बिहार चुनाव: भोजपुर में नामांकन दाखिल करने पहुंचे महागठबंधन प्रत्याशी को पुलिस ने किया गिरफ्तार

भोजपुर जिले में नामांकन के दौरान गिरफ्तार हुआ माले का प्रत्याशी मनोज मंजिल (फोटो- सोशल मीडिया)
भोजपुर जिले में नामांकन के दौरान गिरफ्तार हुआ माले का प्रत्याशी मनोज मंजिल (फोटो- सोशल मीडिया)

बिहार चुनाव 2020: गिरफ्तार प्रत्याशी का नाम मनोज मंजिल है तो भाकपा माले से भोजपुर की अगियांव सीट से प्रत्याशी और इनौस का राष्ट्रीय अध्यक्ष भी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 8, 2020, 2:48 PM IST
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पटना. बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव (Bihar Election 2020) को लेकर नामांकन का दौर लगातार जारी है और पहले चरण के चुनाव के लिए गुरुवार को प्रत्याशी आखिरी दिन अपना नामांकन दाखिल कर रहे हैं. इस कड़ी में कई जिलों से विभिन्न दलों के प्रत्याशियों की गिरफ्तारी की भी सूचना है. ताजा मामला भोजपुर जिले से जुड़ा है जहां अगियांव सीट से महागठबंधन (Mahagathbandhan) के उम्मीदवार मनोज मंजिल को पुलिस ने नामांकन के दौरान ही गिरफ्तार कर लिया है.

महागठबंधन के बैनर तले भाकपा माले के नेता मनोज मंजिल की गिरफ्तारी उस वक्त की गई जब वह पीरो स्थित अनुमंडल कार्यालय से नामांकन करने के बाद लौट रहे थे. इसी दौरान पीरो डीएसपी के नेतृत्व में एक टीम ने मनोज को गिरफ्तार कर लिया. मनोज मंजिल की गिरफ्तारी की पुष्टि पीरो डीएसपी अशोक कुमार आजाद ने करते हुए बताया कि मनोज मंजिल पर जिले के अगियांव थाने में सड़क जाम करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने का एक केस दर्ज है. पुलिस के मुताबिक इसी केस को लेकर कोर्ट के वारंट के अनुसार उनकी गिरफ्तारी हुई है. तरारी थाना के कपुरडिहरा गांव के निवासी मनोज मंजिल इनौस यानि इंकलाबी नौजवान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं. मनोज मंजिल की गिरफ्तारी से पहले आरा से कुमुद पटेल नामक एक उम्मीदवार की भी गिरफ्तारी हो चुकी है.





जन तांत्रिक विकास पार्टी के प्रत्याशी कुमुद पटेल को पुलिस ने भी उस वक्त गिरफ्तार किया था जब वो आरा में अपना नामांकन दाखिल करने जा रहे थे. कुमुद पटेल को पुलिस ने उन्हें 2012 में उनके खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज किए गए केस में गिरफ्तार किया है. कुमुद और उनके समर्थकों ने बताया कि उनके खिलाफ ये साजिश है. गिरफ्तार हुए कुमुद पटेल ने कहा कि चुनाव से ठीक पहले उनको गिरफ्तार किया जाना उनके खिलाफ एक बड़ी साजिश है. चुनाव मैदान में आने से विरोधियों को डर सताने लगा है, इसलिए उनकी आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है.
मालूम हो कि बिहार में पहले फेज की वोटिंग के दौरान ही भोजपुर जिले की सात सीटों के लिए वोट डाले जाने हैं, ऐसे में सभी की निगाहें 28 अक्टूबर के चुनाव पर हैं.
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