बिहार चुनाव: घुसपैठियों के मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री का CM नीतीश को जवाब, कह दी यह बड़ी बात

केंद्रीय नंत्री धर्मेंद्र प्रधान (फाइल फोटो)
केंद्रीय नंत्री धर्मेंद्र प्रधान (फाइल फोटो)

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) किशनगंज और कटिहार की सभा में कहा कि कुछ लोग दुष्प्रचार और फालतू बात कर रहा है कि देश से निकाल दिया जाएगा. किसी में इतना दम नहीं है कि किसी दो देश से बाहर निकाल दे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 5, 2020, 2:45 PM IST
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पटना. बिहार विधानसभा चुनाव में घुसपैठियों का मुद्दा गरमा रहा है, लेकिन सबसे खास बात यह है कि ये मुद्दा अब एनडीए के भीतर ही खींचतान का सबब बनती जा रही है. सीमांचल की 19 और कोसी के 18 मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में हो रहे तीसरे फेज के चुनाव के दौरान यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ (UP CM Yogi Adityanath) ने इस मुद्दे को उठाया है और दावा किया है कि एनडीए (NDA) की सरकार बनेगी तो घुसपैठियों को भगाया जाएगा. वहीं, एनडीए का नेतृत्व कर रहे बिहार के सीएम नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने साफ तौर पर कहा है कि ये सभी देश के नागरिक हैं और इन्हें हिन्दुस्तान से किसी को बाहर करने का किसी में दम नहीं है. अब इसी मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सीएम नीतीश की बात का जवाब दिया है.

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसी भी भारतीय नागरिक के भारत छोड़ने का कोई सवाल ही नहीं है, लेकिन पूरी दुनिया में सभी देश अपने देश में रहने वाले अपने नागरिकों और विदेशियों की पहचान कर रहे हैं.  इसलिए, भारत ने भी यह प्रक्रिया हाल में ही शुरू की है.
गौरतलब है कि गुरुवार को एक जनसभा को संबोधित करते हुए बिहार सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि हिन्दुस्तान से किसी को बाहर करने का किसी में दम नहीं है. इसके बाद योगी आदित्यनाथ की रैली के बाद जब नीतीश कुमार कटिहार पहुंचे तो उन्होंने यहां भी कहा कि कुछ लोग दुष्प्रचार और फालतू बात कर रहा है कि देश से निकाल दिया जाएगा. किसी में इतना दम नहीं है कि किसी दो देश से बाहर निकाल दे.

बता दें कि सीमांचल के इलाके में होने वाले मतदान से पहले असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने सीएए और एनआरसी को मुद्दा बना दिया है. मुस्लिम बहुत इलाके में यह मामला छाया हुआ है. बहरहाल, एनडीए के दोनों नेताओं के एक ही मुद्दे पर अलग-अलग बयान से मतदाताओं पर क्या असर पड़ेगा, यह तो 10 नवंबर को ही पता चल पाएगा, लेकिन इन बयानों से गठबंधन सहयोगी बीजेपी और जेडीयू की राय सीएए-एनआरसी के मुद्दे को लेकर एक नहीं लग रही है.
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