Bihar Election: बीजेपी से एकतरफा इश्क करने वाले चिराग पासवान की रणनीति आखिर क्या है?

चिराग पासवान बिहार चुनाव में जेडीयू के खिलाफ लगातार हमलवार हैं.
चिराग पासवान बिहार चुनाव में जेडीयू के खिलाफ लगातार हमलवार हैं.

बिहार में चिराग पासवान (Chirag Paswan) का सबसे बड़ा वोट बैंक पासवान बिरादरी माना जाता है जिसकी आबादी 5 प्रतिशत है. चिराग पासवान सार्वजनिक तौर पर ये कहते रहे कि उन्होंने अकेले चुनाव लड़ने का जो कदम उठाया है, उसके बारे में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) को विस्तार से बताया था

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 19, 2020, 2:22 PM IST
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सुमित झा

पटना. कभी रील लाइफ में आशिक बनकर ठुमके लगाने वाले चिराग पासवान (Chirag Paswan) इन दिनों रियल लाइफ में भी बिहार की सियासत के एकतरफा आशिक बने हुए हैं. नीतीश कुमार का दिल तोड़ एनडीए (NDA) से नाता तोड़ लिया, लेकिन पीएम मोदी से दिल लगाए बैठे हैं. चिराग पासवान का कहना है हनुमान की तरह उनके दिल में पीएम मोदी की तस्वीर बसती है, मौका मिला तो सीना चीर कर दिखा दूंगा. यहां तक कि चिराग पासवान ने 10 नवंबर को चुनावी नतीजे आने के बाद बीजेपी की अगुआई में बीजेपी और एलजेपी की सरकार बनने का दावा तक कर दिया. हालांकि एकतरफा आशिक की तर्ज पर पीएम मोदी से प्रेम का राग अलापने वाले चिराग को बीजेपी थोड़ा भी भाव देने के मूड में नहीं है.

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने चिराग पासवान को दू टूक शब्दों में साफ कह दिया कि बीजेपी को जेडीयू से ज्यादा सीटें आई, तब भी नीतीश कुमार ही सीएम बनेंगे. नीतीश की अगुआई में ही बिहार में सरकार बनेगी, और बिहार में दो तिहाई बहुमत से एनडीए चुनाव जीतेगा. नेटवर्क 18 को दिए Exclusive interview में अमित शाह ने ये बड़ा बयान दिया है. बीजेपी के दो बड़े नेता प्रकाश जावड़ेकर और बिहार प्रभारी भूपेंद्र यादव ने भी सीधे-सीधे चिराग पासवान की पार्टी एलजेपी को वोटकटवा तक करार दिया और किसी भ्रम में नहीं रहने और ना ही भ्रम फैलाने की चेतावनी तक दे डाली.



बीजेपी चिराग पासवान को वोटकटवा तक करार दे रही है, लेकिन इसे चिराग का एकतरफा इश्क ही कहेंगे कि वो बीजेपी नेताओं के बयान के पीछे नीतीश के दबाव को वजह बताते हैं. चिराग की मानें तो बीजेपी नेताओं से नीतीश ऐसी भाषा बुलवा रहे हैं. बीजेपी को लेकर चिराग का एकतरफा इश्क है, तो दावा भी कि बीजेपी और पीएम मोदी से वही सच्ची मोहबब्त करते हैं. नीतीश ने तो सिर्फ धोखा ही दिया है, इसीलिए उन्हें पीएम मोदी की तस्वीर लगाने की जरूरत ज्यादा है, ज़ाहिर है चिराग बीजेपी और पीएम मोदी से एकतरफा इश्क का इजहार करते हैं, तो नीतीश पर तीखा वार लेकिन सवाल है कि ऐसा करने के पीछे आखिर चिराग की मंशा क्या है.
आखिर चिराग पासवान की रणनीति क्या है और बीजेपी नेताओं को चिराग पर हमलावर क्यों होना पड़ा.
दरअसल चिराग पासवान सार्वजनिक तौर पर ये कहते रहे कि उन्होंने अकेले चुनाव लड़ने का जो कदम उठाया है, उसके बारे में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष JP नड्डा को विस्तार से बताया था, ऐसे में बीजेपी नेताओं को लगने लगा कि इसका एक गलत संदेश जमीनी स्तर पर जाएगा और बीजेपी का वोट एलजेपी को ट्रांसफर हो सकता है, इसलिए वो तत्काल डैमेज कंट्रोल में जुट गए और चिराग पासवान के ख़िलाफ़ आक्रामक तेवर अपनाया, हालांकि बीजेपी की ओर से चिराग पर तल्ख टिप्पणी के बाद भी चिराग खुद को पीएम मोदी का हनुमान बताकर बीजेपी-एलजेपी की सरकार बनने का दावा करते रहे.

दरअसल चिराग की रणनीति मतदाताओं पर मनोवैज्ञानिक तौर पर असर डालने की है. चिराग पासवान वोटरों के बीच ये संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि बीजेपी नेताओं के तमाम बयान नीतीश के कहने पर आ रहे हैं। जबकि पीएम मोदी और बीजेपी उनके साथ है। चिराग की रणनीति है कि मोदी को लेकर प्रेम का इजहार कर एलजेपी के पक्ष में वोट बटोरा जाए. बीजेपी की अगुआई में बीजेपी-एलजेपी की सरकार बनाने के दावे भी इसी रणनीति के तहत है. रामविलास पासवान के निधन के बाद पासवान के सहानुभूति वोट भी एलजेपी के पक्ष में जा सकते हैं वहीं नीतीश के खिलाफ बोलने से पासवान जाति के वोट नीतीश से छिटककर एलजेपी या बीजेपी के पक्ष में जा सकते हैं.

बिहार में पासवान समुदाय की संख्या 5 फीसदी है जो अब तक रामविलास पासवान के साथ ही रहा है और रामविलास पासवान के कहने पर सहयोगी पार्टी को ट्रांसफर होता रहा है, देखना होगा चिराग पासवान की रणनीति जमीनी स्तर पर कितना कामयाब होती है और क्या 2005 में अपने पिता रामविलास पासवान की तरह चिराग पासवान सत्ता की चाबी लेकर किंगमेकर बन पाते हैं ?
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