Bihar Assembly Election 2020:‌ कभी कांग्रेस का गढ़ थी बाढ़ की सीट, आज JDU और BJP का है वर्चस्व

बाढ़ सीट से पिछले चुनावों में बीजेपी के टिकट पर ज्ञानेंद्र सिंह जीते थे, (सांकेतिक फोटो)
बाढ़ सीट से पिछले चुनावों में बीजेपी के टिकट पर ज्ञानेंद्र सिंह जीते थे, (सांकेतिक फोटो)

तीन बार बाढ़ सीट से विधायक रह चुके ज्ञानेंद्र कुमार सिंह का जादू क्या इस बार भी चलेगा ये कहना तो मुश्किल है लेकिन जेडीयू (JDU) और बीजेपी (BJP) की इस पक्की मानी जाने वाली सीट पर मुकाबला रोचक होगा इसमें कोई दोराय नहीं है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 26, 2020, 7:49 PM IST
  • Share this:
पटना. बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) को लेकर जो सीटें ऐसी हैं जो किसी पार्टी की पक्की मानी जाती हों उनमें से एक है बाढ़. कभी कांग्रेस का गढ़ मानी जाने वाली बाढ़ सीट आज जेडीयू और बीजेपी की पक्की सीटों में से एक मानी जाती है. हालांकि कोरोना काल के चलते कुछ राजनीतिक बदलाव भी इस सीट पर संभव दिख रहे हैं. इस सीट से बीजेपी के विधायक ज्ञानेंद्र कुमार सिंह तीन बार विधायक रह चुके हैं और पिछले चुनावों में ही उन्होंने जदयू का दामन छोड़ बीजेपी का थामा था. हालांकि इस बार माहौल कुछ ऐसा है कि लोगों में स्‍थानीय विधायक को लेकर कुछ नाराजगी भी है. ऐसे में ये देखना रोचक होगा कि क्या बाढ़ सीट पर राजनीतिक समीकरण बदलेंगे.

लंबे समय कांग्रेस का दबदबा
शुरुआत के समय में बाढ़ मुंगेर का हिस्सा थी, इस दौरान यहां पर कांग्रेस का दबदबा माना जाता था. हालांकि बाढ़ सीट 1951 में ही बन गई. सीट बनने के लंबे समय बाद 1990 से यहां पर जनता दल की कुछ हनक दिखने लगी. इसके बाद जदयू ने इस सीट पर कब्जा जमाया. जदयू के एनडीए का हिस्सा बन जाने के बाद लगातार लोगों का भरोसा इन्हीं पर रहा है. आखिरी तीन चुनावों की बात की जाए तो यहां पर ज्ञानेंद्र ‌सिंह ही जीतते आ रहे हैं.

भूमिहार और राजपूत वोटरों की संख्या ज्यादा
मोकामा की तरह यहां पर भी भूमिहार वोटरों का खासा रुतबा है. इसी कारण से हर राजनीतिक पार्टी यहां पर अपने उम्मीदवार के तौर पर भूमिहार को ही उतारती आई है. हालांकि राजपूत वोटरों की संख्या भी यहां पर काफी अधिक है. जदयू का दामन छोड़ बीजेपी में आए ज्ञानेंद्र सिंह ने पिछले चुनावों में भी इस सीट पर जीत दर्ज की थी.



लालू-नीतीश की नजदीकी पसंद नहीं
जब लालू और नीतीश कुमार साथ आए तो नीतीश के करीबी माने जाने वाले ज्ञानेंद्र सिंह ने बीजेपी का दामन थाम लिया और विधानसभा चुनाव को जीता. इससे पहले 2005 और 2010 में वे जदयू के टिकट पर इसी सीट से चुनाव लड़ते आए हैं और जीते भी हैं. पिछले चुनावों की बात की जाए तो जदयू ने ज्ञानेंद्र सिंह का मुकाबला करने के लिए मनोज कुमार को मैदान में उतारा था. इस दौरान ज्ञानेंद्र को 63 हजार वोट मिले थे और मनोज को 55 हजार पर ही संतुष्ट होना पड़ा था.

चार पंचायत और चार ब्लॉक
बाढ़ विधानसभा क्षेत्र में चार पंचायत और करीब इतने ही ब्लॉक आते हैं. ऐसे में ये चुनावी नतीजों को पलटने में कारगर हो सकते हैं. वहीं बात की जाए वोटरों की तो यहां पर करीब 1.34 लाख पुरुष और 1.11 लाख महिला वोटर मौजूद हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज