बिहार चुनाव 2020: टिकट वितरण में नीतीश कुमार का जातीय कार्ड विरोधियों पर पड़ेगा भारी!

बिहार में जेडीयू 122 सीटों पर और बीजेपी 121 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. हालांकि जेडीयू ने हम को अपने कोटे से सात सीटें दी हैं वहीं बीजेपी ने भी वीआईपी को अपने कोटो से नौ सीटें दी हैं
बिहार में जेडीयू 122 सीटों पर और बीजेपी 121 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. हालांकि जेडीयू ने हम को अपने कोटे से सात सीटें दी हैं वहीं बीजेपी ने भी वीआईपी को अपने कोटो से नौ सीटें दी हैं

बिहार के चुनावी रण में नीतीश कुमार ने आरजेडी सहित तमाम विरोधियों को मात देने के लिए जाति कार्ड खेल दिया है. इस समीकरण को देखने से स्पष्ट हो जाता है कि नीतीश ने एक खास रणनीति के तहत अपने उम्मीदवार उतारे हैं

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 7, 2020, 10:33 PM IST
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पटना. जनता दल युनाइटेड (JDU) ने अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है. बुधवार को जारी इस लिस्ट को देखने से यह स्पष्ट हो जाता है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के खास समीकरण के साथ-साथ महगठबंधन (Grand Alliance) को शिकस्त देने के लिए पूरी तैयारी कर ली है. नीतीश कुमार ने जिन उम्मीदवारों को टिकट दिया है उसके जातीय समीकरण को देख कर लगता है की आरजेडी के आधार MY समीकरण के साथ-साथ दलितों और अति पिछड़ा वोटरों को बड़ा मैसेज देने की कोशिश की है. साथ ही बिहार की आधी आबादी यानी महिला उम्मीदवारों पर नीतीश ने बड़ा दांव खेला है. जेडीयू ने अपनी लिस्ट में बाइस महिलाओं को चुनावी टिकट दिया है.

जेडीयू उम्मीदवारों का जातीय समीकरण 

अति पिछड़ा- 19
यादव- 18
दलित- 18


कुशवाहा- 15
कुर्मी- 12
मुस्लिम- 11
भूमिहार- 10
राजपूत- 7
ब्राह्मण- 2
वैश्य- 3

इस समीकरण को देखने से साफ लग रहा है कि नीतीश ने अपने तमाम विरोधियों को देखते हुए उम्मीदवार उतारे हैं. आरजेडी के MY समीकरण को तोड़ने के लिए 29 यादव और मुस्लिम उम्मीदवार मैदान में उतारे है. तो वहीं उपेंद्र कुशवाहा के गठबंधन को झटका देने के लिए कुर्मी-कुशवाहा और दलित मिला कर 45 उम्मीदवारों को टिकट दिया है. नीतीश ने सवर्ण समुदाय को लुभाने के लिए 19 सवर्ण और वैश्य समाज के तीन उम्मीदवार उतारे हैं.



जाहिर है, महगठबंधन भी MY समीकरण के साथ-साथ दलित और सवर्ण वोटरों पर नजर गड़ाए हुए है. आरजेडी ने अपने परंपरागत MY समीकरण के अलावे दलित वोटबैंक में सेंध लगाने के लिए माले सहित वामदलों से गठबंधन किया है. इसे ध्यान में देखते हुए नीतीश कुमार ने MY के साथ दलित उम्मीदवार भी बड़ी संख्या में उतार विरोधियों को झटका देने की कोशिश की है.

तीन चरणों में होगा बिहार विधानसभा चुनाव

बता दें कि बिहार की 243 विधानसभा सीटों के लिए तीन चरणों में चुनाव होना है जिसमें पहले चरण के लिए 28 अक्टूबर, दूसरे चरण के लिए तीन नवंबर और तीसरे चरण के लिए सात नवंबर को मतदान होना है. वहीं चुनाव के नतीजे 10 नवंबर को आएंगे. पहले चरण की 71 सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया एक अक्टूबर से जारी है.
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