जानें तेजस्वी ने CM नीतीश से क्यों कहा- अपनी सभा में पब्लिक से ही पूछ लीजिए, जवाब मिल जाएगा

तेजस्वी यादव (फाइल फोटो)
तेजस्वी यादव (फाइल फोटो)

तेजस्वी यादव (Tejaswi Yadav) ने ट्वीट में लिखा, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) संपूर्ण बिहार में किसी एक ऐसे थाने और प्रखंड कार्यालय का नाम बतायें जहां बिना चढ़ावे यानि बिना रिश्वत के कोई कार्य होता है?

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 24, 2020, 5:44 PM IST
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पटना. राष्ट्रीय जनता दल (RJD)ने अपना घोषणा पत्र जारी करते हुए जहां बिहार की जनता से कई वादे किए हैं, वहीं इसके साथ ही सीएम नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) पर लगातार प्रहार जारी रखा है. इसी क्रम में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejaswi Yadav) ने सीएम नीतीश के सामने एक और सीधी चुनौती दी है. उन्होंने यह भी कहा है कि अगर यकीन न हो तो अपनी जनसभाओं में अपनी ही पब्लिक से पूछ लीजिए, जवाब मिल जाएगा. तेजस्वी यादव ने इस बार अपने निशाने पर बिहार की कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार को रखा है.

तेजस्वी ने ट्वीट में लिखा, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार संपूर्ण बिहार में किसी एक ऐसे थाने और प्रखंड कार्यालय का नाम बतायें जहां बिना चढ़ावे यानि बिना रिश्वत के कोई कार्य होता है? अगर मेरी बात गलत और इसमें कोई संदेह है तो अपने भाषण में ज़रा एक बार पब्लिक से पूछ लीजिएगा, जवाब मिल जाएगा.


बता दें कि तेजस्वी ने शनिवार को अपने पार्टी का घोषणा पत्र भी जारी किया है जिसमें बिहार की जनता से कई वादे किए हैं. 'हमारा प्रण' नाम से जारी 16 पेज के मेनोफेस्टो में नए स्थायी पदों का सृजन कर के कुल 10 लाख नौकरियों की समय बाद बहाली की प्रक्रिया पहले ही कैबिनेट बैठक में पहली दस्तखत के साथ शुरू होगी. तेजस्वी यादव ने राजद नेताओं की उपस्थिति में इसे जारी करते हुए कहा कि यह कोई घोषणा पत्र नहीं बल्कि हमारा प्रण है. तेजस्वी ने कहा कि राजद के इस घोषणा पत्र में लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के विचार भी है इसमें समाहित हैं.





घोषणा पत्र के मुख्य बिंदु

नए स्थायी पदों का सृजन कर के कुल 10 लाख नौकरियों की समय बाद बहाली की प्रक्रिया पहले ही कैबिनेट बैठक में पहली दस्तखत के साथ शुरू होगी.

संविदा प्रथा को समाप्त कर सभी कर्मचारियों को स्थायी कर समान काम समान वेतन दिया जाएगा और सभी विभागों में निजीकरण को समाप्त किया जाएगा.

रोजगार सृजन के उद्योगों को प्रोत्साहन हेतु नई औद्योगिक पॉलिसी के तहत प्रभावी टैक्स डिफरेंट एवं टैक्स वेइवर स्कीम लाई जाएगी, जिसमें नए उद्योगों की स्थापना के अंतर्गत किए गए निवेश निवेशकों में सब्सिडी एवं अधिक रोपित करों में एक निश्चित अवधि तक छूट दी जाएगी.

नियोजित शिक्षकों को वेतनमान कार्यपालक सहायकों, लाइब्रेरियन, उर्दू शिक्षकों की बहाली की जाएगी राज्य के मूल निवासी युवाओं के भी सरकारी बहाली परीक्षाओं में फॉर्म निशुल्क होंगे तथा राज्य में के अंतर्गत गृह जिला से परीक्षा केंद्र तक की यात्रा मुक्त होगी.

कार्यालय सहायक, सांख्यिकी स्वयं सेवक, लाइब्रेरियन ,उर्दू शिक्षकों, आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका, आशा कर्मी,  ग्रामीण चिकित्सकों, जीविका दीदियों की मांगों को पूरा किया जाएगा.

हेल्थ केयर सेक्टर में निजी एवं असंगठित क्षेत्रों के माध्यम से प्रत्यक्ष नौकरियों व परोक्ष रोजगार के लाखों अवसर सृजित किए जाएंगे.

जीविका कैडरों को नियमित वेतनमान पर स्थाई नौकरी के साथ समूहों के सदस्यों को ब्याज मुक्त ऋण देंगे.

कॉरपोरेट जगत के तकनीकी प्रशिक्षकों की देखरेख में सरकारी निर्देशानुसार कौशल विकास केंद्रों की स्थापना होगी जहां परंपरागत कौशल के साथ-साथ उद्योग जगत के प्रश्न कौशल सॉफ्ट स्किल्स का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा.

हर जिले में रोजगार केंद्रों की स्थापना होगी अधिकतम 200 दिनों में कौशल योग्यता अनुरूप निजी व सरकारी उपक्रम में रोजगार देने अथवा रोजगार के विकल्प उपलब्ध करवाने की जिम्मेदारी होगी.

रोजगार प्रक्रिया में गैर-सरकारी बिचौलियों एजेंसियों को हटाकर सीधा युवाओं को लाभ दिया जाएगा.

श्रमिकों के हित में सरकारी विभागों उपक्रमों को निजी हाथों में जाने से रोकने का प्रावधान किया जाएगा.

बिहार में किसान आयोग, व्यवसायी आयोग, युवा आयोग और खेल आयोग का गठन किया जाएगा.

प्रसव सहयोग 1400 रुपये से बढ़ाकर 4000 रुपये किया जाएगा और आंगनबाड़ी और आशा दीदियों का मानदेय दोगुना किया जाएगा. 
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