बिहार: शादी हो या कोई भोज... थाने में देनी होगी जानकारी, जानें क्या हैं नये नियम

UNLOCK : अब स्थानीय थाना की अनुमति से भोज का आयोजन किया जाएगा (सांकेतिक तस्वीर)
UNLOCK : अब स्थानीय थाना की अनुमति से भोज का आयोजन किया जाएगा (सांकेतिक तस्वीर)

नये आदेश के अनुसार थानाध्यक्ष (SHO) ये सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी समारोह (Function) में अधिकतम 50 व्यक्ति ही शामिल हों. सीमित संख्या में कैटरिंग स्टाफ की अनुमति होगी.

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पटना. बिहार में कोरोना संक्रमण (Corona infection) का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है. ऐसे में बिहार सरकार (Government of Bihar) एक बार फिर पूरी तरह से सख्ती बरतने की तैयारी कर रही है. प्रदेश में कई जिलों के विभिन्न इलाकों को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया गया है. वहीं शादी समारोह को लेकर भी सरकार ने दिशा-निर्देश जारी किया है.  इस आदेश के तहत अगर कोई शादी समारोह या इस प्रकार का कोई भी आयोजन करने की योजना बना रहा हो, जिसमें निमंत्रण पत्र बांटकर लोगों को बुलाया जाता है,  तो कार्ड बांटने से पहले आयोजनकर्ता को स्थानीय थाना को सूचित करना होगा. बिहार में कोरोना को लेकर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक में ये फैसला लिया गया है.

कानून मनवाने की जिम्मेदारी SHO पर
डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय के मुताबिक सरकार ने सभी थानाध्यक्षों को होटल, बैंक्वेट हॉल,  मैरेज हॉल, कम्युनिटी हॉल या विवाह परिसर को नोटिस जारी करने को कहा है. थानाध्यक्ष ये सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी समारोह में अधिकतम 50 व्यक्ति ही शामिल हों. इसके अलावा सीमित संख्या में कैटरिंग स्टाफ की अनुमति होगी. सरकार के निर्देश का उल्लंघन करने वाले होटल, बैंक्वेट हॉल, मैरिज हॉल, कम्युनिटी हॉल या विवाह परिसर को बंद करा दिया जाएगा.

जरूरी जगहों पर लगाया जाएगा प्रतिबंध
इसके अलावा कोरोना पर काबू पाने के लिए राज्य सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए स्थिति का आकलन कर जरूरी प्रतिबंध लगाएं जाएं. बाजारों में ज्यादा भीड़ होने और दुकानदारों द्वारा मास्क का प्रयोग नहीं करने या सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करने पर उस दुकान के साथ-साथ पड़ोस की दुकानों को भी दो दिनों तक बंद रखने का आदेश जिलाधिकारी दे सकते हैं.



अनलॉक-2 में केंद्र सरकार ने दिए थे निर्देश
बता दें कि केंद्र सरकार ने अनलॉक 2 के आदेश में कहा है कि जरूरत के मुताबिक राज्य सरकार प्रतिबंधों को कड़ा कर सकती है.  इसी को लेकर बिहार में बढ़ते संक्रमण को देखते हुए राज्य सरकार सख्त हो गई है. इससे पहले सूबे में काफी छूट दी गई थी, लेकिन उसके बाद कोरोना मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी है जिसके बाद प्रशासनिक कार्रवाई तेज कर दी गई है.
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