Bihar Election 2020: BJP-JDU के बीच 50-50 सीटों का बंटवारा! बाकी घटक दलों के लिए होगा यह फॉर्मूला
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Bihar Election 2020: BJP-JDU के बीच 50-50 सीटों का बंटवारा! बाकी घटक दलों के लिए होगा यह फॉर्मूला
विपक्षी पार्टियों के विरोधों के बावजूद निर्वाचन आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव अपने समय पर करवाने की बात कही है (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Bihar Assembly election 2020: बिहार विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आता जा रहा है, इस बात पर चर्चा तेज होती जा रही है कि किस गठबंधन के किस घटक दल को कितनी सीटें मिलेंगी. बिहार में एनडीए के अभी तीन घटक दल हैं- जेडीयू, बीजेपी और एलजेपी. इसमें मांझी के शामिल होने की अटकलों से ये बहस और रोचक हो गई है.

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  • Last Updated: August 31, 2020, 11:34 PM IST
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पटना. बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election 2020) के गहमागहमी के बीच बात अब सीट बंटवारे की होने लगी है. एनडीए गठबंधन (NDA Coalition) के दो महत्वपूर्ण घटक दल जनता दल युनाइटेड (JDU) और बीजेपी के बीच में सीटों के बंटवारे (Seat Sharing) को लेकर 50-50 का फॉर्मूला बनाया जा रहा है. सूत्रों की मानें तो जिस घटक दल के सहयोगी दल हैं वो उनको अपने कोटे से निपटाए. जानकार भी मानते हैं इस फॉर्मूले पर बात चल रही है. हालांकि नेता इस पर कुछ भी खुलकर बोल नहीं रहे हैं. उनका कहना है कि शीर्ष नेतृत्व सबकुछ कुछ आसानी से तय कर लेगा.

बिहार बीजेपी के नेता संजय पासवान पूर्व में केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं और वर्तमान में पार्टी से विधान परिषद के सदस्य हैं. उन्होंने कहा कि बिहार में एनडीए के बीच सीटों का बंटवारा लोकसभा चुनाव के आधार पर हो या फिर 50-50 का बंटवारा हो. इसके अलावा जो घटक दल हैं वो जिस पार्टी के साथ कंफर्टेबल हैं, वो उनको संतुष्ट करें. मसलन बीजेपी चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) को अपने कोटे से संतुष्ट करें. तो वही जेडीयू जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) अपने कोटे से संतुष्ट करे. यानी जेडीयू बीजेपी आधे-आधे सीटों का बंटवारा कर लें.

सीट बंटवारे का मुद्दा शीर्ष नेतृत्व तय करेगा 



संजय पासवान के इस फॉर्मूले को एनडीए के दोनों घटक दलों (बीजेपी-जेडीयू) के नेता नकारते नहीं हैं. लेकिन इतना जरूर कहते हैं कि शीर्ष नेतृत्व इस बात को तय करेगा कि सीटों का बंटवारा किस फॉर्मूले के तहत होगा. हालांकि बीजेपी के वरिष्ठ नेता और नीतीश सरकार में मंत्री प्रेम कुमार कहते हैं कार्यकर्ताओं की भावनाओं का ख्याल जरूर रखा जाएगा. वहीं जेडीयू की प्रवक्ता अंजुम आरा कहती हैं कि सब कुछ बेहतर तरीके से हो जाएगा. जेडीयू और बीजेपी का नेचुरल अलाइंस है. बड़े नेता जब बैठेंगे तो सब ठीक हो जाएगा.
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बिहार की राजनीति पर नजर रखने वालों के मुताबिक बीजेपी और जनता दल युनाइटेड के बीच 50-50 फॉर्मूले के तहत बात बन सकती है (फाइल फोटो)


2015 और 2020 में परिस्थिति बदल चुकी है

जानकारों का भी मानना है कि बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में एनडीए में सीटों के बंटवारे को लेकर पेंच फंसने वाला है. वरिष्ठ पत्रकार रवि उपाध्याय कहते हैं कि लोकसभा चुनाव 2019 की परिस्थितियां अलग थी. लेकिन आने वाले विधानसभा चुनाव की परिस्थिति अलग है. पिछले विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार महागठबंधन के साथ थे. इस बार वो एनडीए में हैं. अब फॉर्मूला आधे-आधे पर फिक्स हो सकता है. उन्होंने संजय पासवान के फॉर्मूले को सही ठहराया और कहा कि इस पर बात तय हो सकती है.



जीतनराम मांझी का एनडीए गठबंधन में इंतजार 

दरअसल जैसे-जैसे बिहार विधानसभा चुनाव नजदीक आता जा रहा है, इस बात पर चर्चा तेज होती जा रही है कि किस गठबंधन के किस घटक दल को कितनी सीटें मिलेंगी. बिहार में एनडीए के अभी तीन घटक दल हैं- जेडीयू, बीजेपी और एलजेपी. मगर अब जीतन राम मांझी से जेडीयू की लगातार बातचीत हो रही है जिससे यह माना जा रहा है कि जीतन राम मांझी जल्द ही एनडीए के साथ आ जाएंगे. ऐसे में सीट बंटवारे में किस तरह का फॉर्मूला फिट बैठता है यह तो दलों के बड़े नेता बताएंगे. लेकिन फिलहाल जो कयास लग रहे हैं उसमें 50-50 का फॉर्मूला मजबूत दिख रहा है.
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