लाइव टीवी
Elec-widget

बिहार: आठ विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार के वेतन पर रोक, जानें क्या है मामला

News18 Bihar
Updated: November 23, 2019, 5:24 PM IST
बिहार: आठ विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार के वेतन पर रोक, जानें क्या है मामला
बिहार के 8 विश्विविद्यालयों के रजिस्ट्रार के वेतन पर रोक लगी.

शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव आरके महाजन ने वेतन पर रोक लगाते हुए यह आदेश जारी किया है कि जब तक विश्विद्यालयों के द्वारा रिपोर्ट और ब्योरा समेत अभिलेख प्राप्त नहीं होता है तब तक वेतन पर रोक लगी रहेगी.

  • Share this:
पटना. सरकार के लाख प्रयास के बाद भी विश्वविद्यालयों की मनमानी पर ब्रेक नहीं लग पा रही है.  मामला शिक्षक और कर्मियों के अपुनरीक्षित वेतन और पेंशन से जुड़ा है. इसमें रजिस्ट्रार की लापरवाही सामने आते ही शिक्षा विभाग ने बड़ा एक्शन लिया है. वेतन, पेंशन का ब्योरा नहीं देने के मामले में विभाग ने 8 विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार समेत कई अधिकारियों के वेतन रोकने का आदेश जारी किया है.

वेतन-पेंशन भुगतान का ब्योरा नहीं भेजा
बता  दें कि उच्च शिक्षा निदेशक ने सभी विश्वविद्यालयों से एक महीने के भीतर कार्यरत, सेवानिवृत, मृत शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मियों के वेतन, पेंशन और पारिवारिक पेंशन का भुगतान का आय व्यय के साथ ब्योरा मांगा था, लेकिन वीर कुंवर सिंह विश्विविद्यालय, ललित नारायण विश्विद्यालय, मुंगेर विश्वविद्यालय, जेपी विश्वविद्यालय, पूर्णिया विश्वविद्यालय, बीआरए विश्वविद्यालय, मगध विश्वविद्यालय, अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय ने ब्योरा नहीं भेजा.

राशि स्वीकृत नहीं की जा सकी

सबसे बड़ी बात है कि विश्विद्यालयों की लापरवाही की वजह से वेतन, पेंशन की राशि भुगतान के लिए राशि स्वीकृति नहीं की जा सकी है. वहीं, ब्योरा में राज्य के विश्वविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक के पद पर नियुक्ति के लिए विहित प्रपत्र में अधियाचना भी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था.

शिक्षा विभाग के एक्शन से बढ़ी उम्मीद
शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव आरके महाजन ने वेतन पर रोक लगाते हुए यह आदेश जारी किया है कि जब तक विश्विद्यालयों के द्वारा वर्णित प्रतिवेदन और ब्योरा समेत अभिलेख प्राप्त नहीं होता है तब तक वेतन पर रोक लगी रहेगी. शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई से विश्वविद्यालयों में जहां हड़कंप मचा है वहीं, कर्मियों और शिक्षकों की उम्मीदें बढ़ी है.
Loading...

विश्वविद्यालयों की लापरवाही हुई उजागर
दरअसल पुनरीक्षित वेतन और पेंशन के लाभ से कर्मियों को महीनों से वंचित होना पड़ रहा था. जबकि समय-समय पर न सिर्फ विभाग की ओर से गाइडलाइन जारी किए जाते हैं बल्कि राजभवन भी तय समय के भीतर कमियों को दूर कर और कार्यों का निपटारा करने का आदेश जारी करता है. बावजूद लापरवाही पर विराम नहीं लग पाता है.

ऐसे में  शिक्षा विभाग की कार्रवाई के बाद इंतजार करना होगा कि चिन्हित विश्वविद्यालयों की ओर से सरकार को समुचित ब्योरा कबतक उपलब्ध करा दिया जाता है या फिर विभाग अगली कार्रवाई करने पर मजबूर होती है.

ये भी पढ़ें

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए पटना से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 23, 2019, 4:11 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...