Bihar Election 2020 Date: बिहार में कब होंगे चुनाव? 12.30 बजे EC करेगा तारीखों का ऐलान

दोपहर 12.30 बजे इलेक्शन कमीशन बिहार चुनाव की तारीखों का ऐलान कर सकता है.
दोपहर 12.30 बजे इलेक्शन कमीशन बिहार चुनाव की तारीखों का ऐलान कर सकता है.

Bihar Election 2020 Date: सूत्रों के मुताबिक आज दोपहर 12.30 बजे चुनाव आयोग बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election 2020) की तारीखों का ऐलान कर सकता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 25, 2020, 10:07 AM IST
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पटना. बिहार में होने वाले आगामी चुनावों (Bihar Assembly Election 2020) को लेकर एक बड़ी खबर आ रही है. सूत्रों के मुताबिक चुनाव आयोग (Election Commission) शुक्रवार को बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर सकता है. बताया जा रहा है कि शुक्रवार को दोपहर 12.30 बजे इलेक्शन कमीशन तारीखों का ऐलान कर बिहार चुनाव को रफ्तार देगा. देशभर में फैली महामारी की वजह से विपक्षी पार्टियां चुनाव को टालने की बात कह रही थीं. यही नहीं नीतीश सरकार की सहयोगी पार्टी ने जुलाई में चुनाव आयोग को चिट्ठी लिखकर चुनाव टालने तक का निवेदन कर दिया था. पार्टी ने कहा था कि कोरोना के संक्रमण के डर के दौरान इतने बड़े पैमाने पर चुनाव कराना सुरक्षित नहीं होगा.

वहीं चुनाव से पहले बिहार कि राजनीती में उठापटक चालू है. पटना में में गुरुवार को आयोजित रालोसपा की एक आपात बैठक के दौरान उपेंद्र कुशवाहा ने संबोधन में कहा कि हमलोग पूरी मजबूती के साथ रहे हैं और आगे भी रहते, लेकिन राजद ने जिस नेतृत्व (तेजस्वी प्रसाद यादव) को खड़ा किया है उसके पीछे खड़े रहकर प्रदेश में परिवर्तन लाना संभव नहीं.

उन्होंने कहा, 'सीटों का मामला आज भी हमारे बहुत महत्वपूर्ण नहीं है, लेकिन बिहार की जनता चाहती है कि नेतृत्व ऐसा हो जो नीतीश कुमार के सामने ठीक से खड़ा हो सके. इतनी आकांक्षा और अपेक्षा जरूर थी. अगर अभी भी राजद अपना नेतृत्व परिवर्तन कर ले तो मैं अपने लोगों को समझा लूंगा.'



बता दें कि राजद ने एकतरफा निर्णय लेते हुए बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता और पार्टी प्रमुख लालू प्रसाद के राजनीतिक उत्तराधिकारी माने जाने वाले तेजस्वी प्रसाद यादव को आसन्न बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर पेश किया है.
रालोसपा की बैठक में पार्टी नेताओं ने एकतरफा फैसले लेने की प्रवृत्ति के लिए राजद को खारिज किया और महागठबंधन को विघटन के कगार पर लाने के लिए उसे दोषी ठहराया. पार्टी सूत्रों के मुताबिक  रालोसपा नेता, जदयू के साथ लगातार संपर्क में हैं. रालोसपा को महागठबंधन से बाहर निकलना और राजग में वापसी एक औपचारिकता मात्र रह गयी है.
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