Assembly Election: यूपी या बिहार के हैं हरिवंश? पीएम मोदी ने किया ट्वीट तो RJD ने मांगा जवाब, तेजस्वी ने कही यह बात

राज्‍यसभा के उपसभापति हरिवंश
राज्‍यसभा के उपसभापति हरिवंश

पीएम मोदी (PM Modi) के ट्वीट का जवाब देते हुए आरजेडी (RJD) ने कहा है कि हरिवंश जी, बिहार नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश के बलिया से हैं. लेकिन आपका नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के डीएनए पर क्या कहना है? क्या अब भी आप मानते हैं कि उनका डीएनए खराब है?

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 22, 2020, 2:24 PM IST
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पटना. कृषि विधेयक को पारित किए जाने के दौरान रविवार को राज्य सभा (Rajya sabha) में काफी हंगामा हुआ था. इस दौरान विपक्षी दलों के कई सांसदों को उनके दुर्व्यवहार के लिए सदन से एक हफ्ते के लिए निलंबित कर दिया गया था. इसके बाद से संसद परिसर में धरना-प्रदर्शन जारी है. हालांकि इस कड़वाहट के बीच मंगलवार सुबह एक अच्छी तस्वीर तब सामने आई जब उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह (Harivansh Narayan Singh) विपक्षी सांसदों के लिए चाय लेकर पहुंचे. हालांकि सदस्यों ने इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया. पर उपसभापति के इस व्यवहार की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Pm narendra modi) ने काफी तारीफ की और कहा कि उनके इस कदम से लोकतंत्र के चाहने वालों को गर्व महसूस होगा.

मोदी ने ट्वीट कर कहा, सदियों से बिहार की महान भूमि हमें लोकतंत्र के मूल्यों को सिखा रही है. उस अद्भुत लोकाचार के अनुरूप बिहार से राज्यसभा सांसद और राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश जी के प्रेरणादायक और राजनेता जैसे आचरण हर लोकतंत्र प्रेमी को गौरवान्वित करेंगे. अब इसी बात पर अब राष्ट्रीय जनता दल का जवाब आया है.

पीएम मोदी के ट्वीट का जवाब देते हुए आरजेडी ने कहा है कि हरिवंश जी, बिहार नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश के बलिया से हैं. लेकिन आपका नीतीश कुमार के डीएनए पर क्या कहना है? क्या अब भी आप मानते हैं कि उनका डीएनए खराब है?
इसके बाद तेजस्वी यादव ने भी अपने ट्विटर अकाउंट से एक ट्विट किया जिसमें लिखा, गैर बिहारी अब चुनाव तक सोते-उठते, खाते-पीते, नहाते-धोते हर बात में बिहार-बिहार चिल्लाएंगे. जिन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री के खून को ख़राब बताया था अब वो लोग बिहारी प्राइड की बात कर रहे हैं.




वहीं जनता दल यूनाइटेड के प्रधान महासचिव के सी त्यागी ने हरिवंश के अपमान को बताया बिहार के लोगों का अपमान करार देते हुए कहा कि  हरिवंश जी पर जे पी केविचारों और कार्यशैली की छाप है. भूतपूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के सहायक रहे हैं. राजनीतिक तौर confrontation की पॉलिटिक्स के पक्षधर नहीं रहे हैं. गांधी के श्रेष्ठ सत्याग्रह के सिद्धांत पर आधरित है जिसके तहत वे चाय लेकर गए थे. जो राज्यसभा में उस दिन हुआ उससे वेकाफ़ी चिंतित हैं व्यथित हैं. गांधी जी के उपवास में किसी के प्रति दुराग्रह नहीं रहता था, वैसा ही वे कर रहे हैं. पूरी पार्टी की शुभकामनाएं उनके साथ हैं.

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ट्वीट में जिक्र किया था कि बिहार की धरती ने सदियों पहले पूरे विश्व को लोकतंत्र की शिक्षा दी थी. आज उसी बिहार की धरती से प्रजातंत्र के प्रतिनिधि बने श्री हरिवंश जी ने जो किया, वह प्रत्येक लोकतंत्र प्रेमी को प्रेरित और आनंदित करने वाला है.

बता दें कि हरिवंश मूल रूप से तो उत्तर प्रदेश के बलिया से हैं, लेकिन वह जदयू का हिस्सा हैं और बिहार से राज्यसभा सांसद बने हैं. ऐसे में उपसभापति के मसले पर बिहार एक बार फिर केंद्र में है और क्योंकि इस बार वहां पर चुनाव भी हैं तो मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है.
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