बिहार चुनाव: नियोजित शिक्षकों को अयोग्य बोलने वाले समान काम-समान वेतन की बात कर रहे- सुशील मोदी

बिहार के डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी.
बिहार के डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी.

बिहार भाजपा के अध्यक्ष संजय जयसवाल (Bihar BJP President Sanjay Jaiswal) ने महागठबंधन (Grand Alliance) के संकल्प पत्र पर कहा कि आज भी लोग वही 15 साल पहले वाल बदलाव लाना चाह रहे हैं.

  • Share this:
रिपोर्ट- धर्मेंद्र कुमार
पटना. बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Election 2020) के लिए तेजस्वी यादव  (Tejashwi Yadav) की अगवुआई वाले महागठबंधन ने अपना संकल्प पत्र जारी कर दिया है. संकल्प पत्र में 10 लाख नौकरियों का वादा किया गया है. इस मौके पर  तेजस्वी ने कहा कि यदि हमारी सरकार बनती है, तो कैबिनेट के पहले फैसले में 10 लाख युवाओं को रोजगार देने का वादा पूरा किया जाएगा. इस मौके पर कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) और भाजपा (BJP) को अपने निशाने पर लिया. उन्होंने कहा कि ये वही भाजपा है, जिसने बिहार के DNA पर सवाल उठाया था. अब नीतीश कुमार जी डीएनए का मतलब भूल गए हैं, ये लोग कलम के भी बेईमान है. उन्होंने आगे कहा कि जब दो षड्यंत्रकारी साथ आते हैं, तो षड्यंत्र होगा ही.

अब इस पर उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी, पूर्व केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह सहित प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने पलटवार किया है. पूर्व केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री के द्वारा किए गए कामों के आगे यह लोग टिक नहीं सकते और इनको पता है एनडीए के सामने महागठबंधन किसी भी हालत में टिक नहीं पाएगा.

वहीं, सुशील मोदी ने कहा कि जो लोग किसानों की जमीन हड़प थे वह किसानों की बात कैसे कर रहे हैं. सुशील मोदी ने कहा कि जो लोग बलात्कारियों को टिकट देते हैं वह लोग कानून व्यवस्था की बात कैसे कर रहे हैं. सुशील मोदी ने कहा कि जो लोग नियोजित शिक्षकों को अयोग्य बोलते थे वह लोग समान काम समान वेतन देने की बात कैसे कर रहे हैं. सुशील मोदी ने कहा कि महागठबंधन के लोग ढपोरशंखी  हैं और संस्कृत के एक मुहावरे का मतलब के समान है कि मैं सिर्फ बोलूंगा तुम्हें कुछ दे नहीं सकता.
संजय जयसवाल ने महागठबंधन के बदलाव पत्र पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि आज भी लोग वही 15 साल पहले वाल बदलाव लाना चाह रहे हैं. उन्होंने 15 साल में किया वही फिर करना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि आज वही बदलाव लाना चाह रहे हैं. फ्रेजर रोड में शाम में कोई भी महिला जाने से डरती थी, आज लोग वही बदलाव लाना चलाना चाह रहे हैं. जब नरसंहार का समय होता था और वैसे ही दलों से इन लोगों ने गठबंधन भी किया है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज