बांका मस्जिद विस्फोट में इमाम की मौत और बिहार का आतंक कनेक्शन, पढ़ें डिटेल स्टोरी

बांका के मदरसा में विस्फोट होने के बाद आतंकी कनेक्‍शन की चर्चा हो रही है.

बांका के मदरसा में विस्फोट होने के बाद आतंकी कनेक्‍शन की चर्चा हो रही है.

Bihar Terror Connection: 27 अक्टूबर, 2013 को पटना के गांधी मैदान में विस्फोट के बाद एनआईए (NIA) ने बताया था कि आतंकियों के यह स्लीपर सेल बिजली मिस्त्री, चप्पल बनाने वाले, पंचर बनाने वाले दर्जी या किसी भी रूप में हो सकते हैं.

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पटना. बांका जिले के नगर थाना क्षेत्र के नवटोलिया मोहल्ला में एक मदरसा भवन में मंगलवार की सुबह अचानक विस्फोट हो गया इसमें एक इमाम की मौत हो गई. मृतक की पहचान अब्दुल मोबीन (33) के तौर पर हुई है जो पड़ोसी झारखंड के देवघर में सोनरिथारी थाना के कालूजोत गांव का निवासी था.मामले पर एसपी ने कहा कि घटनास्थल के निरीक्षण के क्रम में एफएसएल की टीम को मलबे में से विस्फोटक के अंश मिले हैं जिसे जांच के लिए एफएसएल की टीम अपने साथ ले गई है. इस मामले पर से पूरा पर्दा तब ही उठ पाएगा जब जांच रिपोर्ट सामने आएगी. इस बीच भाजपा के विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल ने कहा है कि घटना से यह स्पष्ट हो गया की मदरसा में सिर्फ धार्मिक और आतंकवाद की शिक्षा दी जाती है. ये विस्फोट साबित करता है की वहां आतंकवादी गतिविधियां चल रही थी. इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए.

बांका मस्जिद में हुए इस विस्फोट का आतंक से कनेक्शन है या नहीं, यह तो जांच का विषय है. पर इस घटना के बाद एक बार फिर यह मुद्दा विमर्श में आ गया है कि क्या बिहार आतंकवादियों के लिए सेफ जोन बन गया है? दरअसल वर्ष 2000 के बाद से ही कई ऐसे मामले सामने आए हैं जब आतंकवादियों और बड़े अपराधियों का कनेक्शन बिहार से निकला है. बता दें कि वर्ष 2000 में सीतामढ़ी जिले से पहली बार दो आतंकियों को गिरफ्तार किया गया था. आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के सदस्य मकबूल और जहीर की गिरफ्तारी के बाद से अब तक कई आतंकवादियों को बिहार से अरेस्ट किया जा चुका है.

वर्ष 2006 के बाद से आतंकी बिहार में दोबारा सक्रिय हुए और धीरे-धीरे...

20 जुलाई, 2006- मुंबई एटीएस ने मधुबनी के बासोपट्टी बाजार से मो. कमाल को मुंबई लोकल ट्रेन धमाके में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया था.
02 जनवरी, 2008- रामपुर (यूपी) सीआरपीएफ कैंप में हुए विस्फोट मामले में मधुबनी के सकरी के गंधवारी गांव से 2 जनवरी, 2008 को सबाऊद्दीन को गिरफ्तार किया था.

वर्ष 2009-10-  दिल्ली ब्लास्ट मामले में मधुबनी के बासोपट्टी के बलकटवा से मदनी की गिरफ्तारी हुई थी.

26 नवम्बर, 2011- दिल्ली पुलिस ने मधुबनी के सिंघानिया चौक व सकरी के दरबार टोला से अफजल व गुल अहमद जमाली को पकड़ा था.



19 नवम्बर, 2011- दरभंगा के केवटी अंतर्गत बाढ़ समैला के कतील सिद्दीकी उर्फ साजन की दिल्ली में गिरफ्तारी हुई थी.

12 जनवरी, 2012- दरभंगा के जाले थाना के देवड़ा बंधौली गांव निवासी नदीम और नक्की को गिरफ्तार किया गया था. दोनों की निशानदेही पर विस्फोट में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल मिली थी.

21 फरवरी 2012- एटीएस ने शिवधारा से साइकिल मिस्त्री कफील अहमद को पकड़ा था. उसे आइएम का मेंटर बताया गया.

06 जनवरी, 2012- केवटी थाने के समैला गांव से कर्नाटक पुलिस ने संदिग्ध आतंकी मो. कफील अख्तर को गिरफ्तार किया था.  बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम विस्फोट में उसकी संलिप्तता सामने आई थी.

13 मई, 2012- सऊदी अरब में केवटी के बाढ़ समैला गांव के फसीह महमूद को भारतीय सुरक्षा एजेंसी ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से पकड़ा था. गौरतलब है कि आइएम चीफ रियाज भटकल और इकबाल भटकल से जुड़ा फसीह 2008 में बटला हाउस मुठभेड़ के बाद सऊदी अरब भाग गया था. जहां से आइएम को पैसे मुहैया कराता रहा. दाऊद इब्राहिम का सहयोगी फजलुर्रहमान भी जाले थाने के देवड़ा बंधौली गांव का है. अभी वह तिहाड़ जेल में बंद है.

21 जनवरी 2013- लहेरियासराय थाने के चकजोहरा मोहल्ला से मो. दानिश अंसारी को कथित आतंकी हमले की साजिश में गिरफ्तार किया गया था. दोनों आइएम सरगना यासीन भटकल के गुर्गे थे.

7 जुलाई, 2013- बोधगया के महाबोधि मंदिर परिसर में एक के बाद एक दस बम विस्फोट हुए थे. जांच में हमले में रोहिंग्या आतंकी के स्लीपर सेल की बात सामने आई थी.

अगस्त, 2013-  इंडियन मुजाहिद्दीन के आतंकवादी यासीन भटकल व अब्दुल असगर उर्फ हड्डी को पूर्वी चंपारण से लगे नेपाल सीमा से गिरफ्तार किया गया.

अगस्त, 2019- गया से कोलकाता एटीएस ने बांग्लादेश के आतंकी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन के एक सदस्य को गिरफ्तार किया. वह पश्चिम बंगाल के वर्दमान विस्फोट का आरोपी था.

फरवरी, 2021- बिहार के सारण जिले का जम्मू के आतंक से कनेक्शन तब सामने आया जब मढ़ौरा थाना के देव बहुआरा निवासी रिटायर शिक्षक महफूज अंसारी के 25 वर्षीय पुत्र जावेद को  उसके पैतृक घर से पकड़ा गया. आरोपों के अनुसार जावेद की दोस्ती अलीगढ़ के एक कॉलेज में कथित आतंकी कनेक्शन वाले कश्मीर के मुश्ताक नामक एक युवक से हुई जावेद ने ही सारण से करीब 7 पिस्टल मुश्ताक को मुहैया कराई थी.

आतंक का पाक कनेक्शन

सुरक्षा जानकारों की मानें तो पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई देश को अस्थिर करने में जुटी है. उससे जुड़े संगठन मुस्लिम समाज के युवाओं को दिग्भ्रमित कर गलत रास्ते पर ले जा रहा है. खुफिया सूत्रों अनुसार, आतंकवादी-अपराधी अपना हित साधने के लिए मुस्लिमों की घनी आबादी वाले इलाकों को ही चुनते हैं जो कि मिथिलांचल और सीमांचल के इलाके में सहजता से उपलब्ध है और वहां से नेपाल भाग जाना भी आसान है.

सीमांचल-मिथिलांचल बना सेफ जोन!

बिहार के सीमांचल का किशनगंज, अररिया और पूर्णिया, मिथिलांचल का मधुबनी व दरभंगा जिला भी आतंकवादियों के लिए पनाहगाह के रूप में देखा जा रहा है. 2014 से पहले हुए देश में कई जगह पर बम ब्लास्ट के मामले में जितने आतंकी पकड़े गए थे उनमें से एक दर्जन दरभंगा जिले के ही रहने वाले थे. दरभंगा के कफील अहमद वसी अहमद शेख मोहम्मद आदिल गयूर अहमद जमाली आफताब आलम जैसे कई नाम इसी जिले के थे.

नेपाल सीमा से पकड़ा गया यासीन भटकल

इसके अलावा नेपाल से सटे मोतिहारी जिले से इंडियन मुजाहिद्दीन के यासीन भटकल और अब्दुल असगर उर्फ हड्डी की गिरफ्तारी ने भी यह साबित कर दिया था कि बिहार को आतंकवादी अपने पनाहगाह के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं. बता दें कि वर्ष 2009 में दिल्ली ब्लास्ट के लिए पकड़े गए मधुबनी का रहने वाला आतंकवादी मदनी को दिल्ली एटीएस की टीम बिहार लेकर पहुंची थी.

आतंकी मदनी का भी बिहार कनेक्शन

दरअसल आतंकवादी मदनी को दिल्ली में हुए एक ब्लास्ट के मामले में पकड़ा गया था. पूछताछ में आतंकी मदनी ने एटीएस के सामने यह खुलासा किया कि वह बिहार भी जा चुका है. बिहार में नक्सलियों से उसकी सांठगांठ है और वह नक्सलियों को विस्फोटक के साथ हथियार भी मुहैया कराता है.

कोई भी हो सकता है आतंकवादी

इसी तरह 27 अक्टूबर, 2013 को पटना के गांधी मैदान में जब वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने चुनाव प्रचार के लिए आए थे. उस वक्त उनकी सभा में एक के बाद एक कई धमाके हुए थे. उस वक्त एनआईए (NIA) ने बताया था कि आतंकियों के यह स्लीपर सेल बिजली मिस्त्री, चप्पल बनाने वाले, पंचर बनाने वाले दर्जी या किसी भी रूप में हो सकते हैं.

शरजिल इमाम भी बिहार से पकड़ा गया

दिल्ली में सीएए-एनआरसी प्रोटेस्ट के दौरान जेएनयू (JNU) छात्र शरजील इमाम ने असम समेत पूरे उत्तर पूर्व भारत को शेष भारत से काटने की बात कही थी. उसने कहा था कि 'चिकन नेक' के कटने से उसी से के लोगों को आजादी मिल सकेगी.  देशद्रोही बयान देने वाला यह शरजील इमाम भी बिहार के जहानाबाद का ही रहने वाला है. वह नेपाल भागने की फिराक में था पर अभी वह पुलिस की गिरफ्त में है.

अवैध हथियारों का भी बिहार के मुंगेर से कनेक्शन

वर्ष 2018 में मुंगेर के एक कुएं से छिपाकर रखी गई 20 AK-47 की बरामदगी हुई जिसमें यह बात सामने आई कि ये अत्याधुनिक हथियार, मध्य प्रदेश के ऑर्डिनेंस फैक्ट्री से गायब हुए 50 AK 47 में से ही 20 हैं.   पकड़े गए अपराधियों के तार आतंकी और नक्सलियों से जुड़े होने होने की भी बात सामने आई.  इस मामले में पुलिस ने मुंगेर के ही जमालपुर के रहने वाले मोहम्मद इमरान को गिरफ्तार किया था.

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