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    बिहार चुनाव: ...अब तो सीएम नीतीश का फोन भी रिसीव नहीं करते चिराग! जानें सियासी तल्खी की इनसाइड स्टोरी

    चिराग पासवान और नीतीश कुमार (फाइल फोटो)
    चिराग पासवान और नीतीश कुमार (फाइल फोटो)

    Bihar Assembly Election 2020:- राजनीतिक गलियारों से यह खबर भी छनकर आ रही है कि चिराग पासवान (Chirag Paswan) के तल्ख तेवर के बावजूद सीएम नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने उनसे बात करने की भी कोशिश की थी.

    • News18Hindi
    • Last Updated: October 7, 2020, 2:07 PM IST
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    पटना. क्या LJP अध्यक्ष चिराग पासवान (Chirag Paswan) और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) में इतनी दूरी बढ़ गई है कि अब चिराग सीएम नीतीश का फोन भी रीसीव नहीं करते? दरअसल, यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्‍योंकि बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी एनडीए (NDA) में सीट बंटवारे का ऐलान हो गया है. मंगलवार को पटना में बीजेपी और जदयू (BJP-JDU) की संयुक्त प्रेस वार्ता में ऐलान किया गया कि जदयू 122 और बीजेपी 121 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. इसमें बीजेपी अपने कोटे से विकासशील इंसान पार्टी को तो जेडीयू जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) की हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा को अपने हिस्से से सीट देगी. यह भी साफ हो गया कि लोजपा अब बिहार एनडीए का हिस्सा नहीं है. लेकिन, इस दौरान एक बात ऐसी हुई कि हर कोई हैरत में पड़ गया और राजनीतिक गलियारों में अलग ही चर्चा होने लगी.

    चिराग के व्यवहार से आहत नजर आ रहे थे सीएम नीतीश
    दरअसल, जब सीएम नीतीश ने सीट शेयरिंग का ऐलान किया तो उन्होंने न सिर्फ आरजेडी, बल्कि एलजेपी को अपने निशाने पर लिया. उन्होंने चिराग पासवान को ये तक याद दिलाया कि उनके पिता रामविलास पासवान को राज्यसभा तक पहुंचाने में जेडीयू ने मदद की थी. हालांकि, सीएम नीतीश के इतना भर कहने से राजानीतिक जानकार भी हैरत में पड़ गए कि आखिर क्या हुआ जो सीएम को यह कहना पड़ गया.

    नीतीश कुमार ने चिराग पासवान को दिलाई इस बात की याद
    दरअसल नीतीश कुमार जिस तरह के राजनेता रहे हैं और अब तक उनका जो व्यवहार लोगों की नजरों में है, उससे तो अचरज जरूर हुआ है. एलजेपी और चिराग पासवान को लेकर सवाल पूछने पर नीतीश कुमार ने कहा, कौन क्या कहता है इसमें हमारी कोई दिलचस्पी नहीं है. रामविलास पासवान अस्वस्थ हैं, हम लोग सभी चाहते हैं कि वो स्वस्थ्य हो जाएं.





    नीतीश ने यह क्यों कहा कि... मुझे कोई मतलब नहीं !
    सीएम नीतीश ने आगे कहा कि हमलोगों का उनसे एक लगाव है और बहुत पुराना लगाव है, लेकिन रामविलास पासवान क्या बिना जेडीयू की मदद के राज्यसभा में पहुंचे. कितनी सीटें हैं बिहार विधानसभा में...दो न, तो बीजेपी-जेडीयू ने टिकट देकर उन्हें राज्यसभा पहुंचाया. कोई कुछ भी कहता रहे, लेकिन मुझे इससे कोई मतलब नहीं है.

    नीतीश की तल्‍खी से हर कोई अचरज में पड़ गया
    जाहिर है उनकी पीड़ा चिराग पासवान द्वारा उनके साथ किए जा रहे व्यवहार को लेकर था. यह भी एक तथ्य है कि उनके मुंह से ऐसी बातें अक्सर नहीं निकलती हैं, लेकिन मंगलवार को पीसी के दौरान वह लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान के व्यवहार से आहत नजर आए और अपनी बेबसी और दर्द भी इन्हीं शब्दों के जरिये बयां कर दिया.
    सीएम नीतीश पर लगातार हमलावर हैं चिराग पासवान

    बता दें कि चिराग पासवान लगातार नीतीश कुमार पर निशाना साध रहे हैं. सोमवार को भी खुला खत जारी करते हुए उन्होंने कहा था कि जेडीयू के प्रत्याशी को दिया गया एक भी वोट कल आपके बच्चे को पलायन करने पर मजबूर करेगा. वहीं, मंगलवार को उन्होंने कहा है कि अगली सरकार बनते ही सात निश्चय योजना में हुए भ्रष्टाचार की जांच कर सभी दोषियों को जेल भेजा जाएगा.


    चिराग पासवान ने नीतीश का फोन रीसीव नहीं किया
    अब राजनीतिक गलियारों से यह खबर भी छनकर आ रही है कि जब तक सीट शेयरिंग की बात फाइनल नहीं हुई थी, उससे पहले चिराग पासवान के तल्ख तेवर के बावजूद सीएम नीतीश कुमार ने उनसे बात करने की भी कोशिश की थी. मिली जानकारी के अनुसार रामविलास पासवान के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के लिए सीएम नीतीश ने करीब 10 बार चिराग को फोन किया था, लेकिन उन्होंने एक बार रिसीव नहीं किया था और न ही कॉल बैक किया.
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