बिहार चुनाव: तेजस्वी बनेंगे CM या नीतीश रहेंगे कायम? जानें दूसरे चरण का सियासी समीकरण

तेजस्वी यादव और सीएम नीतीश कुमार
तेजस्वी यादव और सीएम नीतीश कुमार

Bihar Chunav 2020: तेजस्वी और तेज प्रताप के साथ ही प्लूरल्स पार्टी की मुखिया पुष्पम प्रिया चौधरी भी दूसरे चरण के चुनाव में अपनी किस्मत आजमा रही हैं. इसके अलावा नीतीश सरकार के चार मंत्रियों श्रवण कुमार, रामसेवक सिंह, नंदकिशोर यादव व राणा रणधीर भी चुनावी मैदान में हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 3, 2020, 10:31 PM IST
  • Share this:
पटना. बिहार में लालू-राबड़ी शासनकाल (Lalu-Rabri reign) बनाम नीतीश कुमार(Nitish Kumar) के 15 साल के कामकाज के आधार पर चुनावी जंग जारी है. तीन चरणों में हो रहे बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) के नतीजे तो 10 नवंबर को ही सामने आएंगे, लेकिन इतना साफ है कि पहले चरण के बाद दूसरे चरण का मतदान बेहद अहम माना जा रहा है. दरअसल दूसरे फेज में सबसे अधिक 94 सीटों पर चुनाव हो रहे हैं. पहले चरण में जहां 71 सीटों पर मतदान हुए थे वहीं, तीसरे चरण में  15 ज़िलों की 78 सीटों पर मतदान होगा. जाहिर है सीटों की संख्या के लिहाज से दूसरा फेज बेहद ही महत्वपूर्ण है.

सबसे खास बात यह कि पहले और दूसरे चरण को मिलाकर दो तिहाई से ज्यादा सीटों पर प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद हो जाएगी. यानी आज के मतदान के साथ ही 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा के लिए 165 सीटों पर चुनाव लड़ने वाले प्रतिनिधियों की किस्मत भी ईवीएम में कैद हो जाएगी. ऐसे में तीसरा चरण सत्ता के खेल में संख्या के अंतर को घटाने-बढ़ाने का गणित भर रह जाएगा.

RJD के 56, BJP के 45 प्रत्याशी मैदान में
दूसरे चरण में सीटों की संख्या के लिहाज से जहां महागठबंधन के घटक आरजेडी के लिए काफी अहम है वहीं एनडीए में भाजपा के लिए नाक का सवाल है. दरअसल इस चरण में आरजेडी 56 तो भाजपा ने अपने 45 उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं. विधानसभा चुनाव इसी चरण में लालू प्रसाद यादव के दोनों बेटे तेजस्वी और तेजप्रताप का भी भाग्य तय होना है. तेजस्वी यादव वैशाली के राघोपुर से तो तेज प्रताप यादव समस्तीपुर के हसनपुर से चुनाव मैदान में हैं.




वामदलों के लिए अहम है चुनाव
बिहार में अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे वामपंथी दलों के लिए भी बेहद अहम है. यही वजह है कम सीटों पर समझौते कर वह महागठबंधन का हिस्सा बनी है. इस चरण में सीपीएम ने 4,  सीपीआई ने सीपीआई (एमएल) ने 6 प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं. वहीं, कांग्रेस ने 24 प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं. जाहिर है वाम दलों और कांग्रेस के लिए भी यह चरण महत्वपूर्ण है.

दूसरी ओर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानि एनडीए में बीजेपी की 45 सीटों की तुलना में इस फेज में जदयू के 43 और वीआइपी के 6 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं. वहीं, इस चरण में चिराग पासवान की लोजपा ने 52, रालोसपा ने 36,  बसपा ने 33 और राकांपा ने 29 उम्मीदवारों को सियासी अखाड़े में उतारा है.

पुष्पम प्रिया भी हैं मैदान में
दूसरी ओर प्लूरल्स पार्टी की मुखिया पुष्पम प्रिया चौधरी (Pushpam Priya Chaudhary) भी इसी चरण में अपनी किस्मत आजमा रही हैं. इसके साथ ही विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में नीतीश सरकार के चार मंत्रियों श्रवण कुमार, रामसेवक सिंह, नंदकिशोर यादव व राणा रणधीर भी चुनावी मैदान में हैं.

तीसरे चरण में 78 सीटों पर वोटिंग होगी. इस तरह से अगर तीनों चरणों के सीटों को देखा जाए तो सबसे अधिक इस चरण में ही सीटों की संख्या है और इसमें जिस पार्टी को जितनी ज्यादा बढ़त मिलेगी, उसका फायदा चुनावी नतीजों में देखने को मिल सकता है. यही वजह है कि दूसरे चरण के लिए राजनीतिक दलों ने सबसे अधिक ताकत झोंकी.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज