बीजेपी के बाद JDU का भी हाइटेक अंदाज, वर्चुअल सम्मेलन में नीतीश कुमार के निशाने पर ‘लालू-राबड़ी’
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बीजेपी के बाद JDU का भी हाइटेक अंदाज, वर्चुअल सम्मेलन में नीतीश कुमार के निशाने पर ‘लालू-राबड़ी’
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार वर्चुअल सम्मेलन कर अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को चुनावी मोड में लाने का प्रयास कर रहे हैं

सात जून से लगातार छह दिन तक चलने वाले इस वर्चुअल सम्मेलन (Virtual Rally) में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की कोशिश अलग-अलग जिलों के पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद स्थापित करने की है

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नई दिल्ली. कोरोना वायरस (COVID-19) के प्रकोप और उसके फैलाव से रोकथाम की तैयारियों के बीच बिहार (Bihar) की सियासी पार्टियां चुनावी मोड में नजर आ रही हैं. बीजेपी (BJP) के बाद अब उसकी सहयोगी जनता दल युनाइटेड (जेडीयू) का भी हाईटेक अंदाज सामने आ रहा है. नीतीश कुमार (Nitish Kumar) भी अब नए अवतार में पार्टी कार्यकर्ताओं से मुखातिब हो रहे हैं. सात जून को अमित शाह की वर्चुअल रैली (Amit Shah Virtual Rally) के दिन से ही जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ वर्चुअल सम्मेलन की शुरुआत कर दी है.

सात जून से लगातार छह दिन तक चलने वाले इस वर्चुअल सम्मेलन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कोशिश अलग-अलग जिलों के पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद स्थापित करने की है. वर्चुअल सम्मेलन के चौथे दिन नीतीश कुमार ने समस्तीपुर, खगड़िया समेत कई जिलों के पार्टी के जिला अध्यक्षों, बूथ अध्यक्षों और दूसरे वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के साथ संवाद किया.

कार्यकर्ताओ के भीतर नई जान फूंकने की नीतीश कुमार की कोशिश साफ दिख रही है. कोरोना संकट और लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों की समस्या और उनसे निपटने के लिए उठाए गए कदमों का जिक्र लगातार किया जा रहा है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पार्टी कार्यकर्ताओं को बता रहे हैं कि आखिरकार उनकी सरकार की तरफ से क्वारंटाइन सेंटर से लेकर बाकी जगहों पर किस तरह से प्रवासी मजदूरों की परेशानियों का ख्याल रखा गया. लेकिन, एक बार फिर नीतीश कुमार के निशाने पर लालू-राबड़ी का शासनकाल ही है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी लालटेन-युग की याद दिलाकर आरजेडी के 15 साल के शासनकाल का जिक्र किया था. अब नीतीश कुमार भी पार्टी कार्यकर्ताओं को 15 साल के पति-पत्नी के शासनकाल की याद दिला रहे हैं. नीतीश पूरे बिहार में अपने कार्यकर्ताओं को यह बताना चाहते हैं कि आरजेडी की तरफ से किया जा रहा विरोध राजनीति से प्रेरित है.



नीतीश कुमार के शासनकाल पर हमलावर हैं तेजस्वी
ऐसा इसलिए भी क्योंकि दिल्ली से पटना पहुंचने के बाद से ही विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव लगातार सरकार पर हमलावर हैं. कानून-व्यवस्था से लेकर क्वारंटाइन सेंटर तक की खामियों को उठाकर तेजस्वी नीतीश कुमार के 15 साल के शासनकाल को मुद्दा बना रहे हैं.

कोरोना संक्रमण के बीच बिहार में विधानसभा चुनाव की तैयारी तो हो रही है. लेकिन, इस वर्चुअल रैली में भी जो मुद्दे उठाए जा रहे हैं, उसमें मौजूदा हालात से कहीं ज्यादा लालू-राबड़ी के 15 साल बनाम नीतीश कुमार के 15 साल की चर्चा ज्यादा हो रही है. शायद नीतीश कुमार को भी यही चर्चा रास आ रही है
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