के बड़े नेताओं पर सीधे-सीधे निशाना साधा था, ऐसे में चिराग के हाल के रवैये और नीतीश कुमार के खिलाफ उनके बयानबाजी से जेडीयू खासी नाराज है.
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