Bihar Assembly Elections: NDA में मचेगी भगदड़ तो महागठबंधन होगा फायदा! जानें क्यों हो रही इस बात की चर्चा
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Bihar Assembly Elections: NDA में मचेगी भगदड़ तो महागठबंधन होगा फायदा! जानें क्यों हो रही इस बात की चर्चा
नीतीश कुमार और सुशील कुमार मोदी (फाइल फोटो)

बिहार एनडीए (Bihar NDA) के लिए मुश्किल यह भी होगी कि कई सीटों पर जेडीयू (JDU) ने बीजेपी के नेताओं को शिकस्त दी थी और कई सीट बीजेपी (BJP) की परंपरागत रही हैं.

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पटना. बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) की तैयारी शुरू हो चुकी है सभी दल अपनी रणनीति अंतिम रूप देने में लगी है. इसी को लेकर बिहार बीजेपी (BJP) प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक भी हो रही है. लेकिन इस बार बीजेपी और जेडीयू के सामने उहापोह की स्थिति रहेगी. दरअसल वर्ष 2015 में जेडीयू ने आरजेडी से गठबंधन (JDU RJD Alliance) कर चुनाव जीता था. बाद में 2017 में बीजेपी से गठबंधन कर सरकार बना ली. इस चुनाव में भी ये दोनों ही दल साथ चुनाव लड़ने जा रहे हैं, ऐसे में दोनों दलों के लिए मुश्किल स्थिति सामने आने वाली है. दरअसल जिन सीटों पर बीजेपी ने जीत हासिल की है उसमें कई सीट जेडीयू (JDU) से जीती है. वहीं जेडीयू ने भी बीजेपी को हराकर कई सीटों पर विजय हासिल की थी. अब दोनों दल गठबंधन में हैं. बीजेपी और जेडीयू यह मानते हैं दोनों दल के नेता बैठकर इस मसले को सुलझा लेंगे वहीं विपक्ष कहता है कि एनडीए  (NDA) में जब भगदड़ मचेगी तो उसका फायदा महागठबंधन को होगा.

मिलजुल कर मसले को सुलझाएंगे- एनडीए

वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी और जेडीयू आमने-सामने थी. बीजेपी ने 28 विधानसभाओं में जेडीयू के उम्मीदवारों को परास्त किया था और बाकी में आरजेडी और कांग्रेस के नेताओं को हराया था. बीजेपी प्रदेश कार्यकारणी की बैठक में भी इसकी चर्चा होनी लाजमी है कि आखिर सिटिंग विधायकों का क्या होगा? यही नहीं  जिनकी हार की मार्जिन कम रही है उनका क्या होगा? हालांकि बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल बताते हैं कि कार्यकारणी की बैठक में पार्टी के कार्ययोजनाओं पर चर्चा होती है. सीटों ये बंटवारे का फोरम अलग होता है. वहीं जेडीयू के नेता और कैबिनेट में मंत्री जयकुमार सिंह भी ये मानते हैं बीजेपी और जेडीयू का नेचर एक है. सभी नेता मिलकर इस मसले को सुलझा लेंगे.



एनडीए में मची भगदड़ तो महागठबंधन को फायदा
गौरतलब है कि 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में 243 सीटों में से महागठबंधन ने 178 सीटों पर बंपर जीत हासिल की थी. आरजेडी को 80, जेडीयू को 71 और महागठबंधन की तीसरी पार्टी कांग्रेस को 27 सीटें मिली थीं. एनडीए को महज 58 सीटें ही मिलीं थी. इस बार जेडीयू एनडीए के साथ में है तो सिटिंग और कम मार्जिन से हारने और जितने वाले नेताओं के लिए उहापोह की स्थिति है. ऐसे में महागठबंधन के नेता मानते  हैं आने वाले दिनों में एनडीए में भगदड़ मचने वाली है. कांग्रेस प्रवक्ता राजेश राठौर कहते हैं कि एनडीए में जो भगदड़ मचेगी और इसका सीधा फायदा  महागठबंधन को मिलने वाला है.

चुनाव होने तक कई समीकरण बदलेंगे

हालांकि राजनीतिक जानकार बताते हैं कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएगा चुनावी समीकरण बदलते जाएंगे. सिर्फ बात एनडीए की नहीं होगी, बात महागठबंधन की भी होगी. जैसे-जैसे चुनाव परवान पर चढ़ेगा वैसे-वैसे राजनीतिक समीकरण भी बदलते जाएंगे. अभी कई राउंड दलबदल का भी खेल चलेगा. कई बड़े चेहरे इस दल से उस दल में भी जाएंगे, ऐसे में यह कह पाना मुश्किल है कि जो चेहरा आज विपक्ष में है वह कल सत्तारूढ़ दल में भी हो सकता है. क्योंकि बिहार में जातिगत समीकरण को देखते हुए ही नेता अपनी अगली चाल चलते हैं. लिहाजा इस बार एनडीए के लिए मुश्किल यह भी होगी कि कई सीटों पर जेडीयू ने भी बीजेपी के नेताओं को शिकस्त दी थी और कई सीटें बीजेपी की परंपरागत रही हैं. ऐसे में दोनों दल के लिए सामंजस्य बिठाना नामुमकिन नहीं तो मुश्किल जरूर है.
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