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नीम हकीम के चक्कर से बचें, हेयर ट्रांसप्लांट करवाने के बाद हो गई बीएमपी जवान की मौत

बीएमपी के जवान मनोरंजन की मौत हेयर ट्रांसप्लांट के बाद हो गई. (फाइल फोटो)

बीएमपी के जवान मनोरंजन की मौत हेयर ट्रांसप्लांट के बाद हो गई. (फाइल फोटो)

Hair Transplant Expert: हेयर ट्रांसप्लांट करवाने से पहले ध्यान रखें कि यह सुरक्षित अस्पताल और सधे डॉक्टर के पास से ही ह ...अधिक पढ़ें

पटना. यह बात सही है कि चेहरे के आकर्षण को गंजापन बुरी तरह प्रभावित करता है. इसलिए गंजा होना किसी को पसंद नही होता. सच तो यह है कि सिर के बाल उड़ने लगें, तो लोग काफी परेशान हो जाते हैं. बाल गिरना बंद हो और सिर की खाली जगह पर बाल फिर से आ जाएं, इसके लिए लोग तरह-तरह के जतन करते हैं. ऐसे जतनों में हेयर ट्रांसप्‍लांट लोगों की पसंद बनता जा रहा है. लेकिन हेयर ट्रांसप्लांट करवाने से पहले ध्यान रखें कि यह सुरक्षित अस्पताल और सधे डॉक्टर के पास से ही हो. हेयर ट्रांसप्‍लांट में बरती गई थोड़ी भी लापरवाही आपके लिए जानलेवा बन सकती है. ऐसा ही हुआ है पटना के बीएमपी जवान के साथ. बीएमपी में कार्यरत मनोरंजन पासवान नाम के सिपाही की तबीयत हेयर ट्रांसप्‍लांट के बाद इस कदर बिगड़ी कि उनकी मौत हो गई. कुछ ही दिनों बाद उनकी शादी होने वाली थी.

बता दें कि पिछले कुछ समय से बीएमपी जवान मनोरंजन पासवान पटना के बोरिंग रोड स्थित एक क्ल‍िनिक में अपने हेयर ट्रांसप्लांट का ट्रीटमेंट करवा रहे थे. इस ट्रीटमेंट के दौरान उनका शरीर काला पड़ने लगा था. तबीयत बिगड़ने पर आनन फानन में उन्हें एक बड़े निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया. लेकिन एक घंटे के अंदर मनोरंजन की मौत हो गई. मनोरंजन गया में विशेष सशस्त्र पुलिस में तैनात थे. उनके पार्थिव शरीर को लेने के लिए गया से पुलिस की दो बसें आई थीं. हालांकि इस मामले में किसी पक्ष की ओर से अब तक कोई विधि‍क कार्रवाई नहीं की गई है.

यह भी बताया जा रहा है कि बोरिंग रोड की जिस क्लिनिक में मनोरंजन का इलाज चल रहा था, वहां कोई डाक्‍टर नहीं है. कुछ लोगों ने कोलकाता के एक विशेषज्ञ की फ्रेंचाइजी ले रखी थी. वहीं मनोरंजन ने अपना हेयर ट्रांसप्लांट कराया था. हालात बिगड़ने के बाद उन्हें एक निजी हॉस्पिटल में ले जाया गया. निजी हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने बताया कि रोगी गंभीर हालत में इमरजेंसी लाया गया था. वहां प्लास्टिक सर्जन, कार्डियक सर्जन, इंटरनल मेडिसिन और आईसीयू के सभी विशेषज्ञों ने इलाज शुरू किया, हालांकि कुछ देर में ही कार्डियक अरेस्ट होने से उनकी मौत हो गई. पाटलिपुत्र थाने को पोस्टमॉर्टम के लिए शव भिजवाने के लिए कहा गया था. ट्रांसप्लांट के क्रम में कौन सी दवाइयां दी गई थीं? क्या रिएक्शन हुआ? ये सारी चीजें बिसरा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगी.

Tags: Bihar News, Doctor, Postmortem

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