महागठबंधन में CM पद के लिए तकरार, लेकिन एकजुटता के अलावा कोई विकल्प नहीं

News18 Bihar
Updated: September 6, 2019, 4:06 PM IST
महागठबंधन में CM पद के लिए तकरार, लेकिन एकजुटता के अलावा कोई विकल्प नहीं
नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले बीजेपी-जेडीयू गठबंधन को चुनौती देने के लिए महागठबंधन के पास एकजुट होने के अलावा कोई विकल्प भी नहीं है. (फाइल फोटो)

बिहार महागठबंधन (Grand Alliance) में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) समेत कुल पांच पार्टियां हैं, जिसमें कांग्रेस (Congress), हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM), राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP) और विकासशील इंसान पार्टी (VIP) शामिल है.

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(अशोक मिश्र)


पटना: अगले साल होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election 2020) के लिए महागठबंधन (Grand Alliance) में मुख्यमंत्री उम्मीदवार को लेकर अबतक कोई सहमति नहीं बन पाई है. अगर 2020 में महागठबंधन बिहार (Bihar) में सत्ता में आता है तो उसके पास मुख्यमंत्री पद के लिए चार मजबूत उम्मीदवार हैं. हाल में हुई एक बैठक में भी महागठबंधन के पांच सहयोगी ये तय नहीं कर पाए कि सीएम नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के नेतृत्व वाले जेडीयू-बीजेपी (BJP-JDU) गठबंधन को टक्कर कौन देगा.

महागठबंधन (Grand Alliance) में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) समेत कुल पांच पार्टियां हैं, जिसमें कांग्रेस (Congress), हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM), राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP) और विकासशील इंसान पार्टी (VIP) भी शामिल हैं. किशनगंज से यदि कांग्रेस की जीत छोड़ दी जाए तो महागठबंधन का कोई भी दल लोकसभा चुनाव में सीट नहीं जीत सका.

'पहले एनडीए करे अपने नेता का ऐलान'
वहीं आरजेडी ने पहले से ही तेजस्वी यादव को अपना मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित कर रखा है. आरजेडी की कोशिश है कि महागठबंधन भी तेजस्वी को मुख्यमंत्री उम्मीदवार के रूप में स्वीकार करे. हालांकि गठबंधन के नेता तेजस्वी को सीएम चेहरा के रूप में स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं.

हम प्रमुख और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी खुद मुख्यमंत्री पद के लिए मजबूत उम्मीदवार हैं. उन्होंने कहा, 'कोई जल्दबाजी नहीं है. एनडीए ने भी अभी स्पष्ट नहीं किया है कि वो नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ेंगे. पहले एनडीए को फैसला करने दीजिए. हम अपने नेता का ऐलान बाद में करेंगे.'
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आरजेडी की जीतन राम मांझी को चेतावनी
एक तरफ मांझी सीएम चेहरा को लेकर इंतजार की बात कर रहे हैं तो दूसरी तरफ वो एनडीए और महागठबंधन के खिलाफ थर्ड फ्रंट (तीसरा मोर्चा) बनाने की कोशिश भी कर रहे हैं. इसके लिए हाल ही में वो पप्पू यादव से मिले थे. मांझी और पप्पू यादव बागियों से भी थर्ड फ्रंट में शामिल होने के लिए बातचीत कर रहे हैं.

जीतन राम मांझी के सीएम बनने के सपने को आरजेडी नेता शिवानंद तिवारी खारिज करते हैं. वो कहते हैं कि मांझी बहुत जल्दबाजी में हैं. वो नेतृत्व को लेकर जनता के बीच चर्चा कर रहे हैं. तिवारी कहते हैं, 'अगर उन्हें कोई सलाह देनी है या कोई शिकायत है तो वो खुलेआम बोलने की बजाय गठबंधन के बीच अपनी बात रखें.'

कांग्रेस तेजस्वी के साथ जाने को तैयार नहीं
दूसरी तरफ कांग्रेस भी आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के नेतृत्व में चुनाव लड़ने को लेकर इच्छुक नहीं दिखती. लोकसभा चुनाव 2019 के तुरंत बाद बिहार कांग्रेस के नेताओं ने आगामी विधानसभा चुनाव में अकेले जाने की बात कही थी. पार्टी की राष्ट्रीय पहचान और राज्य में अपनी खोई जमीन वापस पाने के लिए इसे जरूरी बताया था.

मजबूत विपक्ष की जरूरत
हाल में हुए महागठबंधन की बैठक में भले ही सीएम चेहरा को लेकर सहमति नहीं बनी हो लेकिन आने वाले चुनाव में सत्ता पक्ष को मजबूती से चुनौती देने को लेकर सभी दल एकमत जरूर हैं. आरजेडी भी चुनौतियों को देखते समझौते को लेकर खुली है. वैसे भी दो महीने बाद राज्य में होने वाले उपचुनाव के नतीजे महागठबंधन के भविष्य को बताने के लिए काफी महत्वपूर्ण होने वाले हैं.

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First published: September 6, 2019, 3:38 PM IST
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