बड़ी खबर: 'शिक्षक नियुक्ति मामले पर जल्द हो सुनवाई', नीतीश सरकार ने हाईकोर्ट से लगाई गुहार

1 लाख शिक्षकों की जगी उम्मीद: नीतीश सरकार की हाईकोर्ट से अपील (फाइल फोटो)

1 लाख शिक्षकों की जगी उम्मीद: नीतीश सरकार की हाईकोर्ट से अपील (फाइल फोटो)

Bihar Teacher Job: शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि न्यायालय में 94 हजार नहीं करीब 98 हजार शिक्षकों का मामला लंबित है. इन नियुक्तियों की सारी प्रक्रिया सरकार पूरी कर चुकी है, लेकिन मामला न्यायायल में रहने के कारण लटका हुआ.

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पटना. 'बिहार नीड्स टीचर्स'... हैशटैग से सोमवार को ट्विटर पर अभियान चलाया गया था. इसमें प्रदेश के लाखों युवा शामिल हुए और केंद्र एवं राज्य सरकारों की नौकरियों के लिए लंबित जॉइनिंग और रिक्तियों को भरने की प्रक्रिया के लिए ट्विटर पर हल्लाबोल किया. बताया जा रहा है कि बिहार में शिक्षकों के  तीन लाख से अधिक पद खाली हैं, फिर भी सरकार उनकी बहाली नहीं कर रही है. इस बीच अब खबर है कि प्रदेश में करीब एक सवा लाख माध्यमिक एवं प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति के लिए राज्य सरकार ने जल्द सुनवाई के लिए पटना हाईकोर्ट से गुहार लगाई है.

बिहार के महाधिवक्ता ललित किशोर ने जल्द सुनवाई करने के लिए मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ से अनुरोध किया है. बुधवार को उनके अनुरोध को मंजूर करते हुए कोर्ट ने कहा कि केस की फाइल देखकर जल्द सुनवाई करने का निर्णय लिया जाएगा. दरअसल नियुक्ति पर कोर्ट ने रोक लगा रखी है. लगी रोक हटने के बाद ही नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी. सरकार के अनुरोध किये जाने से लगी रोक हटने की उम्मीद बढ़ गई है.

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महाधिवक्ता ने की यह अपील
महाधिवक्ता ने मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ को बताया कि राज्य सरकार ने जवाबी हलफनामा दायर कर कोर्ट को भरोसा दिलाया है कि विकलांग उम्मीदवारों को कानून के तहत चार प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया जाएगा. उन्होंने मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ को बताया कि गत मार्च में ही मामले पर सुनवाई की जानी थी, लेकिन कोरोना के कारण कोर्ट में न्यायिक कार्य बाधित होने से सुनवाई नहीं हो सकी है. इससे शिक्षकों की बहाली लंबित है.

अगर ऐसा हुआ तो जल्द होगी बहाली

महाधिवक्ता ने इस मामले पर जल्द सुनवाई करने का अनुरोध किया. उनका कहना था कि सरकार ने आवेदक की मांग मान ली है. ऐसे में पूरी बहाली पर रोक लगाये रखने का कोई औचित्य नहीं बनता. महाधिवक्ता के अनुरोध पर मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने अपने कोर्ट मास्टर को इस केस को फाइल उनके समक्ष पेश करने का निर्देश दिया. उम्मीद है कि जल्द ही इस मामले पर सुनवाई होगी और नियुक्ति पर लगी रोक हट जायेगी और राज्य में सवा लाख शिक्षकों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो जाएगा.



बिहार के शिक्षा मंत्री ने कही यह बात

बता दें कि बिहार के शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने भी कहा कि न्यायालय में 94 हजार नहीं करीब 98 हजार शिक्षकों का मामला लंबित है. इन नियुक्तियों की सारी प्रक्रिया सरकार पूरी कर चुकी है, लेकिन मामला न्यायायल में रहने के कारण लटका हुआ. मंत्री ने कहा कि हाईकोर्ट से यह भी कहा गया है कि जिन विकलांग सीटों पर पेच फंसा हुआ है उतनी सीटों को आरक्षित श्रेणी में डालकर बहाली हम रोक लेते हैं और शेष के लिए न्यायायल इजाजत दे दे तो हम जल्द ही जॉइनिंग करवा देंगे. अब सबकुछ हाईकोर्ट पर निर्भर करता है.

'बिहार सरकार पूरी तरह से पारदर्शी'

मंत्री ने कहा कि हम लोग हर हाल में जल्दी से जल्दी करना चाहते हैं. मीडिया के साथ ही अभ्यर्थियों को यह जरूर बताना चाहते हैं कि बिहार सरकार ने कोरोना बंदी के दौरान भी स्पेशल मेंशन कर मुख्य न्यायाधीश के सामने तिथि भी निर्धारित करवाई थी. यह हमारा दुर्भाग्य है कि जिस तिथि को सुनवाई होनी थी पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ही कोरोनावायरस संक्रमित हो गए थे और सुनवाई नहीं हो पाई. आज हमें इजाजत मिल जाए कल से मुक्ति के लिए तैयार हैं. बहरहाल पटना हाईकोर्ट में बिहार सरकार का पक्ष आने के बाद माना जा रहा है कि बड़े पैमाने पर शिक्षकों की नियुक्ति के इस मामले का जल्द ही कोई न कोई हल निकल आएगा.

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