बिहार चुनाव: मांझी-कुशवाहा ने यूं कर दी तेजस्वी की राह आसान! महागठबंधन में सीट शेयरिंग का फॉर्मूला लगभग तय

सीट शेयरिंग पर महागठबंधन में सहमति बनती दिख रही है.(फाइल फोटो)
सीट शेयरिंग पर महागठबंधन में सहमति बनती दिख रही है.(फाइल फोटो)

जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) की HAM और उपेंद्र कुशवाहा की RLSP के महागठबंधन से अलग होने की सूरत में दूसरी पार्टियों के लिए सीट बंटवारा आसान होता दिख रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 29, 2020, 12:33 PM IST
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पटना. राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के अध्यक्ष (RLSP) उपेंद्र कुशवाहा ( Upendra Kushwaha) मंगलवार को महागठबंधन (Mahagathbandhan) से अलग होने की आधिकारिक घोषणा कर सकते हैं. हालांकि, उनके एनडीए में शामिल होने या तीसरे मोर्चा बनाने के कयास भी लगाए जा रहे हैं. कयास तो लगाए जा रहे थे कि वे शायद एनडीए में शामिल हो जाएं, क्योंकि उनकी बीजेपी से बात चल रही है. हालांकि, सोमवार को दिल्ली से पटना पहुंचे कुशवाहा ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं, लेकिन पटना में उन्होंने बसपा के राज्य प्रभारी और अन्य नेताओं से मुलाकात की है. इससे कयास ये लगाए जा रहे हैं कि बसपा के साथ वे बिहार की सियासत में नया मोर्चा बना सकते हैं.

जानकारी ये भी आई है कि उनकी विकासशील इंसान पार्टी के अध्यक्ष मुकेश सहनी और पप्पू यादव की जन अधिकार पार्टी के नेताओं से भी उनकी बात हुई है. इस बीच खबर ये भी है कि असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM के नेताओं ने भी रालोसपा अध्यक्ष से संपर्क साधा है. इससे जाहिर है कि अभी एनडीए (NDA) में भी उनकी बात नहीं बन पाई है. ऐसे में वे अलग मोर्चे की संभावनाओं पर भी काम कर रहे हैं, वहीं, कुशवाहा की इस सारी कवायद से महागठबंधन के बाकी दल खुश हैं.





दरअसल, RLSP के महागठबंधन (Grand Alliance) से अलग होने की सूरत में दूसरी पार्टियों के लिए सीट बंटवारा आसान होता दिख रहा है. राष्‍ट्रीय जनता दल, कांग्रेस व वामपंथी दलों समेत कई अन्‍य घटक दलों के बीच सीट शेयरिंग पर बातचीत अंतिम चरण में है.
इस बीच कई दौर की बातचीत के बाद यह भी तय हो गया है कि वाम दल महागठबंधन (Mahagathbandhan) का हिस्सा बने रहेंगे. एएनआइ (ANI) के अनुसार आरजेडी 140 से 150 सीटों पर चुनाव में जा सकती है. कांग्रेस को 60 से 70 तथा वाम दलों को 20 से 25 सीटें दिए जाने की संभावना है. इनमेंं से भाकपा माले को 14 सीटें दिए जाने पर सहमति लगभग बन गई है.

हालांकि, मिली जानकारी के अनुसार वह अभी और पांच-छह सीटों की मांग पर अड़ी है. मना जा रहा है कि आरजेडी उसकी यह मांग पूरी भी कर सकती है. आरजेडी ने कैमूर की चैनपुर, रोहतास की डेहरी तथा नोखा या दिनारा, दरभंगा की हायाघाट, मधुबनी की बिस्फी, पश्चिम चंपारण की सिकटा या रामनगर, भोजपुर की अंगिआंव तथा संदेश, पटना जिले की पालीगंज, सारण की रघुनाथपुर और अरवल सीट माले को देने पर सहमति दी है.

वहीं, खबर यह भी है कि आरजेडी ने सीपीआई को बेगूसराय जिले की तेघड़ा, खगड़ि‍या और मधुबनी जिले के हरलाखी सीट देने पर सहमति दी है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार CPM को महागठबंधन में समस्तीपुर जिले की विभूतिपुर सीट और बेगूसराय जिले की मटिहानी सीट दिए जाने पर सहमति बनी है. सीपीएम मधबुनी की लौकहा और सारण की मांझी सीट भी चाहती है. CPM को कटिहार की बलरामपुर, भोजपुर जिले की तरारी और सिवान की दरौली सीटें भी मिल सकती है.

विकासशील इनसान पार्टी (VIP) के करीब आधा दर्जन प्रत्‍याशियों को अपने सिंबल पर चुनाव मैदान में उतार कर आरजेडी अपनी सीटें बढा सकता है. गौरतलब है कि महागठबंधन से हिंदुस्‍तानी अवाम मोर्चा पहले ही अलग हो चुकी है और रालोसपा भी अब महागठबंधन का हिस्सा नहीं ही है. ऐसे में महागठबंधन में सीट शेयरिंग की राह आसान हो गई है.
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