बिहार में 1,157 आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों ने लड़ा विधानसभा चुनाव

बिहार विधानसभा चुनाव के लिए तीन चरणों में मतदान संपन्न हो चुके हैं, अब 10 नवंबर को नतीजे आने बाकी हैं (न्यूज़ 18 ग्राफिक्स)
बिहार विधानसभा चुनाव के लिए तीन चरणों में मतदान संपन्न हो चुके हैं, अब 10 नवंबर को नतीजे आने बाकी हैं (न्यूज़ 18 ग्राफिक्स)

चुनाव आयोग की तरफ से शनिवार को उपलब्ध कराए गए आंकड़े के मुताबिक बिहार में तीन चरणों में कराए गए चुनाव में कुल 3,733 उम्मीदवार मैदान में थे, जिनमें महिलाओं की संख्या 371 थी. आयोग के मुताबिक विधानसभा चुनाव में कुल 1,157 उम्मीदवार आपराधिक पृष्ठभूमि वाले थे

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 8, 2020, 5:17 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. बिहार में आपराधिक पृष्ठभूमि के 1,100 से अधिक उम्मीदवारों ने विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election 2020) लड़ा है. चुनाव आयोग (Election Commission) ने यह जानकारी दी है. आयोग की तरफ से शनिवार को उपलब्ध कराए गए आंकड़े के मुताबिक तीन चरणों में कराए गए चुनाव में कुल 3,733 उम्मीदवार मैदान में थे, जिनमें महिलाओं की संख्या 371 थी.

आयोग के मुताबिक चुनाव में कुल 1,157 उम्मीदवार आपराधिक पृष्ठभूमि (Criminal Background Candidates) वाले थे. इस वर्ष फरवरी में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद चुनाव आयोग ने मार्च में राजनीतिक दलों से कहा था कि वो बताएं कि उन्होंने आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों को मैदान में क्यों उतारा. देश में बिहार विधानसभा चुनाव पहला पूर्ण चुनाव है, जिसमें राजनीतिक दलों ने अपने उम्मीदवारों का पूरा ब्योरा सार्वजनिक किया है.

चुनाव आयोग ने सितंबर में यह नियम बनाया था कि उम्मीदवारों की आपराधिक पृष्ठभूमि के बारे में चुनाव प्रचार के दौरान जानकारी देना अनिवार्य है. आयोग ने अक्टूबर 2018 में निर्देश जारी कर अनिवार्य किया था कि उम्मीदवार और राजनीतिक दल चुनाव प्रचार के दौरान टीवी और अखबारों में कम से कम तीन बार प्रचार कर आपराधिक इतिहास के बारे में जानकारी दें.



अब चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि उम्मीदवारी वापस लेने की अंतिम तिथि के पहले चार दिनों के अंदर आपराधिक रिकॉर्ड का पहली बार ‘प्रचार’ किया जाना चाहिए. इसने कहा कि दूसरी बार प्रचार उम्मीदवारी वापस लेने की अंतिम तिथि के पांचवें और आठवें दिन के भीतर होना चाहिए. जबकि तीसरा और अंतिम प्रचार नौवें दिन से चुनाव प्रचार के अंतिम दिन के बीच होना चाहिए.
आयोग की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया कि इससे मतदाताओं के पास सही जानकारी रहेगी और वो वोट डालने में अपने विकल्प का चुनाव सही तरीके से कर सकेंगे.

बता दें कि कोरोना काल में केंद्र के गाइडलाइन के तहत बिहार की 243 विधानसभा सीटों के लिए में तीन चरणों में चुनाव करवाए गए हैं. चुनाव के नतीजे मंगलवार 10 नवंबर को आएंगे. (भाषा से इनपुट)
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज