बिहार चुनाव: BJP के लिए अहम है तीसरा चरण, सीमांचल-मिथिलांचल की इन सीटों पर सबकी नजर

बीजेपी के लिए तीसरे चरण में खुद की सीटें बचाए रखने के साथ ही बढ़ाने की चुनौती है.
बीजेपी के लिए तीसरे चरण में खुद की सीटें बचाए रखने के साथ ही बढ़ाने की चुनौती है.

तीसरे चरण (Third Phase Election) की जिन 78 सीटों पर चुनाव हो रहे हैं वहां पिछले चुनाव में भाजपा (BJP) के खाते में 19 सीटें इन इलाकों से आई थीं. वहीं, साल 2010 के चुनाव परिणाम को देखें तो इन 35 सीटों में से बीजेपी के खाते में 27 सीटें आई थीं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 6, 2020, 2:04 PM IST
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पटना. बिहार की सियासत में यह कहा जाता है कि मिथिलांचल व सीमांचल (Mithilanchal and Seemanchal) ने जिस पर मेहरबानी दिखाई, बिहार में उनकी सरकार बननी तय है. अब तक चुनाव परिणामों ने यह बात साबित भी की है कि इन इलाकों में जिस दल का अधिक दबदबा होता है, उसकी सरकार बनती है. बिहार चुनाव के लिए तीसरे और आखिरी फेज में इन्हीं इलाकों में  वोटिंग होनी है. इस कारण भाजपा (BJP) ने तीसरे चरण के लिए पूरा दमखम लगा दिया है. भाजपा के लिए यह इसलिए भी अहम है तीसरे चरण में भाजपा 35 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. बता दें कि साल 2015 के चुनाव में पार्टी अपनी कुल 54 सीटों में से एक तिहाई से अधिक इन्हीं इलाकों में जीती थी. ऐसे में भाजपा के समक्ष इस चुनाव में इससे भी अधिक सीटें जीतने की चुनौती है.

भाजपा प्रत्याशियों की साख दांव पर
पिछले चुनाव में भाजपा के खाते में 19 सीटें इन इलाकों से आई थीं. वहीं, साल 2010 के चुनाव परिणाम को देखें तो इन 35 सीटों में से भाजपा के खाते में 27 सीटें आई थीं. उस समय भाजपा के खाते में कुल 91 सीटें आई थीं. इस चुनाव में भी भाजपा की कोशिश है कि वह साल 2010 से भी अधिक सीट जीते, ताकि सत्ता की राह आसान हो सके.

भाजपा ने यह समीकरण किया सेट
तीसरे और अंतिम चरण में भाजपा ने आठ उम्मीदवारों को पहली बार मौका दिया है। बगहा, बथनाहा (सु), और रक्सौल के मौजूदा विधायकों के बदले नए चेहरे चुनावी मैदान में हैं. कुल 35 उम्मीदवारों में 10 सवर्ण व 10 वैश्य हैं. तीन यादव, तीन कुर्मी व कुशवाहा और पांच अनुसूचित जाति तो चार ईबीसी के उम्मीदवारों को टिकट पार्टी ने दिया है.



2010 में इन सीटों पर जीती थी भाजपा
वर्ष 2010 में जदयू के साथ चुनाव लड़ी भाजपा ने रामनगर(सु), नरकटियागंज, रक्सौल, मोतिहारी, चिरैया, रीगा, बथनाहा(सु), परिहार, बेनीपट्टी, खजौली, नरपतगंज, फारबिसगंज, सिकटी, बायसी, बनमनखी(सु), पूर्णिया, कटिहार, प्राणपुर, कोढ़ा(सु), सहरसा, दरभंगा, हायाघाट, केवटी, जाले, औराई, मुजफ्फरपुर व पातेपुर(सु) जीत हासिल की थी.

2015 में इन सीटों पर जीती थी बीजेपी
जदयू से अलग लड़ी भाजपा ने वर्ष 2015 में रामनगर(सु), बगहा, लौरिया, रक्सौल, मोतिहारी, चिरैया, बथनाहा, परिहार, छातापुर, फारबिसगंज, सिकटी, बनमनखी, पूर्णिया, कटिहार, प्राणपुर, दरभंगा, जाले, कुढ़नी व मुजफ्फरपुर सीट पर जीत दर्ज की थी.

2020 में इन सीटों पर लड़ रही है भाजपा
एक बार फिर भाजपा जदयू के साथ है और रामनगर(सु), नरकटियागंज, बगहा, लौरिया, रक्सौल, मोतिहारी, चिरैया, ढाका, रीगा, बथनाहा(सु), परिहार, बेनीपट्टी, खजौली, बिस्फी, छातापुर, नरपतगंज, फारबिसगंज, जोकिहाट, सिकटी, किशनगंज, बायसी, बनमनखी(सु), पूर्णिया, कटिहार, प्राणपुर, कोढ़ा(सु), सहरसा, दरभंगा, हायाघाट, केवटी, जाले, औराई, कुढ़नी, मुजफ्फरपुर व पातेपुर(सु) पर अपने उम्मीदवार खड़े किए हैं.
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